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कामयाब हुए प्रयास : शहीद की प्रतिमा को 21 साल बाद मिला इंसाफ, अमर उजाला ने चलाया था अभियान

Sat, 24 Jul 2021 01:25 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 24 Jul 2021 01:25 PM IST
सार

प्रतिमा के इंसाफ के लिए लगातार शहीद हुए मेजर मनोज तलवार के पिता पीएन तलवार लड़ते रहे थे। एक महीने पहले उनका भी देहांत हो गया। इस बार कारगिल विजय दिवस से पहले एमडीए की ओर से छतरी और लाइटें लगा दी गई हैं।

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justice with the statue of Martyr Mejor Manoj talwar after twenty one years, after Amar Ujala campaigned
शहीद मेजर मनोज तलवार की प्रतिमा - फोटो : Amar Ujala Meerut

विस्तार

कारगिल युद्ध में शहीद हुए मेजर मनोज तलवार की प्रतिमा को आखिरकार 21 साल बाद इंसाफ मिल ही गया। कमिश्नरी आवास पर स्थित प्रतिमा को पहले फुटपाथ पर लगाया हुआ था। पिछले वर्ष अमर उजाला द्वारा चलाए गए अभियान में वहां से हटाकर एमडीए ने चबूतरा बनाकर स्थापित कराया। 

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इसके बाद लगातार प्रतिमा पर छतरी और लाइटों से जगमग करने का अभियान अमर उजाला द्वारा चलाया गया। एमडीए की ओर इस कार्य को भी शुक्रवार को पूरा करा दिया गया। एमडीए उपाध्यक्ष मृदुल चौधरी के आदेश पर अधिशासी अभियंता अरुण शर्मा ने स्टील की छतरी तैयार कराकर प्रतिमा पर लगवाई।
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प्रतिमा के इंसाफ के लिए लगातार उनके पिता पीएन तलवार हमेशा लड़ते रहे लेकिन एक महीने पहले उनका भी देहांत हो गया। 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस पर उनकी प्रतिमा पर हर वर्ष पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस बार कारगिल विजय दिवस से पहले एमडीए की ओर से छतरी और लाइटें लगा दी गई हैं।

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उनकी प्रतिमा पर लिखी शहादत और अनावरण की तारीख ने भी सुर्खियां बटोरी थीं। हाल ही में नगर निगम ने उनकी प्रतिमा की अनावरण की तारीख को ठीक करने के बजाया शहादत की तारीख गलत कर किरकिरी कराई थी। इस मामले को भी सबसे पहले अमर उजाला ने ही उठाया था। बाद में गलती को ठीक किया गया। 

13 जून 1999 को  दी थी शहादत
1992 में कमीशन प्राप्त कर लेफ्टिनेंट पद पर नियुक्त हुए। प्रथम तैनाती जम्मू कश्मीर में हुई। इसके बाद उन्होंने कारगिल में 19 हजार फीट ऊंची खड़ी चोटी पर घुसपैठियों को खदेड़कर अपना शौर्य दिखाया था। 13 जून 1999 को वह शहीद हो गए। 

इस कार्य को अमर उजाला ने लगातार उठाया। हमने अधिकारियों को निर्देश देकर प्रतिमा पर कई कार्य कराए। प्रतिमा पर एलईडी लाइट लगवाई गई हैं। शहीद को सम्मान देने की जिम्मेदारी हमारी थी, उसे पूरा कर दिया गया।  - मृदुल चौधरी, एमडीए उपाध्यक्ष

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