जासूस 'कंचन' की गिरफ्तारी से सेना अलर्ट, सुरक्षा घेरे में छावनी का 42 किमी एरिया
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सेना में जासूस के पकड़े जाने के बाद सैन्य एरिया में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए जा रहे हैं। सेना ने पूरे सैन्य क्षेत्र में तारबंदी करने की शुरूआत कर दी है। 42 किलोमीटर के क्षेत्र में दस फीट ऊंची तारबंदी की जाएगी। इसके लिए पूरा खाका तैयार कर पूरे इलाके को जोन में बांटकर ये काम किया जा रहा है। खासतौर से उन जगहों पर तारबंदी होगी जहां पर सेना की यूनिट और सिविलियन इलाका मिला हुआ है। अभी तक कई इलाके ऐसे हैं जहां पर सेना को प्राइवेसी की जरूरत है। लेकिन यहां का क्षेत्र बड़ा होने की वजह से यहां दीवार नहीं बनाई जा सकी हैं।
मेरठ कैंट को सुरक्षा कारणों से बेहद अहम माना जाता है। कैंट में सेना की अमूमन सभी यूनिट हैं। ऐसे में सुरक्षा घेरे की ओर भी आवश्यकता हो जाती है। जिस तरह से कुछ दिनों में सैन्य इलाकों में कई तरह की घटनाएं हुई हैं, उसको देखते हुए भी ये बहुत जरूरी है। डोगरा मंदिर में सेना के जवान को गोली मारने का मामला हो या फिर भाजपा विधायक संगीत सोम के कैंट स्थित आवास पर फायरिंग प्रकरण। अब सेना के जवान कंचन सिंह के आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोपों में घिरने पर सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। ऐसे में सेना कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है।
कई जगहों पर सेना की खास यूनिट हैं। लेकिन वहां पर सिविल एरिया बिल्कुल मिला हुआ है। ऐसे में सेना ने तय किया है कि इन प्वाइंटों पर 10 फीट ऊंची तारबंदी की जाएगी। इसका पूरा काम सेना द्वारा कर लिया गया है। जोनवार पूरे इलाके बांटे गए हैं। तारबंदी का ये क्षेत्र 42 किलोमीटर में होना है। सरधना दबुथवा में सैन्य इलाके की तारबंदी भी इसमें शामिल हैं। इस पूरी घेराबंदी के काम को पूरा करने के लिए एक निश्चित समय अवधि रखी गई है। इसमें रुड़की रोड, सरधना रोड, मवाना रोड के अलावा रेलवे रोड और कंकरखेड़ा क्षेत्र, कसेरुखेड़ा, गंगानगर और इससे जुड़े दूसरे तमाम इलाकों को रखा गया है।
इसलिए जरूरी सैन्य एरिया में तारबंदी
मेरठ में सेना के मूवमेंट को जानने के लिए आईएसआई अक्सर रेकी कराती रहती है। अबसे पहले भी मेरठ में पकड़े गए पाकिस्तानी जासूस एजाज के पास से सैन्य एरिया के नक्शे बरामद हुए थे। एजाज ने कुबूल किया था कि आईएसआई उससे सैन्य क्षेत्र के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाने को कहती है। सिविल एरिया से मिले होने के कारण एजाज सैन्य क्षेत्र में बेहद आसानी से घूमकर रेकी करता था। ऐसे में सैन्य इलाके में तारबंदी बेहद अहम है। कई जगहों पर हालात ये हैं कि कोई भी सेना की यूनिटों के करीब पहुंच सकता है। ऐसे में सैन्य अफसरों ने बहुत दिन से चली आ रही इस अहम जरूरत को पूरा करने का निर्णय लिया है।
नए सिरे से किया जा रहा सत्यापन
सैन्य इलाकों में काम करने वाले घरेलू नौकर हों या फिर दूध और दूसरा सामान पहुंचाने वाले लोग। इन सबका सेना नए सिरे से सत्यापन करा रही है। सेना के सभी अफसरों-जवानों को भी इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी अपरिचित सैन्य इलाके में बिना सत्यापन के नहीं आना चाहिए। इसके अलावा जो भी लोग उनके यहां कोई काम करने आ रहे हैं, उनका नियमानुसार सत्यापन कराया गया हो।
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