हरिद्वार से गंगाजल लाने वाले कांवडियों की अचूक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। कांवड़ यात्रा पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सीधी निगाह होने के कारण इस बार जल, थल और नभ से सुरक्षा के बड़े पैमाने पर इंतजाम किए गए हैं। कांवड़ मार्ग पर पुलिस और पीएसी के साथ बड़ी संख्या में पैरामिलिट्री फोर्स लगाई गई हैं।
जल, थल और नभ से हो रही कांवड़ियों की सुरक्षा, शिवभक्तों की सेवा में जुटे एसएसबी के जवान
मेरठ में विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। वॉच टॉवर बनाए गए हैं। वहीं गंगनहर पटरी मार्ग पर पानी में सुरक्षा को लेकर मोटर बोट के साथ पीएसी के गोताखोर लगाए गए हैं। आकाश से सुरक्षा को अधिक सुदृढ़ बनाते हुए 90 ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है।
सावन माह में हरिद्वार से गंगाजल लाने वाले हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और यूपी के कांवड़िये मुजफ्फरनगर से ही होकर जाते हैं। मंगलोर से कांवड़िये दो मार्गों से होकर चल रहे हैं। इनमें एक दिल्ली-देहरादून हाईवे और दूसरा गंग नहर पटरी का मार्ग है। दोनों मार्ग जिले से होकर ही जाते हैं। दोनों मार्गों की दूरी लगभग 60 से 70 किलोमीटर है।
देश और प्रदेश में बने माहौल को देखते हुए इस बार कांवड़ यात्रा पर प्रदेश सरकार की सीधी निगाह है। हाल ही में जिले में शुकतीर्थ में स्वामी कल्याणदेव की पुण्यतिथि में शामिल होने आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि कांवड़ यात्रा उनकी प्राथमिकताओं में है।