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20 को गिरनार में नेमिनाथ मोक्ष कल्याणक पर जुटे जैन समाज : सुदीप
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जैन समाज की बैठक में किया आह्वान, धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए लिया जाएगा संकल्प
श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार, धार्मिक अधिकारों के हनन का आरोप, जांच की मांग
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। विश्व श्रमण संस्कृति श्रीसंघ के राष्ट्रीय महामंत्री सुदीप जैन ने टीपी नगर में हुई बैठक में जैन समाज के लोगों से 20 जुलाई को गुजरात के जूनागढ़ स्थित गिरनार पर्वत पहुंचने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि समाज के लोग वहां पर भगवान नेमिनाथ के मोक्ष कल्याणक के अवसर पर दर्शन-पूजन कर धार्मिक अधिकारों और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा का संकल्प लें।श्रन किया है। टीपी नगर में समाज की बैठक में उन्होंने यह आह्वान किया।
सुदीप जैन ने कहा कि 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ को गिरनार पर्वत की पांचवीं टोंक से मोक्ष प्राप्त हुआ था। इसलिए यह स्थान जैन समाज के लिए अत्यंत पवित्र और आस्था का प्रमुख केंद्र है। उनका आरोप है कि वर्ष 2002 से 2004 के बीच इस पवित्र स्थल का स्वरूप बदला गया। इसके बाद जैन श्रद्धालुओं और संतों के साथ दुर्व्यवहार तथा हमलों की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
सुदीप जैन ने कहा कि 17 फरवरी 2005 को उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों का आज तक समुचित पालन नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष श्रद्धालुओं को गोला, बादाम और चावल जैसी पूजन सामग्री ले जाने से रोका गया। उनकी कड़ी तलाशी ली गई। इससे जैन समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग धार्मिक आस्था को आर्थिक लाभ का माध्यम बनाकर दान और चढ़ावे पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने गिरनार से जुड़े विवादों, श्रद्धालुओं के साथ हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
विश्व श्रमण संस्कृति श्रीसंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सौरभ जैन ने कहा कि जैन समाज अपने धार्मिक स्थलों, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संगठित होकर आवाज उठाएगा। उन्होंने देशभर के श्रद्धालुओं से 20 जुलाई को अधिक से अधिक संख्या में गिरनार पहुंचने का आह्वान किया।
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श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार, धार्मिक अधिकारों के हनन का आरोप, जांच की मांग
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। विश्व श्रमण संस्कृति श्रीसंघ के राष्ट्रीय महामंत्री सुदीप जैन ने टीपी नगर में हुई बैठक में जैन समाज के लोगों से 20 जुलाई को गुजरात के जूनागढ़ स्थित गिरनार पर्वत पहुंचने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि समाज के लोग वहां पर भगवान नेमिनाथ के मोक्ष कल्याणक के अवसर पर दर्शन-पूजन कर धार्मिक अधिकारों और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा का संकल्प लें।श्रन किया है। टीपी नगर में समाज की बैठक में उन्होंने यह आह्वान किया।
सुदीप जैन ने कहा कि 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ को गिरनार पर्वत की पांचवीं टोंक से मोक्ष प्राप्त हुआ था। इसलिए यह स्थान जैन समाज के लिए अत्यंत पवित्र और आस्था का प्रमुख केंद्र है। उनका आरोप है कि वर्ष 2002 से 2004 के बीच इस पवित्र स्थल का स्वरूप बदला गया। इसके बाद जैन श्रद्धालुओं और संतों के साथ दुर्व्यवहार तथा हमलों की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
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सुदीप जैन ने कहा कि 17 फरवरी 2005 को उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों का आज तक समुचित पालन नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष श्रद्धालुओं को गोला, बादाम और चावल जैसी पूजन सामग्री ले जाने से रोका गया। उनकी कड़ी तलाशी ली गई। इससे जैन समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग धार्मिक आस्था को आर्थिक लाभ का माध्यम बनाकर दान और चढ़ावे पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने गिरनार से जुड़े विवादों, श्रद्धालुओं के साथ हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
विश्व श्रमण संस्कृति श्रीसंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सौरभ जैन ने कहा कि जैन समाज अपने धार्मिक स्थलों, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संगठित होकर आवाज उठाएगा। उन्होंने देशभर के श्रद्धालुओं से 20 जुलाई को अधिक से अधिक संख्या में गिरनार पहुंचने का आह्वान किया।