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क्रांति धरा पर पहले भी संघ रच चुका है इतिहास  

Fri, 23 Feb 2018 02:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 23 Feb 2018 02:07 AM IST
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kranti dhara par pehle bhi sang rach chuka itihaas
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ 25 फरवरी को क्रांति धरा मेरठ पर नया इतिहास रचने जा रहा है। एक ही गणवेश में तीन लाख से ज्यादा स्वयंसेवकों का समागम संघ के इतिहास में नहीं बल्कि विश्व के इतिहास में एक ऐसा आयोजन होगा, जहां एक ड्रेस में इतनी बड़ी संख्या में किसी संगठन के स्वयंसेवक एकत्र हुए हों। लेकिन ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। एक इतिहास संघ 19 साल पहले इसी क्रांति धरा पर पहले भी रच चुका है। इसे भी अभी तक याद किया जाता है। 
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना सन 1925 में हुई थी। तब इसकी पहली शाखा संघ के संस्थापक डॉ. केशवराव हेडेगवार के आवास पर लगी थी। तब से आज तक संघ ने अपना इतना विस्तार किया कि वर्तमान में संघ की देश में 69 हजार दैनिक, 14 हजार साप्ताहिक और आठ हजार मासिक शाखाएं लगती हैं। कुल मिलाकर एक माह में 81 हजार स्थानों पर संघ की शाखाओं का आयोजन होता है। यही नहीं विश्व के 41 देशों में भी संघ की 825 शाखाएं लगती हैं, जिसमें आश्चर्यजनक रूप से सबसे ज्यादा शाखाएं अमेरिका में लगती हैं, जिनकी संख्या 125 है। 
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गंगानगर में समरसता शिविर से रचा था इतिहास 
मेरठ प्रांत ने अब से पहले 28 मार्च 1998 को गंगानगर में तीन दिवसीय समरसता शिविर आयोजित किया था। यह शिविर तीन दिन और दो रात चला था। इस शिविर में 51 हजार स्वयंसेवक आए थे। रात-दिन आयोजित होने वाले शिविर में यह रिकॉर्ड संख्या थी। तब मेरठ प्रांत में उत्तराखंड भी शामिल था। इस शिविर की खास बात ये थी कि गंगानगर भी तब विकसित नहीं हुआ था और खाली मैदान था, जिसमें टैंट लगाकर स्वयंसेवकों ने प्रवास किया था। तब गंगानगर के बड़े भूभाग में तंबुओं का नगर बस गया था। दिन और रात के तीन दिन के शिविर में इतनी बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की संख्या और उसकी व्यवस्था आज भी संघ के इतिहास में दर्ज है।  
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पुणे में हीं इकट्ठा हुए थे सवा लाख स्वयंसेवक 
एक गणवेश में सबसे ज्यादा स्वयंसेवकों के समागम की अगर बात करें तो यह आयोजन 3 जनवरी 2016 को पुणे में आयोजित हुआ था। इस एक दिवसीय कार्यक्रम में सवा लाख स्वयंसेवक एकत्र हुए थे। लेकिन मेरठ प्रांत की क्रांति धरा पर इससे दोगुनी से ज्यादा संख्या में स्वयंसेवकों का एकत्रीकरण एक नया इतिहास रचने जा रहा है। 
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