कलयुगी पिता ने खून के रिश्ते को किया तार-तार, पत्नी व बेटियों को पाठल से काट डाला
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वैसे तो हमारे यहां रिश्तों का काफी महत्व माना जाता है। लेकिन खून के रिश्ते को तार-तार कर देने वाली यह खबर आपको हैरान कर देगी। एक कलयुगी पति ने पहले अपनी पत्नी पर वार किया और फिर बाद में सगी बेटियों को भी नहीं छोड़ा। यह मामला बिजनौर के किरतपुर थानाक्षेत्र के गांव भोजपुर का है। बेरोजगारी और आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी व दो पुत्रियों को मंगलवार रात पाठल से काटने की कोशिश की और खुद परिजनों के सामने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। गंभीर रूप से घायल मां-बेटियों को मेरठ रेफर किया गया है। रोजगार न होने की वजह से वह काफी समय से तनाव में था और नशे की गोलियों का सेवन कर रहा था। वहीं पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज होने पर ही कार्रवाई की जाएगी। पूरा मामला जानने के आगे जरूर पढ़ें...
गर्दन, कनपटी, हाथों पर ताबड़तोड़ वार किये
गांव भोजपुर का निर्वेश राजपूत (43) के परिवार में पत्नी ऊषा व तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी रचना 22 साल, आराधना 12 व श्रद्धा 16 साल की है। निर्वेश ने मंगलवार रात करीब 11 बजे सो रहीं अपनी पत्नी ऊषा, बेटी आराधना व श्रद्धा पर पाठल से उनकी गर्दन, कनपटी, हाथों पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। पाठल लगने से लहूलुहान हुई आराधना चीखते हुए घर के बाहर आई तो परिवार के अन्य सदस्य और पड़ोसी भी अपने घर से बाहर निकल आए। परिजनों ने बदमाश आने का अनुमान लगाकर छत से हवाई फायरिंग की। परिवार वाले निर्वेश के घर में घुसे तो अंदर का खौफनाक मंजर देखकर उनके मुंह से चीख निकल गई। पाठल के घाव से ऊषा व श्रद्धा फर्श पर पड़ी तड़प रहीं थीं और निर्वेश उनके पास हाथ में खून से सनी पाठल लिए खड़ा था।
परिजन तुरंत पूरा मामला समझ गए और निर्वेश को पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान निर्वेश ने जहर खा लिया और वहीं बदहवास होकर गिर गया। परिजनों ने तुरंत एंबुलेंस को फोन कर बुलाया और चारों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया। निर्वेश की मेरठ ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। ऊषा, आराधना व श्रद्धा को मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मौके से वारदात में प्रयुक्त पाठल व जहर के पाउच बरामद कर लिए हैं। परिजनों का कहना है कि निर्वेश काफी समय से बेरोजगार था। उसने आर्थिक तंगी के दौरान अपनी पांच बीघा जमीन बेचकर घर के खर्चे में लगा दी। वह रोजगार की तलाश में अपने भाई संदीप के पास सोनीपत में कत्था फैक्ट्री में काम करने गया, लेकिन वहां भी ज्यादा मजदूरी न मिलने से दस दिन पहले निर्वेश सोनीपत से घर आ गया था। घरवालों का कहना है कि वह अपने हिस्से की जमीन बेच कर घर का खर्च चला रहा था और अन्य लोगों से भी उधार ले रखा था। वहीं, पुलिस का कहना है कि शिकायत मिली है, जांच की जा रही है। अभी तक किसी ने कोई रिपोर्र्ट दर्ज नहीं कराई है।
तो नहीं बच पाती रचना भी
मंगलवार रात निर्वेश की बड़ी बेटी रचना अपनी दादी राजबाला के साथ अपने चाचा नीरज के मकान में सोई थी। नीरज दो दिन पहले बच्चे समेत सपरिवार रिश्तेदारी में गाजियाबाद गया हुआ है। कमरे में कोई नहीं था। अगर वह भी चाचा के मकान में दादी के साथ न सोई होती तो निर्वेश उस पर भी कातिलाना हमला कर देता।
बाजार से लाया था पाठल
पत्नी और बेटियों को मौत की नींद सुलाने के लिए निर्वेश ने पूरी तैयारी कर ली थी। गांववालों के अनुसार वह मंगलवार को दिन में बाजार से नई पाठल खरीदकर लाया था। गांव वालों का कहना है कि निर्वेश ने पाठल को घर में छिपाकर रखा था। पत्नी व बेटियों के सोते ही उन पर पाठल से ताबड़तोड़ हमले कर दिए।
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