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जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष बोले- कोरोना को धार्मिक रंग देने की साजिश

Sat, 16 May 2020 07:29 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Sat, 16 May 2020 07:29 PM IST
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Jamiat Ulama-e-Hind president Arshad Madni said that conspiracy against Muslims during Corona
जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी - फोटो : अमर उजाला

तब्लीगी जमात पर देश में कोरोना फैलाने के झूठे प्रचार और उसके पीछे सरकार के मौन समर्थन को शर्मनाक बताते हुए जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा कि जमीयत इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में है। कोर्ट ने इस पर प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया को पार्टी बनाने की बात की और हम उम्मीद करते है कि कोर्ट सख्त रुख अपनाते हुए न्याय करेगा।

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शनिवार को मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि 47 देशों के 1640 विदेशी तब्लीगी जमात के सदस्य थे। इनमें दो की मौत हुई और कुछ लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव के अलावा कोई मामला सामने नहीं आया। दिल्ली में ही विभिन्न देशों के 739 लोग हैं और शेष भारत के अन्य राज्यों से थे, लेकिन मीडिया ने पूरे देश में कोरोना फैलाने का तब्लीगी जमात पर झूठा आरोप लगाया और मुसलमानों के खिलाफ नफरत का माहौल बनाया। जिस कारण मुल्क ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में देश को बदनाम किया जाता रहा और सरकार मूकदर्शक बनी रही। 
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मौलाना मदनी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सरकार कोरोना से संबंधित आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहती रही की इतने कोरोना पीड़ित सामने आए हैं, जिनमें तब्लीगी जमात वालों को कभी 20 प्रतिशत, कभी 25 प्रतिशत, कभी 30 प्रतिशत बताया गया। मदनी ने सवाल किया कि इस समय देश में कोरोना के मामले 81 हजार को पार कर चुके हैं। अब सरकार और मीडिया मुसलमानों के आंकड़े क्यों नहीं बताती?। मदनी ने यह भी कहा कि सरकार और मीडिया के शर्मनाक रवैये पर अंतरराष्ट्रीय संगठन, विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी, लेकिन उसके बावजूद इन दोनों ने कोरोना को मुसलमान बना दिया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में लोगों की परेशानियों को नजरअंदाज कर मीडिया का पूरा ध्यान तब्लीगी जमात पर केंद्रित करना बिना सुनियोजित साजिश और सरकार में बैठे कुछ लोगों के इशारे के संभव नहीं है।

जमीयत की ओर से जारी विदेशी जमातियों के आंकड़े
रूस 1, इंडोनेशिया 777, बांग्लादेश 151, मलेशिया 170, किरगिस्तान 51, कजाकिस्तान 44, बर्मा 118, सूडान 24, सिंगापुर 3, साउथ अफ्रीका 1, सऊदी अरब 1, फिलेपीन 8, रूस 1, श्रीलंका 44, नाइजेरिया 10, मोजाम्बिक 9, मोरक्को 2, नेपाल 1, केन्या 3, ईरान 15, फिलीस्तीन 3, आईवरीकोस्टा 12, घाना 1, फ्रांस 5, गामबिया 2, इथियोपिया 8, डजबूती 10, डोमाली 1, चीन 4, ब्रिटेन 4, कांगो 1, अमेरिका 2, वियतनाम 12, तरीनाद और टोबाको 2, तंजानिया 12, तयूनीशिया 1, ब्रुनेई 3, थाईलैंड 86, शाम 1, बेनिन 1, बेल्जियम 2, ब्राजील 6, ऑस्ट्रेलिया 2, अल्जीरिया 7, फिजी 15, सनीगाल 1 और अफगानिस्तान के 4 जमाती थे।

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