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Meerut News: दो कर्मचारियों के भरोसे खिवाई पीएचसी, भवन निर्माण में भी बड़ा भ्रष्टाचार

Mon, 08 Dec 2025 09:40 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 08 Dec 2025 09:40 PM IST
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Khiwai PHC is dependent on two employees, huge corruption in building construction too
सरूरपुर। ​खिवाई पीएचसी में पहुंची मरीज शबाना। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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सरूरपुर। कस्बा खिवाई स्थित पीएचसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। पीएचसी में केवल कुछ ही बीमारियों का इलाज हो रहा है। जबकि अभी मरीजों को जांच व डिलीवरी के लिए सीएचसी का रुख अपनाना पड़ता है। मात्र दस महीने में पीएचसी के भवन की दीवारों का प्लास्टर भी छूटकर गिरने लगा है जो पीएचसी के निर्माण सामग्री की पोल खोल रहा है। परिसर के चारों और गंदगी का अंबार लगा है। अमर उजाला की टीम ने मौके पर पहुंचकर पीएचसी की कार्यशैली की भी पड़ताल की है।
सोमवार को जब अमर उजाला की टीम पड़ताल के लिए ग्राउंड पर पहुंची तो खुलासा हुआ कि पीएचसी के निर्माण में बड़े स्तर का भ्रष्टाचार हुआ है। पीएचसी भवन के चारों ओर घास व गंदगी का अंबार लगा हुआ है। मौके पर एक चिकित्सक मरीजों का उपचार करते मिले। जबकि मरीजों को पंजीकरण व दवाइयां वितरण के लिए एक ही कर्मचारी की तैनाती है। पीएचसी में प्रतिदिन करीब 70-80 मरीज इलाज के लिए आते हैं। कुल मिलाकर एक चौकीदार समेत तीन कर्मचारियों के भरोसे पीएचसी चल रही है।
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पीएचसी में खून की जांच व प्रसव के लिए फिलहाल कोई व्यवस्था नहीं है। इन सुविधाओं को लेने के लिए लोगों को सीएचसी सरूरपुर जाना पड़ता है। करीब 50 हजार की आबादी वाले कस्बे में मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकता है। पीएचसी में केवल दो कर्मचारियों के भरोसे ही ओपीडी चल रही है।
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स्थानीय निवासी नदीम ने बताया कि खून की जांच के लिए उन्हें भटकना पड़ता है। यदि पीएचसी पर ही यह सुविधाएं मिलें तो मरीजों का इलाज भी ठीक होगा।
स्थानीय निवासी अजीम ने बताया कि पीएचसी के भवन निर्माण में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है। दस माह में ही दीवारों से प्लास्टर झड़ने लगा है। 50 हजार की आबादी वाले कस्बे के लिहाज से पीएचसी में बुनियादी सुविधाओं की काफी कमी है।
पीएचसी इलाज के लिए पहुंचे इदरीश ने बताया कि उसे सांस की बीमारी है। कुछ दवाइयां ही पीएचसी मेंं मिलती हैं। जबकि बाकी दवाओं को लेने के लिए उन्हें सरूरपुर सीएचसी में जाना पड़ता है।
मरीज शबाना ने बताया कि कस्बे की महिलाओं के लिए प्रसव की सबसे बड़ी समस्या है। पीएचसी में सुविधा न होने के कारण उन्हें सीएचसी जाना पड़ता है। यहां प्रसव कक्ष तो है लेकिन न तो महिला चिकित्सक है और न ही अन्य सुविधाएं हैं।


बयान....
फिलहाल सीएचसी पर दो ही स्टाफ की तैनाती है। खून की जांच सामग्री व स्टाफ की शासन से मांग भेजी हुई है। - डॉ. राघो सिंह, प्रभारी,
सीएचसी, सरूरपुर

सरूरपुर। खिवाई पीएचसी में पहुंची मरीज शबाना। संवाद

सरूरपुर। खिवाई पीएचसी में पहुंची मरीज शबाना। संवाद

सरूरपुर। खिवाई पीएचसी में पहुंची मरीज शबाना। संवाद

सरूरपुर। खिवाई पीएचसी में पहुंची मरीज शबाना। संवाद

सरूरपुर। खिवाई पीएचसी में पहुंची मरीज शबाना। संवाद

सरूरपुर। खिवाई पीएचसी में पहुंची मरीज शबाना। संवाद

सरूरपुर। खिवाई पीएचसी में पहुंची मरीज शबाना। संवाद

सरूरपुर। खिवाई पीएचसी में पहुंची मरीज शबाना। संवाद

सरूरपुर। खिवाई पीएचसी में पहुंची मरीज शबाना। संवाद

सरूरपुर। खिवाई पीएचसी में पहुंची मरीज शबाना। संवाद

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