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Meerut News: रात के अंधेरे में काट डाले खैर के पेड़, सोता रहा वन विभाग
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वन्य क्षेत्र से काटे गए खैर के पेड़ स्रोत संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। वन अभयारण्य क्षेत्र में वन्यजीवों और पेड़ों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग कितना सक्रिय है इसकी पोल बृहस्पतिवार की रात खुल गई। वन माफिया ने वन विभाग के मुख्य कार्यालय से कुछ दूर खैर के पांच पेड़ काट डाले। इसकी भनक ग्रामीणों को लगी तो माफिया कटे पेड़ों को मौके पर छोड़कर भाग गए।
बृहस्पतिवार की रात लुकाधड़ी गांव के समीप वन जंगल में वन माफिया ने खैर के पेड़ों को अपना निशाना बनाया। उन्होंने पांच पेड़ों को काट दिया। इसकी भनक ग्रामीणों को लग गई और सूचना वन विभाग की टीम को दी गई। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो वन माफिया लकड़ी छोड़कर मौके से भाग गए। खैर के काटे गए इन पांच पेड़ों की कीमत एक लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। अब वन विभाग माफिया का पता लगाने में जुटा है।
आरोपियों का पता लगाकर की जाएगी कारवाई
खैर के पेड़ काटकर भागने वाले आरोपियों का पता लगाया जा रहा है। इसके लिए टीम लगाई गई है। जल्द ही पता लगाकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -खुशबू उपाध्याय, वन क्षेत्राधिकारी, हस्तिनापुर
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हस्तिनापुर। वन अभयारण्य क्षेत्र में वन्यजीवों और पेड़ों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग कितना सक्रिय है इसकी पोल बृहस्पतिवार की रात खुल गई। वन माफिया ने वन विभाग के मुख्य कार्यालय से कुछ दूर खैर के पांच पेड़ काट डाले। इसकी भनक ग्रामीणों को लगी तो माफिया कटे पेड़ों को मौके पर छोड़कर भाग गए।
बृहस्पतिवार की रात लुकाधड़ी गांव के समीप वन जंगल में वन माफिया ने खैर के पेड़ों को अपना निशाना बनाया। उन्होंने पांच पेड़ों को काट दिया। इसकी भनक ग्रामीणों को लग गई और सूचना वन विभाग की टीम को दी गई। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो वन माफिया लकड़ी छोड़कर मौके से भाग गए। खैर के काटे गए इन पांच पेड़ों की कीमत एक लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। अब वन विभाग माफिया का पता लगाने में जुटा है।
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आरोपियों का पता लगाकर की जाएगी कारवाई
खैर के पेड़ काटकर भागने वाले आरोपियों का पता लगाया जा रहा है। इसके लिए टीम लगाई गई है। जल्द ही पता लगाकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -खुशबू उपाध्याय, वन क्षेत्राधिकारी, हस्तिनापुर
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