कलयुगी बेटे ने कराया था मां कत्ल, पकड़े जाने पर उगला जहर
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पल्लवपुरम के कमलेश अपहरण कांड का रविवार को सनसनीखेज खुलासा हुआ है। एसपी सिटी के अनुसार यह अपहरण कमलेश के बेटे ने ही करीब 12 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी हथियाने के लिए अपने दोस्त और एक बदमाश को 10 लाख रुपये की सुपारी देकर कराया था। पुलिस ने बेटे समेत दो आरोपी गिरफ्तार कर लिए हैं। आरोपी दोस्त का दावा है कि सलीम नाम के बदमाश ने महिला की हत्या कर लाश सोनीपत नहर में फेंक दी थी। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने प्रेसवार्ता में बताया कि पल्लवपुरम फेज-1 निवासी 65 वर्षीय कमलेश अग्रवाल पत्नी स्वर्गीय विकास चंद्र अग्रवाल का विगत 22 मार्च की रात घर से ही अपहरण हो गया था। शनिवार को सीओ दौराला विजय प्रकाश सिंह और एसओ पल्लवपुरम सुभाष अत्री की टीम ने विनोद पुत्र गुलजारी निवासी पल्हैड़ा और कमलेश के पुत्र दीपक अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया था।
हत्या कर सोनीपत नहर में फेंक दी थी लाश
विनोद के अनुसार उसकी मां दीपक के घर काम करती थी। इसके चलते उसकी दीपक से दोस्ती हो गई थी। दीपक ने विगत 21 मार्च को उसे अपने हाईवे स्थित होटल पर बुलाया था। जहां पहले से सलीम नाम का एक बदमाश मौजूद था। दीपक ने कहा था वह दोनों को 5-5 लाख रुपये देगा। मेरी मां का घर से अपहरण करना है। जिसके बाद 22 मार्च को विनोद और सलीम स्विफ्ट कार से दीपक के घर पहुंचे थे और कमलेश को बेहोश कर गाड़ी की डिग्गी में डाल लिया था। बकौल विनोद, सलीम ने मुझे पल्लवपुरम में ही उतार दिया था और महिला की हत्या कर लाश सोनीपत की नहर में फेंकने की बात कही थी।
एसपी सिटी का कहना है कि अपहरण का केस वर्कआउट हो चुका है। अब सलीम पकड़ा जाएगा तो ही पता चलेगा कि महिला का शव कहां फेंका है। शव मिलने पर ही अपहरण में दर्ज केस हत्या की धारा में तरमीम होगा।
कमलेश के सिम ने ही कराया खुलासा
एसपी सिटी के अनुसार आरोपी अपहरण के दौरान कमलेश का मोबाइल भी ले गए थे। दीपक ने विनोद को कहा था कि मुझसे फोन पर नहीं सिर्फ मिलकर बात करना। मां के फोन से आवाज बदलकर मुझसे 50 लाख की फिरौती मांगते रहना। इस फोन की लोकेशन सोनीपत में ही मिलती रही थी। करीब डेढ़ माह पहले विनोद ने दीपक से मिलकर कहा कि यह फोन खराब हो गया है। मैं फोन ठीक कराने जाऊंगा तो पकड़ा जाऊंगा। इस बीच विनोद ने अपने घर में पड़ा अपना पुराना नोकिया का मोबाइल ठीक कराकर उसमें कमलेश का सिम डाल लिया था। इससे फिरौती मांगी गई तो सर्विलांस के सहारे पुलिस विनोद तक पहुंच गई। जिसके बाद सारा केस खुलता चला गया।
मामा को भी फंसाया था
दीपक ने अपने भाई के साथ डीजीपी और मुख्यमंत्री से मिलकर खुलासे की मांग की थी। जबकि अपने मामा पर भी अपहरण कराने का आरोप लगाया था। यह केस खोलने में तीन थानेदार और एक सीओ गच्चा खा चुके थे। बीस दिन पहले सीओ दौराला विजय प्रकाश ने खुद पूरे मामले को अपने हाथ में लिया था। जिसके बाद यह केस खुल पाया।
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