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कैराना उपचुनाव: भाजपा ने गठबंधन को हराने के लिए बनाई ये रणनीति

Mon, 07 May 2018 06:28 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Mon, 07 May 2018 06:28 PM IST
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kairana byelection: BJP has prepared for the victory
फाइल फोटो

कैराना उपचुनाव में भाजपा पूरी ताकत झोंक रही है। पश्चिम के तमाम दिग्गज नेता कैराना चुनाव में लगा दिए गए हैं। इनमें कुछ प्रचार की कमान संभालेंगे तो कुछ चुनाव प्रबंधन को देखेंगे। मेरठ महानगर की टीम चुनाव प्रबंधन की कमान देखेगी। वहीं तमाम विधायकों और नेताओं को जातिगत आंकड़ों के हिसाब से मैदान में उतारा गया है।

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गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव की हार के बाद कैराना उपचुनाव भाजपा के लिए बड़ी चुनौती है। इसके लिए 30 अप्रैल को गाजियाबाद में क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ प्रदेश के संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने रणनीति तैयार की। उसी के तहत क्षेत्रीय अध्यक्ष अश्वनी त्यागी ने तमाम दिग्गज नेताओं को चुनाव में लगाया है। कैराना सीट पर विपक्ष की संयुक्त प्रत्याशी के सामने भाजपा ने पूर्व सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को उतारा है। ऐसे में गुर्जर वोट तो भाजपा अपनी मानकर चल रही है, बावजूद इसके गुर्जर एमएलसी अशोक कटारिया, विधायक अवतार सिंह भड़ाना और डॉ. सोमेंद्र तोमर को विशेष रूप से गुर्जर बहुल क्षेत्र में उतारा है। 
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वहीं, दूसरी तरफ राज्यसभा सदस्य कांता कर्दम और विधायक दिनेश खटीक के साथ ही पूर्व एमएलसी लोकेश प्रजापति, हरपाल सैनी को दलित तथा अति पिछड़ा वोटों को साधने के लिए लगाया गया है। जबकि विधायक जितेंद्र सतवाई सहित अन्य जाट नेताओं को जाट वोटों को साधने की जिम्मेदारी दी है। इनके अलावा केंद्रीय मंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, सांसद कुंवर भारतेंद्र को भी जाट वोट बैंक साधने की जिम्मेदारी दी है। 
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सरधना विधायक ठा. संगीत सोम को ठाकुर वोटों के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी जाकर माहौल बनाने का निर्देश पार्टी नेतृत्व ने दिया है। जबकि पार्टी के अन्य नेता पूर्व विधायक अमित अग्रवाल, विनीत अग्रवाल शारदा, एमएलसी डॉ. सरोजनी अग्रवाल, सुरेश जैन रितुराज, सुनील भराला, देवेंद्र गुर्जर, मनिंदरपाल सिंह, अरुण वशिष्ठ आदि को भी कैराना में प्रचार की कमान दी है। जबकि चुनाव प्रबंधन के लिए महानगर की टीम के करुणेश नंदन गर्ग, विवेक रस्तोगी आदि तमाम पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी जा रही है।

पढ़ें : कैराना उपचुनाव 2018: सियासत एक बार फिर इतिहास को दोहरा रही

पार्टी ने सद्भावना को दिया टिकट 

kairana byelection: BJP has prepared for the victory
फाइल फोटो

कैराना में पार्टी ने एक प्रत्याशी को नहीं बल्कि सद्भावना को टिकट दिया है। यह बात रालोद सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह ने रविवार को कैराना से पार्टी प्रत्याशी तबस्सुम हसन को पार्टी सिंबल देने के बाद अमर उजाला से बात करते हुए कही।

सिंह ने कहा कि दिल्ली की गद्दी हथियाने के लिए भाजपा ने 2013 में वहां दंगा कराया था जहां कभी दंगा नहीं हुआ था। वे इस समय 80 वें साल में चल रहे हैं। उन्होंने ये साल क्षेत्र में हिंदू- मुस्लिम एकता, आपसी भाईचारे और सद्भावना के लिए दिया है। पिछले दो महीने से वे इसके लिए हर जनपद में जाकर हिंदू-मुस्लिमों से बात कर रहे हैं। सिंह ने तबस्सुम हसन को टिकट दिए जाने के फैसले पर कहा कि क्षेत्र की जनता पार्टी उपाध्यक्ष जयंत चौधरी को चुनाव लड़ाने के लिए जोर लगा रही थी। मुस्लिम वर्ग भी जयंत को टिकट देने की मांग कर रहा था। लेकिन उन्होंनेे जातिवाद और  परिवारवाद से ऊपर आपसी भाईचारा, शांति और सद्भावना को रखा। पार्टी के प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ. राजकुमार सांगवान ने बताया कि हाईकमान ने पार्टी के सभी पदाधिकारियों के अलावा सक्रिय कार्यकर्ताओं को कैराना कूच करने के निर्देश दिए हैं।

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