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बिना कूड़ा वाहन कैसे उठेगा डोर टू डोर कूड़ा
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बिना कूड़ा वाहन कैसे उठेगा डोर टू डोर कूड़ा
मेरठ। शहर में डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए 14वें वित्त आयोग के खजाने से धन स्वीकृत हो चुका है। नगर निगम कूड़ा उठाने के नाम पर दिसंबर से यूजर चार्ज वसूली की तैयारी कर रहा है, लेकिन अभी तक कूड़ा वाहन नहीं खरीदे गए हैं। अधिकारियों की लापरवाही के कारण योजना सफल होती नजर नहीं आ रही है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निगम को शहर में डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था लागू करनी है। इसके लिए प्रत्येक वार्ड में दो गाड़ी की जरूरत है। अभी तक नगर निगम के पास सूरजकुंड, दिल्ली रोड और कंकरखेड़ा वाहन डिपो पर लगभग 150 कूड़ा गाड़ी हैं। इनमें से 15-20 गाड़ी हर समय खराब रहती हैं। बाकी गाड़ियों को शहर में डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए लगाया गया है। जो पूरे शहर के लिए पर्याप्त नहीं हैं। 16 अक्तूबर को 14वें वित्त आयोग के खजाने से 11 करोड़ रुपये कूड़ा वाहन खरीद के लिए स्वीकृत किए गए। अभी तक निगम प्रशासन ने वाहन खरीद करने का निर्णय नहीं लिया है।
डेढ़ माह पहले धन हुआ स्वीकृत
बैठक में डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए 50 नई गाड़ी, पांच जेसीबी, एक पोर्कलेन मशीन, दो नाला सफाई मशीन, 300 रिक्शा ठेला खरीदने के लिए 11 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया था। डेढ़ माह बीतने के बाद भी नगर स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है।
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अधिकारी हैं लापरवाह
महापौर सुनीता वर्मा का कहना है कि शहर में गंदगी के लिए नगर निगम के अधिकारी जिम्मेदार हैं। डेढ़ माह से अधिक का समय बीतने के बाद भी अभी तक वाहन और अन्य मशीनरी खरीद नहीं हो पाई है। इस संबंध में नगर स्वास्थ्य अधिकारी से जवाब तलब किया गया है।
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वर्जन...
जनवरी में होगी खरीद
14वें वित्त आयोग के खजाने से वाहन खरीद का बजट स्वीकृत है। धन खर्च करने की तिथि 31 मार्च है। जनवरी मेें वाहन खरीद की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ठेलों की खरीद चल रही है। -डॉ. गजेंद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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मेरठ। शहर में डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए 14वें वित्त आयोग के खजाने से धन स्वीकृत हो चुका है। नगर निगम कूड़ा उठाने के नाम पर दिसंबर से यूजर चार्ज वसूली की तैयारी कर रहा है, लेकिन अभी तक कूड़ा वाहन नहीं खरीदे गए हैं। अधिकारियों की लापरवाही के कारण योजना सफल होती नजर नहीं आ रही है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निगम को शहर में डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था लागू करनी है। इसके लिए प्रत्येक वार्ड में दो गाड़ी की जरूरत है। अभी तक नगर निगम के पास सूरजकुंड, दिल्ली रोड और कंकरखेड़ा वाहन डिपो पर लगभग 150 कूड़ा गाड़ी हैं। इनमें से 15-20 गाड़ी हर समय खराब रहती हैं। बाकी गाड़ियों को शहर में डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए लगाया गया है। जो पूरे शहर के लिए पर्याप्त नहीं हैं। 16 अक्तूबर को 14वें वित्त आयोग के खजाने से 11 करोड़ रुपये कूड़ा वाहन खरीद के लिए स्वीकृत किए गए। अभी तक निगम प्रशासन ने वाहन खरीद करने का निर्णय नहीं लिया है।
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डेढ़ माह पहले धन हुआ स्वीकृत
बैठक में डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए 50 नई गाड़ी, पांच जेसीबी, एक पोर्कलेन मशीन, दो नाला सफाई मशीन, 300 रिक्शा ठेला खरीदने के लिए 11 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया था। डेढ़ माह बीतने के बाद भी नगर स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है।
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अधिकारी हैं लापरवाह
महापौर सुनीता वर्मा का कहना है कि शहर में गंदगी के लिए नगर निगम के अधिकारी जिम्मेदार हैं। डेढ़ माह से अधिक का समय बीतने के बाद भी अभी तक वाहन और अन्य मशीनरी खरीद नहीं हो पाई है। इस संबंध में नगर स्वास्थ्य अधिकारी से जवाब तलब किया गया है।
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वर्जन...
जनवरी में होगी खरीद
14वें वित्त आयोग के खजाने से वाहन खरीद का बजट स्वीकृत है। धन खर्च करने की तिथि 31 मार्च है। जनवरी मेें वाहन खरीद की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ठेलों की खरीद चल रही है। -डॉ. गजेंद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी