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Meerut News: अप्रैल में जून जैसी तपिश, आसमान से बरस रही आग
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मेरठ..कंवलजीत..भीषण गर्मी से बचते लोग कमिश्नरी की और से जाते......संवाद
लू से जनजीवन अस्त-व्यस्त, 42.1 पहुंचा पारा
दोपहर में सड़कों पर पसरा सन्नाटा, बाजारों से रौनक गायब
48 से 72 घंटों तक लू का असर रहेगा जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इन दिनों कुदरत का कहर भीषण गर्मी और लू के रूप में टूट रहा है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही जून जैसी तपिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है। सोमवार को सुबह से ही सूरज के तीखे तेवरों और झुलसाने वाली गर्म हवाओं ने लोगों का घर से निकलना मुहाल कर दिया। मौसम विभाग की मानें तो अगले कुछ दिनों तक इस अग्निपरीक्षा से राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं।
लगातार बढ़ते तापमान के कारण शहरों से लेकर गांवों तक सन्नाटा पसरा हुआ है। दोपहर होते-होते पारा 42 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच रहा है जिससे सड़कें सूनी हो रही हैं। लोग केवल अति आवश्यक कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। गर्मी का सीधा असर व्यापार पर भी पड़ा है। बाजारों में ग्राहकों की संख्या कम होने से दुकानदार खाली बैठे नजर आ रहे हैं। वहीं गर्मी के साथ-साथ खराब हवा भी लोगों की सेहत बिगाड़ रही है। सोमवार को मेरठ का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 263 दर्ज किया गया जो खराब श्रेणी में आता है।
पशु-पक्षी भी बेहाल, इंसान भी परेशान
गर्मी का यह सितम केवल इंसानों तक सीमित नहीं है। पानी के स्रोतों के सूखने और भीषण धूप के कारण पशु-पक्षी भी व्याकुल हैं। हालांकि कई स्थानों पर सामाजिक संगठनों और आम लोगों द्वारा पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था की जा रही है लेकिन बेतहाशा गर्मी के आगे ये प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं।
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अभी और तपेगा पश्चिम यूपी
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार सोमवार को अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगले 48 से 72 घंटों तक लू का असर जारी रहेगा और तापमान में अभी और बढ़ोतरी हो सकती है। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक रूप से धूप में न निकलने की सलाह दी है।
विभिन्न इलाकों का एक्यूआई
एमआईटी कॉलेज क्षेत्र: 333 (सर्वाधिक प्रदूषित)
पल्लवपुरम: 279
गंगानगर: 236
जयभीम नगर: 203
डॉक्टरों की सलाह: जरा संभल कर निकलें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में लू लगने का खतरा सबसे अधिक होता है। बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर ढक कर ही बाहर निकलें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है क्योंकि यह गर्मी बीमार कर सकती है।
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दोपहर में सड़कों पर पसरा सन्नाटा, बाजारों से रौनक गायब
48 से 72 घंटों तक लू का असर रहेगा जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इन दिनों कुदरत का कहर भीषण गर्मी और लू के रूप में टूट रहा है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही जून जैसी तपिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है। सोमवार को सुबह से ही सूरज के तीखे तेवरों और झुलसाने वाली गर्म हवाओं ने लोगों का घर से निकलना मुहाल कर दिया। मौसम विभाग की मानें तो अगले कुछ दिनों तक इस अग्निपरीक्षा से राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं।
लगातार बढ़ते तापमान के कारण शहरों से लेकर गांवों तक सन्नाटा पसरा हुआ है। दोपहर होते-होते पारा 42 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच रहा है जिससे सड़कें सूनी हो रही हैं। लोग केवल अति आवश्यक कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। गर्मी का सीधा असर व्यापार पर भी पड़ा है। बाजारों में ग्राहकों की संख्या कम होने से दुकानदार खाली बैठे नजर आ रहे हैं। वहीं गर्मी के साथ-साथ खराब हवा भी लोगों की सेहत बिगाड़ रही है। सोमवार को मेरठ का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 263 दर्ज किया गया जो खराब श्रेणी में आता है।
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पशु-पक्षी भी बेहाल, इंसान भी परेशान
गर्मी का यह सितम केवल इंसानों तक सीमित नहीं है। पानी के स्रोतों के सूखने और भीषण धूप के कारण पशु-पक्षी भी व्याकुल हैं। हालांकि कई स्थानों पर सामाजिक संगठनों और आम लोगों द्वारा पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था की जा रही है लेकिन बेतहाशा गर्मी के आगे ये प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं।
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अभी और तपेगा पश्चिम यूपी
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार सोमवार को अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगले 48 से 72 घंटों तक लू का असर जारी रहेगा और तापमान में अभी और बढ़ोतरी हो सकती है। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक रूप से धूप में न निकलने की सलाह दी है।
विभिन्न इलाकों का एक्यूआई
एमआईटी कॉलेज क्षेत्र: 333 (सर्वाधिक प्रदूषित)
पल्लवपुरम: 279
गंगानगर: 236
जयभीम नगर: 203
डॉक्टरों की सलाह: जरा संभल कर निकलें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में लू लगने का खतरा सबसे अधिक होता है। बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर ढक कर ही बाहर निकलें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है क्योंकि यह गर्मी बीमार कर सकती है।