मुजफ्फरनगर: चिल्लागाह पर चौथे दिन भी चला बुलडोजर, खुशहाल की पत्नी को दो दिन में खाली करना होगा आवास
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पीर खुशहाल ने वर्ष 1975 में वन विभाग से 30 साल के लिए 98 बीघा जमीन लीज पर ली थी। 2005 में लीज का समय पूरा होने के बाद भी जमीन को खाली नहीं किया गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चलते वन विभाग की जमीन का लीज का समय नहीं बढ़ाया जा सका। खुशहाल ने इस बीच वन विभाग की जमीन पर अवैध रूप से एक महल, इबादतगाह आदि का निर्माण करा दिया। वर्ष 2017 में पीर खुशहाल की मौत हो गई। अवैध कब्जा लगातार जारी रहा।
केंद्रीय राज्यमंत्री डाॅ. संजीव बालियान ने डीएम को वन विभाग की जमीन खाली कराने को पत्र लिखा, तो वन विभाग जागा। प्रशासन ने जमीन खाली कराने की कार्रवाई शुरू की। इसी कड़ी में चौथे दिन मंगलवार को सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई।
जेसीबी ने यहां बनी रसोई, बाथरूम और आराम करने के कमरों को तोड़ दिया। बिल्डिंग का जो हिस्सा बच गया था उसे भी नेस्तनाबूद किया जा रहा है। इस बीच पीर खुशहाल की पत्नी नाजिया आफरीदी व चिल्लागाह गद्दीनशीं जव्वाद अहमद ने छोटे-छोटे बच्चों का हवाला देते हुए रहने की जगह तलाशने को लेकर अफसरों से दो दिन का समय मांगा।
अफसरों ने साफ शब्दों में कहा कि कई दिन से कार्रवाई चल रही है अब तक जगह क्यों नहीं तलाशी गई। यहां खुशहाल के मुख्य आवास में अकीदतमंदों का दिन-रात आना जाना लगा हुआ है। एडीएम प्रशासन अमित कुमार ने कहा कि निर्माण ध्वस्त की कार्रवाई का कार्य जल्द पूरा हो जाएगा।
डीएफओ सूरज कुमार ने कहा कि मुख्य आवास को हर हाल में खाली कराया जाएगा। इसमें रहने वाले समय रहते सामान को निकालकर ले जाए वरना जब्त करने की कार्रवाई हमें मजबूरीवश करनी पड़ेगी। इस मौके पर सीओ भोपा सोमेंद नेगी, वन रेंजर सिंहराज पुंडीर, कुलदीप चौधरी, मोहन बहुखंडी, दीपक चौधरी, भोपा थाना प्रभारी सूबे सिंह यादव, ककरौली थाना सहित पीएसी बल मौके पर रहे।