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फिर बदनाम हुई खाकी: पुलिस की अवैध वसूली की पोल खोल रहा सोशल मीडिया पर वायरल पर्चा, पढ़ें, क्या है पूरा मामला

Sun, 10 Apr 2022 01:09 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 10 Apr 2022 01:09 PM IST
सार

एसएसपी प्रभाकर चौधरी का कहना है कि अवैध वसूली बताकर जो पर्चा वायरल हो रहा है, उसकी पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है।

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Khaki became infamous again: Viral paper on social media exposing illegal recovery of police, read what is the whole matter
एसएसपी प्रभाकर चौधरी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

मेरठ पुलिस द्वारा अवैध वसूली का आरोप लगाकर सोशल मीडिया पर जुआरियों, सटोरियों और शराब तस्करों के नाम-पते लिखकर शनिवार को फिर एक पर्चा वायरल किया गया। यह पर्चा बुलंदशहर के अनूपशहर क्षेत्र का बताया गया है। यहां इंस्पेक्टर टीपीनगर विवेक शर्मा की पोस्टिंग थी। टीपीनगर वाला पर्चा वायरल करने के पीछे हाल में ही निलंबित हुए सिपाही ओमबीर का नाम सामने आया है।

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टीपीनगर क्षेत्र में अवैध धंधा करने वाले लोगों के नाम-पते सहित एक पर्चा पहले ही वायरल किया जा चुका है। इसे वसूली और लूट के आरोपी सिपाही ओमबीर सिंह ने वायरल किया था। उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। यह मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ कि शनिवार को एक और पर्चा वायरल हो गया।
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इस पर्चे पर बुलंदशहर के अनूपशहर थाने का नाम लिखा है। यहां पर भी उसी तरह से थानाक्षेत्र में अवैध धंधा करने वालों के नाम लिखे हैं। एक के बाद एक पर्चे और वीडियो वायरल करने के पीछे निलंबिंत सिपाही ओमबीर का नाम पुलिस की जांच में सामने आया है। इस मामले की जांच एसपी सिटी विनीत भटनागर कर रहे हैं। 
 
ट्रक छोड़ने पर फलावदा पुलिस पर जांच 
फलावदा पुलिस ने 16 मार्च 2022 को एक ट्रक पकड़ा था। उसे बाद में छोड़ दिया गया। एक व्यक्ति ने एसएसपी द्वारा जारी किए नंबर पर फलावदा थाने की शिकायत की थी। आरोप लगाया कि पुलिस ने पैसा लेकर ट्रक छोड़ा है। इस मामले में एसएसपी ने जांच कराई। एसएसपी प्रभाकर चौधरी का कहना है कि पुलिस की प्राथमिक जांच में आरोप सही नहीं है। हालांकि अभी क्लीनचिट नहीं दी है। 
 
अवैध वसूली बताकर जो पर्चा वायरल हो रहा है, उसकी पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि यह एक साजिश है। जिन-जिन लोगों के नाम पर्चें में लिखे हैं, उन्होंने हाल में किसी भी पुलिस वालों को पैसा न देने की बात कही है। पर्चा और वीडियो निलंबित सिपाही ने ही वायरल की थी। -प्रभाकर चौधरी, एसएसपी

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