{"_id":"5b6613f74f1c1b923e8b52d5","slug":"kanwar-patri-marg-par-shivbhakto-ki-dhoom","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांवड़ पटरी मार्ग पर शिवभक्तों की धूम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांवड़ पटरी मार्ग पर शिवभक्तों की धूम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 05 Aug 2018 02:32 AM IST
विज्ञापन
मेरठ
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग पर व्यवस्था थोड़ी सी सुधरते ही शिव भक्तों की धूम मचनी शुरू हो गई है। जहां कांवड़ियों की आमद बढ़ गई है तो एक से डेढ़ किमी की दूरी पर कांवड़ शिविर देखकर लगता है कि यदि इस दूसरे प्रमुख मार्ग को सही तरह से संवार दिया जाए तो यह कांवड़ यात्रा में मुफीद साबित होगा।
कांवड़ यात्रा में प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती चौधरी चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग रहता था। मेरठ की सीमा में कांवड़ पटरी मार्ग की लंबाई 42 किमी की है। लेकिन इस बार सड़क बनी और पटरी पर भी मिट्टी लगाई गई तो कांवड़ियों की राह आसान हो गई। कांवड़ पटरी मार्ग पर इस बार पथ प्रकाश व्यवस्था भी की गई है। शनिवार को गंगनहर पटरी मार्ग पर कांवड़ियों की संख्या काफी बढ़ गई। दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के कांवड़िये गंगनहर पटरी मार्ग से ही निकल रहे थे।
इस बार व्यवस्था ठीक
दिल्ली के सुभाष नगर निवासी राधेश्याम ने बताया कि उनकी 12 वीं कांवड़ है। मेरठ बाईपास से न होकर पटरी मार्ग से कई किमी की दूरी कम चलनी पड़ती है। लेकिन इस बार ही पटरी मार्ग की व्यवस्था ठीक है, जिसमें मेरठ में गड्ढे नहीं हैं।
विज्ञापन
इस बार शिविर भी
गुरुग्राम निवासी सतीश और उनके साथी राकेश ने बताया कि कांवड़ पटरी मार्ग पर इस बार शिविर भी लगे हैं। एंबुलेंस और पुलिस की व्यवस्था भी पहले के मुकाबले ठीक है।
हाईवे से घटने लगी संख्या
पलवल निवासी सुबोध ने बताया कि एनएच-58 पर कांवड़ियों की संख्या घटकर गंगनहर पटरी मार्ग पर बढ़ने लगी है। हरिद्वार से चढ़कर पटरी मार्ग पर सीधे मुरादनगर के पास निकलते हैं।
अलर्ट दिखा सिस्टम
कांवड़ पटरी मार्ग पर पीएसी के गोताखोरों के अलावा प्राइवेट गोताखोर भी लगाए गए हैं। प्रत्येक एक किमी पर गोताखोर लगाए गए हैं। वही यूपी 100 की गाड़ियों के अलावा पांच एंबुलेंस भी लगाई गई हैं। सुरक्षा की दृष्टि से 22 स्थानों पर पुलिस पिकेट लगी हैं।
49 शिविर इस बार
गंगनहर पटरी मार्ग पर इस साल 49 कांवड़ शिविर मेरठ की सीमा में लगाए गए हैं। शिविरों में रुकने की व्यवस्था भी बेहतर है। सुरक्षा की दृष्टि से मैं खुद निगरानी कर रहा हूं। -राजेश कुमार, एसपी देहात
विज्ञापन
कांवड़ यात्रा में प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती चौधरी चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग रहता था। मेरठ की सीमा में कांवड़ पटरी मार्ग की लंबाई 42 किमी की है। लेकिन इस बार सड़क बनी और पटरी पर भी मिट्टी लगाई गई तो कांवड़ियों की राह आसान हो गई। कांवड़ पटरी मार्ग पर इस बार पथ प्रकाश व्यवस्था भी की गई है। शनिवार को गंगनहर पटरी मार्ग पर कांवड़ियों की संख्या काफी बढ़ गई। दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के कांवड़िये गंगनहर पटरी मार्ग से ही निकल रहे थे।
विज्ञापन
इस बार व्यवस्था ठीक
दिल्ली के सुभाष नगर निवासी राधेश्याम ने बताया कि उनकी 12 वीं कांवड़ है। मेरठ बाईपास से न होकर पटरी मार्ग से कई किमी की दूरी कम चलनी पड़ती है। लेकिन इस बार ही पटरी मार्ग की व्यवस्था ठीक है, जिसमें मेरठ में गड्ढे नहीं हैं।
विज्ञापन
इस बार शिविर भी
गुरुग्राम निवासी सतीश और उनके साथी राकेश ने बताया कि कांवड़ पटरी मार्ग पर इस बार शिविर भी लगे हैं। एंबुलेंस और पुलिस की व्यवस्था भी पहले के मुकाबले ठीक है।
हाईवे से घटने लगी संख्या
पलवल निवासी सुबोध ने बताया कि एनएच-58 पर कांवड़ियों की संख्या घटकर गंगनहर पटरी मार्ग पर बढ़ने लगी है। हरिद्वार से चढ़कर पटरी मार्ग पर सीधे मुरादनगर के पास निकलते हैं।
अलर्ट दिखा सिस्टम
कांवड़ पटरी मार्ग पर पीएसी के गोताखोरों के अलावा प्राइवेट गोताखोर भी लगाए गए हैं। प्रत्येक एक किमी पर गोताखोर लगाए गए हैं। वही यूपी 100 की गाड़ियों के अलावा पांच एंबुलेंस भी लगाई गई हैं। सुरक्षा की दृष्टि से 22 स्थानों पर पुलिस पिकेट लगी हैं।
49 शिविर इस बार
गंगनहर पटरी मार्ग पर इस साल 49 कांवड़ शिविर मेरठ की सीमा में लगाए गए हैं। शिविरों में रुकने की व्यवस्था भी बेहतर है। सुरक्षा की दृष्टि से मैं खुद निगरानी कर रहा हूं। -राजेश कुमार, एसपी देहात