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किनौनी मिल फ्री, 12 मई तक बिना पर्ची गन्ना डाल सकेंगे किसान
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मेरठ। पर्ची खत्म होने और खेतों में गन्ना खड़ा रहने से किनौनी शुगर मिल को 12 मई तक फ्री कर दिया है। किसान मिल गेट से फ्री पर्ची लेकर गन्ना आपूर्ति कर सकते हैं। इससे उन किसानों को भारी राहत मिलेगी जिनके पास गन्ना पर्ची खत्म हो गई थी परंतु गन्ना शेष बचा है।
किनौनी शुगर मिल ने दस मई को चालू पेराई सत्र 2019-20 के समापन की घोषणा की थी। मिल ने इसका नोटिस भी जारी कर दिया था। मिल बंद होने के नोटिस से क्षेत्र के उन किसानों में हड़कंप मच गया। जिनके पास गन्ना पर्ची खत्म हो गई थी परंतु खेतों में गन्ना खड़ा था। अमर उजाला ने सात मई के अंक में किसानों की इस पीड़ा को प्रमुखता से छापा था। इसके बाद गन्ना विभाग ने आनन-फानन में ऐसे किसानों के गन्ने की एडिशनल बॉन्डिंग की थी। किसानों की शिकायत थी की बॉन्डिंग बचे हुए गन्ने से काफी कम की गई है। इसके लिए किसानों ने मिल को फ्री कराने की मांग की थी, ताकि वे गन्ना मिल में आपूर्ति कर सकें। रालोद के प्रदेश संगठन महासचिव डॉ. राजकुमार सांगवान ने भी किसानों की इस मांग को प्रदेश के गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी तक पहुंचाया था। प्रबंधन ने शनिवार को बैठक करके मिल को 12 मई तक के लिए फ्री कर दिया। मिल के यूनिट हेड केपी सिंह ने बताया कि मिल 12 मई को बंद होने जा रही है। किसानों की परेशानी को देखते हुए तब तक मिल को फ्री कर दिया है। किसान मिल गेट से फ्री पर्ची लेकर गन्ना मिल गेट और गन्ना क्रय केंद्रों पर आपूर्ति कर सकते हैं। मिल प्रबंधन क्षेत्र के किसी भी किसान को परेशान नहीं होने देगा।
विधायक ने लिया गन्ने का जायजा
सिवालखास विधायक जितेंद्र सतवाई ने शनिवार को क्षेत्र के गांव बपारसी, जसड़ और दुर्जनपुर आदि में खेतों में खड़े गन्ने का जायजा लिया। उन्होंने किनौनी मिल के यूनिट हेड केपी सिंह और दौराला मिल महाप्रबंधक गन्ना संजीव कुमार से फोन पर बात करके खेतों में खड़े पेराई योग्य गन्ने को लिए बगैर मिल बंद नहीं करने को कहा। इस दौरान उनके साथ जिला गन्ना अधिकारी डॉ. दुष्यंत कुमार, बिजेंद्र प्रमुख कपिल शर्मा, बेगराज प्रधान और पंकज चौहान आदि मौजूद रहे।
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किनौनी शुगर मिल ने दस मई को चालू पेराई सत्र 2019-20 के समापन की घोषणा की थी। मिल ने इसका नोटिस भी जारी कर दिया था। मिल बंद होने के नोटिस से क्षेत्र के उन किसानों में हड़कंप मच गया। जिनके पास गन्ना पर्ची खत्म हो गई थी परंतु खेतों में गन्ना खड़ा था। अमर उजाला ने सात मई के अंक में किसानों की इस पीड़ा को प्रमुखता से छापा था। इसके बाद गन्ना विभाग ने आनन-फानन में ऐसे किसानों के गन्ने की एडिशनल बॉन्डिंग की थी। किसानों की शिकायत थी की बॉन्डिंग बचे हुए गन्ने से काफी कम की गई है। इसके लिए किसानों ने मिल को फ्री कराने की मांग की थी, ताकि वे गन्ना मिल में आपूर्ति कर सकें। रालोद के प्रदेश संगठन महासचिव डॉ. राजकुमार सांगवान ने भी किसानों की इस मांग को प्रदेश के गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी तक पहुंचाया था। प्रबंधन ने शनिवार को बैठक करके मिल को 12 मई तक के लिए फ्री कर दिया। मिल के यूनिट हेड केपी सिंह ने बताया कि मिल 12 मई को बंद होने जा रही है। किसानों की परेशानी को देखते हुए तब तक मिल को फ्री कर दिया है। किसान मिल गेट से फ्री पर्ची लेकर गन्ना मिल गेट और गन्ना क्रय केंद्रों पर आपूर्ति कर सकते हैं। मिल प्रबंधन क्षेत्र के किसी भी किसान को परेशान नहीं होने देगा।
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विधायक ने लिया गन्ने का जायजा
सिवालखास विधायक जितेंद्र सतवाई ने शनिवार को क्षेत्र के गांव बपारसी, जसड़ और दुर्जनपुर आदि में खेतों में खड़े गन्ने का जायजा लिया। उन्होंने किनौनी मिल के यूनिट हेड केपी सिंह और दौराला मिल महाप्रबंधक गन्ना संजीव कुमार से फोन पर बात करके खेतों में खड़े पेराई योग्य गन्ने को लिए बगैर मिल बंद नहीं करने को कहा। इस दौरान उनके साथ जिला गन्ना अधिकारी डॉ. दुष्यंत कुमार, बिजेंद्र प्रमुख कपिल शर्मा, बेगराज प्रधान और पंकज चौहान आदि मौजूद रहे।
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