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कोरोना: सालभर परेशान किया भरपूर... अब हो रहा दूर
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कोरोना: सालभर परेशान किया भरपूर... अब हो रहा दूर
- गिरावट की वजह नहीं समझ पा रहे विशेषज्ञ भी
- मेरठ- सहारनपुर मंडल में एक लाख से ज्यादा को हुआ कोरोना, 1138 की हुई मौत
अरीश रिजवी
मेरठ। करीब साल भर पहले देश में आए कोरोना वायरस ने देशवासियों की नींद और चैन उड़ा दिया था। समय बीतने के साथ ही वायरस के कम होते प्रभाव को विशेषज्ञ भी पूरी तरह नहीं समझ पा रहे हैं। वहीं, एक तरफ तो लोगों ने का अनुमान था कि सर्दी के मौसम में मरीजों की संख्या बढ़ेगी और गर्मी आते ही मरीज कम हो जाएंगे। लेकिन वायरस का असर इससे इतर ही मिला।
मार्च 2020 से शुरू हुए कोरोना काल के दौरान मेरठ- सहारनपुर मंडल के 10 जिलों में अब तक एक लाख 12 हजार 591 मरीज मिले हैं जिसमें 1138 की मौत हो गई। सबसे ज्यादा 407 मौत मेरठ जिले में हुई हैं, जबकि सबसे ज्यादा 26516 मरीज गाजियाबाद जिले में मिले हैं। मेरठ मंडल में 85939 मरीज मिले और 797 लोगों की मौत कि सहारनपुर मंडल में 26652 मरीज मिले और 341 लोगों की मौत हुई है।
कोरोना वायरस के मामलों में पिछले महीने से कुछ ज्यादा गिरावट देखी गई है। यह गिरावट सफर करने के प्रतिबंधों में ढील और दूसरे कामों के वापस सामान्य होना शुरू करने के बावजूद है। मेरठ में कोरोना का पहला केस 27 मार्च 2020 को मिला था। उसके बाद से लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती चली गई, लेकिन पिछले करीब डेढ़ माह से मरीजों की संख्या लगातार कम होती जा रही है।
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ
लोगों की दूसरों को संक्रमित करने की क्षमता कम हुई
कोरोना नया वायरस है, इसके स्वभाव के बारे में स्टडी चल रही है। फिलहाल यह कहा जा सकता है कि कोविड-19 से संक्रमित करीब 70 फीसदी लोग अब संक्रमण को दूसरे लोगों को नहीं पहुंचा रहे हैं। यह संभावना है कि लोग पहले संक्रमित हो गए थे और अब रोग प्रतिरोधक क्षमता बन गई है।
- डॉ सुधीर राठी, प्रभारी, कोविड अस्पताल मेडिकल
संक्रमण को फैलाने की क्षमता हुई कम
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ना कहें या वायरस का कमजोर होना। वजह चाहे जो हो, लेकिन बहुत थोड़े लोग बचे हैं जो दूसरों को वायरस का संक्रमण कर सकते हैं। कोरोना वायरस के गिरते मामलों के पीछे यहीं संभावित कारण हो सकते हैं। क्योंकि जांच पहले जितनी ही हो रही हैं।
- डॉ अखिलेश मोहन, सीएमओ
कुछ नहीं कह सकते, कोरोना की चाल क्या होगी
इसमें कोई दो राय नहीं है कि कोरोना के मरीज तेजी से घटे हैं। लेकिन अभी यह कहना कि कोरोना पूरी तरह से खत्म हो गया है, जल्दबाजी होगी। कोरोना की आगे किस तरह की चाल होगी, कुछ नहीं कह सकते हैं। कई देशों में यह फिर से बढ़ा है।
- डॉ अमित गर्ग, प्रभारी, माइक्रोबायोलॉजी लैब मेडिकल
लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी बढ़ गई है
प्रतिरोधक क्षमता धीरे-धीरे बढ़ती है। कोरोना को करीब एक साल हो गया है। ऐसे में लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ गई है। जब वायरस संक्रमण को फैला पाने की क्षमता नहीं रखते हैं, तो पॉजिटिव केस की नई संख्या घटती है।
- डॉ तुंगवीर सिंह आर्य, नोडल अधिकारी, कोविड अस्पताल मेडिकल
जिला मरीज मौत
गाजियाबाद 26516 102
गौतमबुद्ध नगर 25308 91
मेरठ 21315 407
बुलंदशहर 6181 93
हापुड़ 4316 68
बागपत 2293 36
सहारनपुर 9952 135
मुजफ्फरनगर 8727 111
बिजनौर 4346 64
शामली 3627 31
(यह आंकड़े उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट से लिए गए हैं।)
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- गिरावट की वजह नहीं समझ पा रहे विशेषज्ञ भी
- मेरठ- सहारनपुर मंडल में एक लाख से ज्यादा को हुआ कोरोना, 1138 की हुई मौत
अरीश रिजवी
मेरठ। करीब साल भर पहले देश में आए कोरोना वायरस ने देशवासियों की नींद और चैन उड़ा दिया था। समय बीतने के साथ ही वायरस के कम होते प्रभाव को विशेषज्ञ भी पूरी तरह नहीं समझ पा रहे हैं। वहीं, एक तरफ तो लोगों ने का अनुमान था कि सर्दी के मौसम में मरीजों की संख्या बढ़ेगी और गर्मी आते ही मरीज कम हो जाएंगे। लेकिन वायरस का असर इससे इतर ही मिला।
मार्च 2020 से शुरू हुए कोरोना काल के दौरान मेरठ- सहारनपुर मंडल के 10 जिलों में अब तक एक लाख 12 हजार 591 मरीज मिले हैं जिसमें 1138 की मौत हो गई। सबसे ज्यादा 407 मौत मेरठ जिले में हुई हैं, जबकि सबसे ज्यादा 26516 मरीज गाजियाबाद जिले में मिले हैं। मेरठ मंडल में 85939 मरीज मिले और 797 लोगों की मौत कि सहारनपुर मंडल में 26652 मरीज मिले और 341 लोगों की मौत हुई है।
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कोरोना वायरस के मामलों में पिछले महीने से कुछ ज्यादा गिरावट देखी गई है। यह गिरावट सफर करने के प्रतिबंधों में ढील और दूसरे कामों के वापस सामान्य होना शुरू करने के बावजूद है। मेरठ में कोरोना का पहला केस 27 मार्च 2020 को मिला था। उसके बाद से लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती चली गई, लेकिन पिछले करीब डेढ़ माह से मरीजों की संख्या लगातार कम होती जा रही है।
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ
लोगों की दूसरों को संक्रमित करने की क्षमता कम हुई
कोरोना नया वायरस है, इसके स्वभाव के बारे में स्टडी चल रही है। फिलहाल यह कहा जा सकता है कि कोविड-19 से संक्रमित करीब 70 फीसदी लोग अब संक्रमण को दूसरे लोगों को नहीं पहुंचा रहे हैं। यह संभावना है कि लोग पहले संक्रमित हो गए थे और अब रोग प्रतिरोधक क्षमता बन गई है।
- डॉ सुधीर राठी, प्रभारी, कोविड अस्पताल मेडिकल
संक्रमण को फैलाने की क्षमता हुई कम
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ना कहें या वायरस का कमजोर होना। वजह चाहे जो हो, लेकिन बहुत थोड़े लोग बचे हैं जो दूसरों को वायरस का संक्रमण कर सकते हैं। कोरोना वायरस के गिरते मामलों के पीछे यहीं संभावित कारण हो सकते हैं। क्योंकि जांच पहले जितनी ही हो रही हैं।
- डॉ अखिलेश मोहन, सीएमओ
कुछ नहीं कह सकते, कोरोना की चाल क्या होगी
इसमें कोई दो राय नहीं है कि कोरोना के मरीज तेजी से घटे हैं। लेकिन अभी यह कहना कि कोरोना पूरी तरह से खत्म हो गया है, जल्दबाजी होगी। कोरोना की आगे किस तरह की चाल होगी, कुछ नहीं कह सकते हैं। कई देशों में यह फिर से बढ़ा है।
- डॉ अमित गर्ग, प्रभारी, माइक्रोबायोलॉजी लैब मेडिकल
लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी बढ़ गई है
प्रतिरोधक क्षमता धीरे-धीरे बढ़ती है। कोरोना को करीब एक साल हो गया है। ऐसे में लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ गई है। जब वायरस संक्रमण को फैला पाने की क्षमता नहीं रखते हैं, तो पॉजिटिव केस की नई संख्या घटती है।
- डॉ तुंगवीर सिंह आर्य, नोडल अधिकारी, कोविड अस्पताल मेडिकल
जिला मरीज मौत
गाजियाबाद 26516 102
गौतमबुद्ध नगर 25308 91
मेरठ 21315 407
बुलंदशहर 6181 93
हापुड़ 4316 68
बागपत 2293 36
सहारनपुर 9952 135
मुजफ्फरनगर 8727 111
बिजनौर 4346 64
शामली 3627 31
(यह आंकड़े उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट से लिए गए हैं।)