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पंचायत में कपसाड़ गोशाला कमेटी बर्खास्त
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पंचायत में कपसाड़ गोशाला कमेटी बर्खास्त
सरधना। कपसाड़ स्थित गोशाला में बुधवार को हुई पंचायत में आय-व्यय के ब्यौरे से संतुष्ट नहीं होने पर पंचों ने गोशाला कमेटी को बर्खास्त कर दिया। बीडीओ और ग्राम पंचायत सचिव की मौजूदगी में नई कमेटी का गठन किया गया। पंचायत की अध्यक्षता महर्षि आर्ष कन्या गुरुकुल के संस्थापक आचार्य कपिल मलिक और संचालन युवा शक्ति संगठन के अंकित ने की।
गोशाला कमेटी से पांच वर्षों के आय-व्यय का ब्यौरा जानने के लिये युवा शक्ति संगठन ने 20 जून को पंचायत बुलाई थी। कमेटी ने एक वर्ष का हिसाब दिया। उससे पंचायत संतुष्ट नहीं हुई। पंचों ने कमेटी को हिसाब अपडेट करने के लिए दस दिन का समय दिया। 30 जून को पंचायत फिर से बुलाने का निर्णय लिया था। इसी क्रम में बुधवार को सुबह दस बजे गोशाला में पंचायत शुरू हुई। पंचायत में पूर्व प्रधान सतीश कुमार, मुकेश कुमार उर्फ हप्पू, पूर्व प्रधान सदन सिंह शामिल हुए। इस दौरान कमेटी के अध्यक्ष संत सिंह व कोषाध्यक्ष शिवकुमार ग्रामीणों को आय-व्यय के ब्यौरे से संतुष्ट नहीं कर सके।
दोपहर बाद बीडीओ सुनीत कुमार भाटी, पंचायत सचिव सचिन मलिक शामिल हुए। उनको ग्रामीणों ने बताया कि डेढ़ माह में 53 गोवंश की मौत हो चुकी है। गोशाला में 175 गोवंश हैं। करीब साठ बीघा जमीन है। सरकार चारे के लिए 30 रुपये प्रति गोवंश देती है। उसके बाद भी गोशाला की स्थिति दयनीय है। बीडीओ ने कहा कि उन्होंने अस्थाई गोशाला निर्माण, चारदीवारी और भूसे के लिए गोदाम पर काफी रुपया खर्च कराया। यदि समिति गोवंश का ख्याल नहीं रखेगी तो वह गोवंश फरीदपुर के गो संवर्धन केंद्र में भिजवा देंगे। उन्होंने भी कमेटी बदलने की बात कही।
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नई कमेटी के लिए सुझाए गए नाम
सहदेव सिंह अध्यक्ष, बसंत सिंह कोषाध्यक्ष, गजेंद्र सिंह उपाध्यक्ष, अंकित सोम सचिव। इसके अलावा कार्यकारिणी सदस्यों भूरे सिंह, संजीव, अनुज, कोमल शर्मा, नीरज, गौरव, चमन, गजेंद्र, विकास, अमरीश समेत 28 नाम सुझाए गए हैं। इनमें से 15 लोगों का चयन होगा। यह सभी नाम रजिस्टर्ड होने के बाद नई गोशाला कमेटी अस्तित्व में आ जाएगी। कमेटी के रजिस्टर्ड होने से पूर्व नाम भी बदला जा सकता है।
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सरधना। कपसाड़ स्थित गोशाला में बुधवार को हुई पंचायत में आय-व्यय के ब्यौरे से संतुष्ट नहीं होने पर पंचों ने गोशाला कमेटी को बर्खास्त कर दिया। बीडीओ और ग्राम पंचायत सचिव की मौजूदगी में नई कमेटी का गठन किया गया। पंचायत की अध्यक्षता महर्षि आर्ष कन्या गुरुकुल के संस्थापक आचार्य कपिल मलिक और संचालन युवा शक्ति संगठन के अंकित ने की।
गोशाला कमेटी से पांच वर्षों के आय-व्यय का ब्यौरा जानने के लिये युवा शक्ति संगठन ने 20 जून को पंचायत बुलाई थी। कमेटी ने एक वर्ष का हिसाब दिया। उससे पंचायत संतुष्ट नहीं हुई। पंचों ने कमेटी को हिसाब अपडेट करने के लिए दस दिन का समय दिया। 30 जून को पंचायत फिर से बुलाने का निर्णय लिया था। इसी क्रम में बुधवार को सुबह दस बजे गोशाला में पंचायत शुरू हुई। पंचायत में पूर्व प्रधान सतीश कुमार, मुकेश कुमार उर्फ हप्पू, पूर्व प्रधान सदन सिंह शामिल हुए। इस दौरान कमेटी के अध्यक्ष संत सिंह व कोषाध्यक्ष शिवकुमार ग्रामीणों को आय-व्यय के ब्यौरे से संतुष्ट नहीं कर सके।
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दोपहर बाद बीडीओ सुनीत कुमार भाटी, पंचायत सचिव सचिन मलिक शामिल हुए। उनको ग्रामीणों ने बताया कि डेढ़ माह में 53 गोवंश की मौत हो चुकी है। गोशाला में 175 गोवंश हैं। करीब साठ बीघा जमीन है। सरकार चारे के लिए 30 रुपये प्रति गोवंश देती है। उसके बाद भी गोशाला की स्थिति दयनीय है। बीडीओ ने कहा कि उन्होंने अस्थाई गोशाला निर्माण, चारदीवारी और भूसे के लिए गोदाम पर काफी रुपया खर्च कराया। यदि समिति गोवंश का ख्याल नहीं रखेगी तो वह गोवंश फरीदपुर के गो संवर्धन केंद्र में भिजवा देंगे। उन्होंने भी कमेटी बदलने की बात कही।
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नई कमेटी के लिए सुझाए गए नाम
सहदेव सिंह अध्यक्ष, बसंत सिंह कोषाध्यक्ष, गजेंद्र सिंह उपाध्यक्ष, अंकित सोम सचिव। इसके अलावा कार्यकारिणी सदस्यों भूरे सिंह, संजीव, अनुज, कोमल शर्मा, नीरज, गौरव, चमन, गजेंद्र, विकास, अमरीश समेत 28 नाम सुझाए गए हैं। इनमें से 15 लोगों का चयन होगा। यह सभी नाम रजिस्टर्ड होने के बाद नई गोशाला कमेटी अस्तित्व में आ जाएगी। कमेटी के रजिस्टर्ड होने से पूर्व नाम भी बदला जा सकता है।