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जीजा बनाता था तमंचे, साला करता था सप्लाई
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 20 Mar 2018 01:42 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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परीक्षितगढ़ में जीजा-साले की तमंचे बनाने की फैक्ट्री का सोमवार को पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया। जीजा तमंचे बनाता था और साला उन्हें बाजार में सप्लाई करता था। पुलिस ने साले को गिरफ्तार कर तमंचे और औजार बरामद किए हैं। फरार जीजा की तलाश में दबिश दी, लेकिन सुराग नहीं लगा। एसएसपी ने परीक्षितगढ़ पुलिस को 20 हजार रुपये का पुरस्कार देने की बात कही है।
एसपी देहात राजेश कुमार ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर बताया कि रविवार आधी रात को परीक्षितगढ़ एसओ ने फोर्स के साथ बढ़ला गांव में दबिश दी। वहां आस मोहम्मद के घर में ही तमंचे बनाने की फैक्ट्री चल रही थी। पुलिस ने मौके से उसके साले चांद उर्फ आशु निवासी चंदोरा, मुरादनगर को गिरफ्तार कर लिया। जबकि आस मोहम्मद फरार हो गया। पुलिस ने मौके से दस तमंचे, 20 अधबने तमंचे और तमंचे बनाने के औजार बरामद किए।
मैं तो सप्लाई करता हूं
पूछताछ में आशु ने बताया कि तमंचे उसका जीजा आस मोहम्मद बनाता है। उनके परिवार के कई लोग तमंचा बनाने में माहिर हैं। वह तो सिर्फ सप्लाई करता है। रविवार को वह बीस तमंचे लेने आया था। दस तमंचे तैयार थे, बाकी रात में तैयार कराए जा रहे थे। जिसके चलते उसको वहां पर रुकना पड़ा।
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मुठभेड़ में भाई को लगी थी गोली
एसओ परीक्षितगढ़ रितेश कुमार ने बताया कि एक महीने पहले मेडिकल पुलिस ने आरोपी आस मोहम्मद के चचेरे भाई फकरुद्दीन के पैर में मुठभेड़ के दौरान गोली मारी थी। वह भी हथियार बनाने का काम करता था। उसके पास से कई तमंचे बरामद हुए थे।
तहखाना बनाया हुआ था
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने घर में तहखाना बना रखा था, जहां तमंचे बनाने का काम होता था। पिछले कई सालों से यह धंधा चल रहा था। पुलिस का दावा है कि सटीक मुखबिरी नहीं होती तो फैक्ट्री को पकड़ना आसान नहीं होता। पुलिस अकेले घर जाती तो शायद तहखाना नहीं मिलता।
दिल्ली तक करते सप्लाई
आरोपी चांद उर्फ आशु ने बताया कि तमंचे की सप्लाई वह मुरादनगर, गाजियाबाद व दिल्ली तक करते थे। आरोपी चांद के अलावा भी कई लोग हथियार बेचने का काम करते हैं। उनका नेटवर्क दूर तक फैला हुआ है।
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एसपी देहात राजेश कुमार ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर बताया कि रविवार आधी रात को परीक्षितगढ़ एसओ ने फोर्स के साथ बढ़ला गांव में दबिश दी। वहां आस मोहम्मद के घर में ही तमंचे बनाने की फैक्ट्री चल रही थी। पुलिस ने मौके से उसके साले चांद उर्फ आशु निवासी चंदोरा, मुरादनगर को गिरफ्तार कर लिया। जबकि आस मोहम्मद फरार हो गया। पुलिस ने मौके से दस तमंचे, 20 अधबने तमंचे और तमंचे बनाने के औजार बरामद किए।
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मैं तो सप्लाई करता हूं
पूछताछ में आशु ने बताया कि तमंचे उसका जीजा आस मोहम्मद बनाता है। उनके परिवार के कई लोग तमंचा बनाने में माहिर हैं। वह तो सिर्फ सप्लाई करता है। रविवार को वह बीस तमंचे लेने आया था। दस तमंचे तैयार थे, बाकी रात में तैयार कराए जा रहे थे। जिसके चलते उसको वहां पर रुकना पड़ा।
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मुठभेड़ में भाई को लगी थी गोली
एसओ परीक्षितगढ़ रितेश कुमार ने बताया कि एक महीने पहले मेडिकल पुलिस ने आरोपी आस मोहम्मद के चचेरे भाई फकरुद्दीन के पैर में मुठभेड़ के दौरान गोली मारी थी। वह भी हथियार बनाने का काम करता था। उसके पास से कई तमंचे बरामद हुए थे।
तहखाना बनाया हुआ था
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने घर में तहखाना बना रखा था, जहां तमंचे बनाने का काम होता था। पिछले कई सालों से यह धंधा चल रहा था। पुलिस का दावा है कि सटीक मुखबिरी नहीं होती तो फैक्ट्री को पकड़ना आसान नहीं होता। पुलिस अकेले घर जाती तो शायद तहखाना नहीं मिलता।
दिल्ली तक करते सप्लाई
आरोपी चांद उर्फ आशु ने बताया कि तमंचे की सप्लाई वह मुरादनगर, गाजियाबाद व दिल्ली तक करते थे। आरोपी चांद के अलावा भी कई लोग हथियार बेचने का काम करते हैं। उनका नेटवर्क दूर तक फैला हुआ है।