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कुलपति को टारगेट करने के लिए रची साजिश
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Feb 2018 01:55 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एमबीबीएस का पेपर आउट कराने के पीछे साजिश सामने आ रही है। सहारनपुर मेडिकल कॉलेज के टॉयलेट में पेपर वाले कई सवाल कागज में लिखे मिले हैं। क्योंकि इस बार कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने मेडिकल कॉलेजों में चल रहे नेटवर्क को तोड़ दिया। ऐसे में कुलपति को टारगेट करने के लिए ये पूरा प्रकरण रचा गया। इस सारे मामले में सपा के एक छात्र नेता का नाम भी चर्चाओं में आ गया है।
मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस और दूसरे कोर्सों में सेंटरों को लेकर शुरुआत से ही एक लॉबी हावी रही है। तमाम कुलपति रहे लेकिन इन कॉलेजों के सेंटर बदले नहीं गए। सूत्रों की मानें तो पहले कितने भी दावे किए गए हों लेकिन मेडिकल परीक्षाओं में एक बड़ा वर्ग पेपर आउट और नकल कराने में हमेशा कामयाब हुआ है। इस बार कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने इस व्यवस्था में बदलाव कर दिया। कई कॉलेजों के डीन बदल दिए। प्राइवेट कॉलेजों का सेंटर एडेड कॉलेजों में बना दिया गया। परीक्षाएं शुरू हुईं तो एमबीबीएस परीक्षाओं के माफिया बैचेन हो गए। और फिर एक बड़ी साजिश के तहत पेपर आउट करा दिया गया। इसमें एक सपा के छात्र नेता की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है। ये छात्र नेता पहले दूसरे दल से विश्वविद्यालय कैंपस का अध्यक्ष रह चुका है। सूत्रों के मुताबिक ये छात्र नेता मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज के छात्रों के संपर्क में था। इसी के पेपर बेचे जाने की भी चर्चा हो रही है। मामले में डॉक्टरों का भी एक रैकेट काम कर रहा है। बुलंदशहर निवासी कैंपस के एक पूर्व छात्र का नाम रैकेट से जुड़ रहा है। ये छात्र एक समय कैंपस में कॉलेजों के काम कराने का ठेका लेता था।
पुलिस ने आइटी एक्ट में किया मुकदमा दर्ज
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक नारायण प्रसाद ने इस मामले में मेडिकल थाने में जो तहरीर दी है उसमें पूरे प्रकरण की जानकारी देने वाले छात्रनेता का भी मोबाइल नंबर डाल दिया गया है। छात्रनेता ने इस पर एतराज जताया है। मेडिकल पुलिस ने मामले को 66 आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया है। मामला आईटी एक्ट का है इसलिए पहला पर्चा कटने के बाद पूरे मामले की जांच क्राइम ब्रांच को जाएगी।
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छात्रों ने फूंके पुतले
इस मामले को लेकर सपा नेता अतुल प्रधान के नेतृत्व में छात्रों ने विवि प्रशासन की लापरवाही बताते हुए पुतला फूंका। विश्वविद्यालय बचाओ मोर्चा की तरफ से छात्र नेता मनीष सिंह, सूरज बालियान, अमरीश बालियान, रोहित नानपुर, अक्षय बालियान, विपिन डागर और दिनेश आदि ने अभी तक जयश्री कॉलेज पर कार्रवाई नहीं करने और मान्यता देने वाले शिक्षकों के नाम उजागर नहीं करने पर विवि प्रशासन का पुतला फूंका।
समिति पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस भी जांच कर रही है। बहुत जल्द समिति की तरफ से रिपोर्ट दे दी जाएगी। सभी पहलुओं को देखा जा रहा है। - प्रो. एचएस सिंह, प्रो वाइस चांसलर
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मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस और दूसरे कोर्सों में सेंटरों को लेकर शुरुआत से ही एक लॉबी हावी रही है। तमाम कुलपति रहे लेकिन इन कॉलेजों के सेंटर बदले नहीं गए। सूत्रों की मानें तो पहले कितने भी दावे किए गए हों लेकिन मेडिकल परीक्षाओं में एक बड़ा वर्ग पेपर आउट और नकल कराने में हमेशा कामयाब हुआ है। इस बार कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने इस व्यवस्था में बदलाव कर दिया। कई कॉलेजों के डीन बदल दिए। प्राइवेट कॉलेजों का सेंटर एडेड कॉलेजों में बना दिया गया। परीक्षाएं शुरू हुईं तो एमबीबीएस परीक्षाओं के माफिया बैचेन हो गए। और फिर एक बड़ी साजिश के तहत पेपर आउट करा दिया गया। इसमें एक सपा के छात्र नेता की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है। ये छात्र नेता पहले दूसरे दल से विश्वविद्यालय कैंपस का अध्यक्ष रह चुका है। सूत्रों के मुताबिक ये छात्र नेता मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज के छात्रों के संपर्क में था। इसी के पेपर बेचे जाने की भी चर्चा हो रही है। मामले में डॉक्टरों का भी एक रैकेट काम कर रहा है। बुलंदशहर निवासी कैंपस के एक पूर्व छात्र का नाम रैकेट से जुड़ रहा है। ये छात्र एक समय कैंपस में कॉलेजों के काम कराने का ठेका लेता था।
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पुलिस ने आइटी एक्ट में किया मुकदमा दर्ज
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक नारायण प्रसाद ने इस मामले में मेडिकल थाने में जो तहरीर दी है उसमें पूरे प्रकरण की जानकारी देने वाले छात्रनेता का भी मोबाइल नंबर डाल दिया गया है। छात्रनेता ने इस पर एतराज जताया है। मेडिकल पुलिस ने मामले को 66 आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया है। मामला आईटी एक्ट का है इसलिए पहला पर्चा कटने के बाद पूरे मामले की जांच क्राइम ब्रांच को जाएगी।
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छात्रों ने फूंके पुतले
इस मामले को लेकर सपा नेता अतुल प्रधान के नेतृत्व में छात्रों ने विवि प्रशासन की लापरवाही बताते हुए पुतला फूंका। विश्वविद्यालय बचाओ मोर्चा की तरफ से छात्र नेता मनीष सिंह, सूरज बालियान, अमरीश बालियान, रोहित नानपुर, अक्षय बालियान, विपिन डागर और दिनेश आदि ने अभी तक जयश्री कॉलेज पर कार्रवाई नहीं करने और मान्यता देने वाले शिक्षकों के नाम उजागर नहीं करने पर विवि प्रशासन का पुतला फूंका।
समिति पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस भी जांच कर रही है। बहुत जल्द समिति की तरफ से रिपोर्ट दे दी जाएगी। सभी पहलुओं को देखा जा रहा है। - प्रो. एचएस सिंह, प्रो वाइस चांसलर