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ठंड ने सात साल का रिकॉर्ड तोड़ा, कोहरे की चादर से ठिठुरा पारा

Wed, 07 Dec 2016 02:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 07 Dec 2016 02:31 PM IST
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kohre ki chaddar
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
कोहरे की चादर से मंगलवार को दिन का पारा 10 डिग्री सेल्सियस गिर गया। ठंड ने सात साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। सुबह छह बजे से कोहरा छाया। पूरे दिन सूर्यदेवता के दर्शन नहीं हुए। दोपहर तीन बजे सूर्य की हल्की रोशनी दिखाई, लेकिन शाम चार बजे कोहरे ने फिर शहर को अपने आगोश में ले लिया। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो तीन से चार दिन तक कोहरे का असर रहेगा।
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सुबह दस बजे तक कोहरा इतना अधिक था कि हाईवे पर दस मीटर आगे तक का भी दिखाई नहीं दे रहा था। दृश्यता शून्य पर पहुंच गई थी। वाहन चलाना मुश्किल हो रहा था। वाहनों की लाइट भी कोहरे में नाकाफी हो रही थी। ग्रामीण क्षेत्रों में कोहरे का प्रकोप ज्यादा रहा। मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 15.5 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम आर्द्र्रता 98 व न्यूनतम 91 प्रतिशत दर्ज की गई। सोमवार को दिन का पारा 25.5 डिग्री सेल्सियस था। दस डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। रात के तापमान में .6 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। पिछले सात सालों में छह दिसंबर का दिन सबसे ज्यादा ठंडा रहा।
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गर्म कपड़ों में लिपट गया शहर
मौसम की पहली सर्दी से लोग गर्म कपड़ों में लिपट गए। दुपहिया वाहन चालक कैप से लेकर हैवी जैकेट में नजर आए। वहीं स्कूल, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों की छुट्टियों होने के कारण लोग परिवार के साथ घूमने भी निकले। उन्होंने ठंड में मस्ती के साथ फिल्में भी देखीं।
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दिन का पारा गिरने से बढ़ती है ठंड
दिन का पारा गिरने से ठंड का स्तर बढ़ गया है। जब दिन का तापमान कम होता है तो सर्दी का असर तेजी से बढ़ जाता है। मंगलवार को यही हुआ। दिन का पारा कम होने पर सर्दी और भी बढे़गी।

गेहूं के लिए फायदा
कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. आरएस सेंगर का कहना है कि ठंड गेहूं के लिए सबसे ज्यादा अच्छी है। फिलहाल कोहरे से भी कोई नुकसान नहीं है। अभी सरसों पर भी फूल नहीं आया है। गेहूं के लिए मौसम मुफीद चल रहा है। अगर कोहरा लंबे समय तक पडे़गा तो नुकसान दिखाई देगा।

पिछले सात साल का तापमान
वर्ष    अधिकतम          न्यूनतम
2010     17.3        11.2
2011    16.6          10.1
2012    18.9          9.6
2013    17.8         5.5
2014    25.9         10.8
2015     22.9        9.1
2016     15.5       10.2

दिन में ऐसे चला मौसम
समय    अधिकतम तापमान
8.30      12.6
11.30     13.6
2.30      15.6
5.30       14.6

स्कूलों का समय बढ़ाने की मांग
पिछले दिनों ठंड बढ़ने के कारण शहर के सभी स्कूलों ने समय बढ़ाकर सुबह नौ बजे कर दिया था। लेकिन जैसे ही मौसम साफ हुआ कुछ स्कूलों ने समय बदलकर आठ बजे कर दिया। अब कोहरे के कारण सुबह बच्चों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। परिजनों ने स्कूलों से समय बढ़ाने की मांग की है।


ठंडे में रखें सेहत का ख्याल   
मेरठ। मौसम में आया बदलाव सेहत पर भारी पड़ सकता है। खासकर जो लोग हार्ट व सांस से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित हैं, उनके लिए अधिक परेशानी होगी। ठंड में रक्त नलिकाएं सिकुड़ने लगती है। इससे नसों में सिकुड़न होने से सीने में दर्द की समस्या बढ़ती है। ऐसी स्थिति में ऑक्सीजन पाने के लिए हार्ट तेजी से धड़कना शुरू कर देते हैं, जिसके चलते मरीज ब्लड प्रेशर बढ़ता जाता है। ऐसी स्थिति में हार्टअटैक होने का खतरा रहता है। इसलिए हार्ट के मरीजों को ब्लड प्रेशर, शुगर, कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच करानी चाहिए। कोहरा, धूल और धूंध मिलकर स्मोक बनाते हैं, जिसके चलते कोहरे में सांस लेने में परेशानी होने लगती है। फेफड़ों को ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है। ऐसे में सांस के मरीजों को ठंड व कोहरे से बचने की सलाह दी जाती है। बच्चों में निमोनिया, सदी खांसी, जुकाम के साथ ही उल्टी दस्त तक की समस्या हो सकती है।

बचाव के उपाय
- कोहरे में निकलने से बचें। घर से बाहर निकले पर चेहरे को पूरा कवर करें।  
- ऐसे मौसम में भरपेट खाना खाने से परहेज करें।  
- रखा हुए भोजन का सेवन न करें, गर्म करके ही खाना खाएं।
- चाय, सूप, दूध जैसे गर्म पेय पदार्थों का नियमित तौर पर सेवन करते रहें।  
- गर्म कपड़े पहनें और पूरे शरीर को कवर करके रखें।
- हल्के गुनगुने पानी का नियमित सेवन करें।  

कुछ घरेलू उपाय
हल्दी - रात को सोने से पहले हल्दी का दूध जुकाम और सर्दी में लाभदायक।
अदरक - सर्दी से बचने में अदरक भी कारगर, चाय व दूध में सेवन करें।
शहद व अदरक - अगर गले में दर्द, जुकाम व खांसी की शिकायत है तो हल्के गुनगुने शहद में अदरक का रस डालकर सेवन करें।

 
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