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किसानों के लिए आफत बनकर आई बारिश
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 10 Apr 2018 02:12 AM IST
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मेरठ
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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समय से पहले मौसम गर्म होने और गेहूं की कटाई से ठीक पहले आंधी और पानी किसानों पर आफत बन कर आई है। चार दिन में दो बार आंधी और बारिश से वेस्ट यूपी में गेहूं की पैदावार करीब 15 फीसदी कम होने की आशंका है।
वेस्ट यूपी में चार दिन में मौसम दो बार खराब हो चुका है। पहले तेज आंधी से गेहूं की फसल खेतों में गिरकर खराब हो गई। इसके बाद सोमवार सुबह आंधी और बारिश ने कटाई के लिए तैयार फसल को नम कर दिया। ऐसे में गेहूं के उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। कुछ स्थानों पर तो ओलावृष्टि की भी बात सामने आई है।
वहीं फरवरी और मार्च माह में मौसम गर्म रहने के कारण पैदावार में असर दिखाई दिया। कृषि विश्ववद्यिालय के वैज्ञानिकों की माने तो 15 प्रतिशत तक गेहूं की फसल प्रभावित होगी। बारिश का सीधा असर पैदावार पर दिखाई देगा। इससे गेहूं की गुणवत्ता भी खराब होगी। इस समय बारिश का होना ठीक नहीं है।
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बारिश से ये होगा नुकसान
-आंधी आने से खेत में खड़ी फसल गिर जाएगी।
- फसल गिरने पर खेत में कीड़े उसे खा लेंगे।
- बारिश होने पर गेहूं का दाना काला पड़ जाएगा।
- बारिश से गेहूं की गुणवत्ता पर असर दिखता है।
- खेत में खड़ा गेहूं गिरने से जल्दी पक जाता है।
आम की फसल को भी नुकसान
वैज्ञानिकों की माने तो आम की फसल पर भी मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है। चार दिन में दो बार आई आंधी से आम की फसल को नुकसान पहुंचा है। आम की फसल पर अब फल आ चुका है। ऐसे में आंधी से फसल गिर जाएगी। उसका उत्पादन पर भी असर दिखाई देगा।
वर्जन---
वेस्ट यूपी में बारिश ने फिर से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया है। प्राथमिक आंकलन 15 प्रतिशत तक सामने आ रहा है। गुणवत्ता के साथ उत्पादन पर साफ असर दिखेगा। पहले मौसम गर्म चल रहा था और अब बारिश किसानों का खेल बिगाड़ सकती है। उत्पादन का असर ज्यादा भी हो सकता है।
डॉ. एएस पंवार, निदेशक आईआईएफएसआर
चार दिन में दो बार आई आंधी और सोमवार को हुई तेज बारिश का असर गेहूं की फसल पर दिखाई देगा। जो किसान गेहूं की फसल को काट चुके हैं, उसे ज्यादा नुकसान होगा। खेत में खड़े और गिरे हुए गेहूं को भी नुकसान है। किसान सूखाने के बाद ही गेहूं की थ्रेेसरिंग करे। सुखाने के बाद उसका भंडारण करे।
डॉ. आरएस सेंगर, कृषि वैज्ञानिक
वेस्ट यूपी में चार दिन में मौसम दो बार खराब हो चुका है। पहले तेज आंधी से गेहूं की फसल खेतों में गिरकर खराब हो गई। इसके बाद सोमवार सुबह आंधी और बारिश ने कटाई के लिए तैयार फसल को नम कर दिया। ऐसे में गेहूं के उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। कुछ स्थानों पर तो ओलावृष्टि की भी बात सामने आई है।
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वहीं फरवरी और मार्च माह में मौसम गर्म रहने के कारण पैदावार में असर दिखाई दिया। कृषि विश्ववद्यिालय के वैज्ञानिकों की माने तो 15 प्रतिशत तक गेहूं की फसल प्रभावित होगी। बारिश का सीधा असर पैदावार पर दिखाई देगा। इससे गेहूं की गुणवत्ता भी खराब होगी। इस समय बारिश का होना ठीक नहीं है।
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बारिश से ये होगा नुकसान
-आंधी आने से खेत में खड़ी फसल गिर जाएगी।
- फसल गिरने पर खेत में कीड़े उसे खा लेंगे।
- बारिश होने पर गेहूं का दाना काला पड़ जाएगा।
- बारिश से गेहूं की गुणवत्ता पर असर दिखता है।
- खेत में खड़ा गेहूं गिरने से जल्दी पक जाता है।
आम की फसल को भी नुकसान
वैज्ञानिकों की माने तो आम की फसल पर भी मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है। चार दिन में दो बार आई आंधी से आम की फसल को नुकसान पहुंचा है। आम की फसल पर अब फल आ चुका है। ऐसे में आंधी से फसल गिर जाएगी। उसका उत्पादन पर भी असर दिखाई देगा।
वर्जन---
वेस्ट यूपी में बारिश ने फिर से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया है। प्राथमिक आंकलन 15 प्रतिशत तक सामने आ रहा है। गुणवत्ता के साथ उत्पादन पर साफ असर दिखेगा। पहले मौसम गर्म चल रहा था और अब बारिश किसानों का खेल बिगाड़ सकती है। उत्पादन का असर ज्यादा भी हो सकता है।
डॉ. एएस पंवार, निदेशक आईआईएफएसआर
चार दिन में दो बार आई आंधी और सोमवार को हुई तेज बारिश का असर गेहूं की फसल पर दिखाई देगा। जो किसान गेहूं की फसल को काट चुके हैं, उसे ज्यादा नुकसान होगा। खेत में खड़े और गिरे हुए गेहूं को भी नुकसान है। किसान सूखाने के बाद ही गेहूं की थ्रेेसरिंग करे। सुखाने के बाद उसका भंडारण करे।
डॉ. आरएस सेंगर, कृषि वैज्ञानिक