फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Labor codes are anti-labor: Munesh Tyagi

श्रम संहिताएं मजदूर विरोधी : मुनेश त्यागी

Fri, 13 Feb 2026 02:47 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 13 Feb 2026 02:47 AM IST
विज्ञापन
Labor codes are anti-labor: Munesh Tyagi
मेरठ..कंवलजीत..मज़दूर कोड रद्द करने की मांग को लेकर कमिश्नरी पार्क में प्रदर्शन करते राज्य कर्मच
जनवादी लेखक संघ ने मजदूर आंदोलन के समर्थन में राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा और प्रदर्शन किया। संगठन ने अखिल भारतीय मजदूर आंदोलन का समर्थन किया। अध्यक्ष मुनेश त्यागी ने चार श्रम संहिताओं को मजदूर विरोधी बताते हुए तत्काल रद्द कराने की मांग की।
विज्ञापन

अध्यक्ष मुनेश त्यागी ने कहा कि संगठन का कहना है कि ये संहिताएं पूंजीपतियों के मुनाफे के लिए लाई गईं। ज्ञापन में कहा गया कि पुराने श्रम कानून ठीक थे लेकिन बिना यूनियनों से सलाह लिए नए कानून लाए गए। इससे ठेका प्रथा बढ़ेगी, यूनियन बनाना कठिन होगा और हक मांगने वालों को नौकरी से निकाला जाएगा। किसानों को एमएसपी न देकर और मनरेगा खत्म कर गरीबों पर हमला किया जा रहा है।
विज्ञापन

सहसचिव मंगल सिंह मंगल ने कहा कि न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये होना चाहिए। ठेका प्रथा और निजीकरण बंद किया जाए। इसके साथ ही अस्थायी कर्मियों को स्थायी करें। कोषाध्यक्ष धर्मपाल सिंह मित्रा ने कहा कि न्यूनतम पेंशन 10 हजार रुपये होनी चाहिए। सभी को पुरानी पेंशन और सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। असलम खान ने कहा विद्युत नियम का यूपी में निजीकरण नहीं होना चाहिए। किसानों को फसल का सही दाम मिलना चाहिए। नाथी सिंह ने कहा कि मुफ्त शिक्षा और अस्पताल में इलाज फ्री होना चाहिए। रामचरण सिंह ने कहा कि सभी को स्थाई रोजगार मिले। धर्मवीर चंदेल ने महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से कदम उठाने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed