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जेल के बाहर धरने पर बैठी महिला बंदी रक्षक
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Mon, 23 May 2016 02:51 AM IST
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जेल पर हंगामा करती महिला।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला जेल में तैनात महिला बंदी रक्षक रविवार को जेल के बाहर धरने पर बैठ गई। बंदी रक्षक का आरोप है कि वह नौ माह की गर्भवती है, लेकिन उसे अवकाश नहीं दिया जा रहा है। वहीं, वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने महिला को मेडिकल सर्टिफिकेट के आधार पर 40 दिन की छुट्टी पर भेज दिया है।
बंदी रक्षक पूनम विमल ने बताया कि पति की कई साल पहले मौत होने के बाद उसने जेल में तैनात बंदी रक्षक (कांस्टेबल) अजय कुमार से शादी कर ली थी। महिला के दो बच्चे हैं और इस समय वह नौ माह की गर्भवती है। पूनम के अनुसार उसका मेडिकल कॉलेज की डॉ. प्रियंका गर्ग से इलाज चल रहा है।
प्रार्थिनी की डिलीवरी का समय चल रहा है। जिसमें डॉक्टर ने बेड रेस्ट करने की सलाह दी है। आरोप है कि बीस मई को उसने वरिष्ठ जेल अधीक्षक को मेडिकल प्रमाणपत्र देकर 40 दिन का अर्जित अवकाश मांगा था, लेकिन छुट्टी नहीं दी गई। आरोप है कि उस पर जेल के एक अधिकारी के घर पर उनकी पत्नी की देखरेख के लिए लगाने का दबाव डाला गया। यह भी आरोप है कि जेल के एक अधिकारी द्वारा उसके
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चरित्र पर आरोप लगाकर उत्पीड़न किया जा रहा है।
एडीजी ने लिखा था सेवा समाप्त करने का पत्र
एडीजी जेल ने फरवरी 2016 में एक पत्र लिखा था। पत्र में कहा गया था कि महिला पूनम के पहले पति की मौत हो चुकी है। जिसने दूसरी शादी करने का कोई प्रमाणपत्र भी नहीं सौंपा है। पहले पति की मौत के बाद वह पेंशन लेने के साथ नौकरी भी कर रही है। महिला ने जेल में तैनात अजय कुमार से शादी करने की बात कही है। ऐसे में अजय की मां ने शिकायती पत्र दिया था कि उसका बेटा अजय उसकी संपत्ति कब्जाना चाहता है। जिसमें पूनम प्रार्थिनी पर उल्टा दहेज का आरोप लगा रही है। जिसके बाद एडीजी ने दोनों की सेवा समाप्त करने के लिए पत्र लिखा था।
सभी आरोप बेबुनियाद : रिजवी
इस संबंध में वरिष्ठ जेल अधीक्षक एसएचएम रिजवी का कहना है कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं। महिला सरकारी कर्मचारी है, जिसकी जेल के बाहर ड्यूटी लगी है। बाहर ड्यूटी के विरोध में वह छुट्टी न मिलने का आरोप लगा रही है, जो गलत है। पहले कभी भी किसी भी महिला बंदी रक्षक की ड्यूटी किसी अधिकारी के बंगले पर नहीं लगी है। मेडिकल सर्टिफिकेट पर महिला को अवकाश मिल सकता है। यह महिला पहले से दो प्रसूति अवकाश ले चुकी है। छुट्टी के लिए जो मेडिकल सर्टिफिकेट दिया गया था, उसमें कुछ कमी बताकर उसे दूर करने के लिए कहा गया था। महिला जेल के बाहर धरना नहीं दे रही, बल्कि बरामदे में ड्यूटी दे रही है। प्रॉपर मेडिकल सर्टिफिकेट मिलने के बाद उसे छुट्टी पर भेज दिया गया है।
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बंदी रक्षक पूनम विमल ने बताया कि पति की कई साल पहले मौत होने के बाद उसने जेल में तैनात बंदी रक्षक (कांस्टेबल) अजय कुमार से शादी कर ली थी। महिला के दो बच्चे हैं और इस समय वह नौ माह की गर्भवती है। पूनम के अनुसार उसका मेडिकल कॉलेज की डॉ. प्रियंका गर्ग से इलाज चल रहा है।
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प्रार्थिनी की डिलीवरी का समय चल रहा है। जिसमें डॉक्टर ने बेड रेस्ट करने की सलाह दी है। आरोप है कि बीस मई को उसने वरिष्ठ जेल अधीक्षक को मेडिकल प्रमाणपत्र देकर 40 दिन का अर्जित अवकाश मांगा था, लेकिन छुट्टी नहीं दी गई। आरोप है कि उस पर जेल के एक अधिकारी के घर पर उनकी पत्नी की देखरेख के लिए लगाने का दबाव डाला गया। यह भी आरोप है कि जेल के एक अधिकारी द्वारा उसके
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चरित्र पर आरोप लगाकर उत्पीड़न किया जा रहा है।
एडीजी ने लिखा था सेवा समाप्त करने का पत्र
एडीजी जेल ने फरवरी 2016 में एक पत्र लिखा था। पत्र में कहा गया था कि महिला पूनम के पहले पति की मौत हो चुकी है। जिसने दूसरी शादी करने का कोई प्रमाणपत्र भी नहीं सौंपा है। पहले पति की मौत के बाद वह पेंशन लेने के साथ नौकरी भी कर रही है। महिला ने जेल में तैनात अजय कुमार से शादी करने की बात कही है। ऐसे में अजय की मां ने शिकायती पत्र दिया था कि उसका बेटा अजय उसकी संपत्ति कब्जाना चाहता है। जिसमें पूनम प्रार्थिनी पर उल्टा दहेज का आरोप लगा रही है। जिसके बाद एडीजी ने दोनों की सेवा समाप्त करने के लिए पत्र लिखा था।
सभी आरोप बेबुनियाद : रिजवी
इस संबंध में वरिष्ठ जेल अधीक्षक एसएचएम रिजवी का कहना है कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं। महिला सरकारी कर्मचारी है, जिसकी जेल के बाहर ड्यूटी लगी है। बाहर ड्यूटी के विरोध में वह छुट्टी न मिलने का आरोप लगा रही है, जो गलत है। पहले कभी भी किसी भी महिला बंदी रक्षक की ड्यूटी किसी अधिकारी के बंगले पर नहीं लगी है। मेडिकल सर्टिफिकेट पर महिला को अवकाश मिल सकता है। यह महिला पहले से दो प्रसूति अवकाश ले चुकी है। छुट्टी के लिए जो मेडिकल सर्टिफिकेट दिया गया था, उसमें कुछ कमी बताकर उसे दूर करने के लिए कहा गया था। महिला जेल के बाहर धरना नहीं दे रही, बल्कि बरामदे में ड्यूटी दे रही है। प्रॉपर मेडिकल सर्टिफिकेट मिलने के बाद उसे छुट्टी पर भेज दिया गया है।