फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Kumbh Mela 2019: Bijnor district Cows Ghee Dung will be taken to Mahakumbh

कुंभ मेला2019: बिजनौर जिले की गायों के घी, गोबर व कंडों से और पवित्र होगा महाकुंभ 

Tue, 08 Jan 2019 04:16 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 08 Jan 2019 04:16 PM IST
विज्ञापन
Kumbh Mela 2019: Bijnor district Cows Ghee Dung will be taken to Mahakumbh
bijnor news
बिजनौर जिले की देशी गाय के घी, गोमूत्र से बने अर्क व गोबर से बने कंडों से महाकुंभ का वातावरण और पवित्र होगा। महाकुंभ में जूना अखाड़ा के एक दिन के यज्ञ में प्रयोग होने वाला घी व गोबर के कंडे(उपले) जिले से ही जाएंगे। इसके लिए अखाड़े की महामंडलेश्वर श्री योग योगेश्वरी यति ने बिजनौर की श्रीकृष्ण गोशाला से संपर्क किया है, यानि बिजनौर की देशी गायों के कंडों से महाकुंभ का वातावरण और पवित्र व धार्मिक होगा। 
विज्ञापन


गायत्री, गंगा और गाय को भारतीय संस्कृति का सार माना जाता है। इस साल गंगा किनारे महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। महाकुंभ के लिए गंगा को बहुत निर्मल किया गया है। हर जिले में गंगा में पानी डालने वाली औद्योगिक इकाइयों को भी बंद किया जा हा रहा है।
विज्ञापन

गंगा किनारे हजारों साधु-महात्माओं के शिविर भी लगाए जा रहे हैं। गंगा किनारे देशी गाय के घी, गोबर से बने कंडों से गायत्री मंत्र का जाप कर और पवित्र किया जाएगा। जिले में भी गोशालाओं पर देशी गाय हैं। इनमें नगीना में बनी श्रीकृष्ण गोशाला पर देशी गाय को अनेक उत्पादों से जोड़ा गया है।

यहां पर देशी प्रजाति की लाल सिंधी गाय हैं। इन गायों के दूध से घी बनाया जाता है। इसके अलावा गाय के गोबर से कंडे व गोमूत्र से अर्क बनाया जाता है। यह सारा सामान प्रयागराज में लगने वाले महाकुंभ में भेजा जाएगा।

महाकुंभ में जूना अखाड़ा की महामंडलेश्वर श्री योग योगेश्वरी यती ने इसके लिए गोशाला संचालक अलका लाहोटी से कहा है। कुछ माह पहले जूना अखाड़ा की महामंडलेश्वर योग योगेश्वरी यति जिले में आई थीं तो उन्होंने गोशाला का भ्रमण किया था। गोशाला में देशी गाय के संवर्धन को देखकर वे काफी प्रभावित हुईं थीं। 

ऐसे बनता है गोमूत्र का अर्क 
गोमूत्र के अर्क को बहुत प्रभावी औषधि माना जाता है। एक मटके में 75 प्रतिशत गोमूत्र भरा जाता है और 25 प्रतिशत मटका खाली रहता है। मटके के नीचे आग जलाकर गोमूत्र को गर्म किया जाता है। मटके के ऊपर ठंडे पानी से भरा छोटा मटका होता है। इसे शीतयंत्र कहते हैं। विशेष बनावट के कारण यह महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में ही बनता है। गोमूत्र जब भाप बनकर ऊपर उठता है तो वह शीतयंत्र में जाता है। यहां पर भाप फिर से पानी बन जाता है। इस पानी को अर्क कहा जाता है। इस अर्क का सेवन साधु-महात्मवा व श्रद्धालु करेंगे। 

लगेंगे स्टॉल 
जूना अखाड़े में देशी गाय के प्रति श्रद्धालुओं को जागरूक करने के लिए स्टॉल आदि भी लगाया जाएगा। इसमें श्रद्धालुओं को देशी गाय के लाभ के बारे में बताया जाएगा। 

भेजवा रहे कंडे: अलका लाहोटी 
श्रीकृष्ण गोशाला की संचालक अलका लाहोटी के अनुसार जूना अखाड़े ने उनसे कंडे, देशी घी, अर्क आदि देने को कहा है। वे सारा सामान वहां भेजी जा रही हैं। इसके लिए महामंडलेश्वर श्री योग योगेश्वरी यति से सामग्री आदि के बारे में पता कर रही हैं। 

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed