कठुआ प्रकरण में बरी छात्र के कॉलेज चेयरमैन का जम्मू एसआईटी पर आरोप, कहा- प्रबंधन को किया गया टॉर्चर
कठुआ में दस साल की बच्ची से दरिंदगी के मामले में विशाल जंगोत्रा को कोर्ट ने बरी कर दिया है। वहीं विशाल के कॉलेज के चेयरमैन ने जम्मू एसआईटी पर आरोप लगाते हुए कहा कि एसआईटी ने कॉलेज प्रबंधन को इस प्रकरण में प्रताड़ित किया है।
मुज़फ्फरनगर के आकांक्षा कॉलेज, मीरापुर के चेयरमैन आर पी सिंह ने कहा कि कठुआ मामले में एसआईटी ने कॉलेज प्रबंधन को टार्चर किया था। फर्जी तरीके से छात्र विशाल जंगोत्रा को फंसाने के लिए डराया गया।
विशाल ने कॉलेज में प्रयोगात्मक परीक्षा दी, फिर खतौली के केके जैन पीजी कॉलेज के एग्जाम सेंटर पर परीक्षा दी थी। अदालत ने तथ्यों को जांच में सही पाया और विशाल को न्याय मिला। हालांकि वह तभी से जेल में है, उसकी पढ़ाई छूट गई है।
जम्मू के कठुआ में दस जनवरी को आठ साल की बच्ची गायब हो गई थी। 17 जनवरी को उसका शव बरामद हुआ था। इस मामले में बच्ची के पिता की तहरीर पर पुलिस ने सांझीराम नाम के एक व्यक्ति, उसके नाबालिग भतीजे और एसपीओ दीपक खजूरिया को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने सांझीराम के बेटे विशाल जंगोत्रा को 17 अप्रैल को मीरापुर मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया था। मामले में विशाल जंगोत्रा को कोर्ट ने बरी कर दिया है। इससे साफ हो गया है कि जम्मू एसआईटी ये साबित नहीं कर पाई कि वारदात के वक्त विशाल जंगोत्रा खतौली में पेपर नहीं दे रहा था।
विशाल मीरापुर में रहकर मुजफ्फरनगर के आकांक्षा कॉलेज से बीएससी एजी कर रहा था। विशाल ने दावा किया था कि वो वारदात वाले दिन केके जैन कॉलेज, खतौली में परीक्षा दे रहा था।