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Meerut News: अतुल को डसवाने के लिए सपेरे नहीं दुकानदार लेकर आए थे करैत सांप

Sun, 19 Jul 2026 11:02 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jul 2026 11:02 PM IST
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It was a shopkeeper, not a snake charmer, who brought the krait snake to bite Atul.
अतुल हत्याकांड:
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर (मेरठ)। कस्बे में बृहस्पतिवार रात नींद की गोलियां देने के बाद सांप से डसवा कर की गई अतुल की हत्या के मामले में हर दिन नया मोड़ सामने आ रहा है। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा महज चार घंटे में करने का दावा करते हुए मुख्य आरोपी दामिनी और उसके प्रेमी तुषार सहित चार लोगों को जेल तो भेज दिया, लेकिन वारदात से जुड़े कई अहम किरदार पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं कि यह पुलिस की ढील है या परदे के पीछे कोई बड़ा खेल चल रहा है।

वारदात में प्रयुक्त अति जहरीले करैत सांप की तस्करी कहां से की गई, इसका पता लगाने में पुलिस अब तक पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस जिन्हें शुरुआत में पेशेवर सपेरा समझ रही थी, वह दुकानदार निकले। तुषार को सांप उपलब्ध कराने वाले आरोपी सोनू और उदय कस्बे तथा आसपास के देहाती बाजारों में कपड़े और कॉस्मेटिक की फड़ लगाते हैं। उदय की मां ज्योति का कहना है कि उसका बेटा सपेरा नहीं है, वह तो छोटे कीट-पतंगों से भी डरता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि इन फड़ विक्रेताओं के पास करैत जैसा खतरनाक सांप कहां से आया और इसके पीछे वन्यजीव तस्करी का कौन सा बड़ा रैकेट काम कर रहा है।
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आखिर कौन है प्रतिबंधित दवाओं के सप्लायर
पुलिस और ड्रग्स विभाग की लापरवाही या मेहरबानी से कस्बे के अधिकतर मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाइयां की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है। अतुल हत्याकांड का दूसरा सबसे बड़ा अनसुलझा पहलू प्रतिबंधित नशीली दवाइयां भी हैं। वारदात के वक्त अतुल को दूध में मिलाकर भारी मात्रा में नींद की गोलियां दी गई थीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे (प्रिस्क्रिप्शन) के इतनी मात्रा में नशीली गोलियां किसने और कहां से उपलब्ध कराई, पुलिस इस पर गंभीरता नहीं दिखा रही है।
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नगर में सक्रिय झोलाछाप और मेडिकल स्टोर संचालकों की भूमिका को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। आरोप है कि पुलिस ने इस सिलसिले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
लोगों का कहना है कि पुलिस ने मुख्य आरोपियों को जेल भेजकर अपनी पीठ तो थपथपा ली है, लेकिन जहरीले सांपों की तस्करी करने वाले और अवैध रूप से नशीली दवाएं बेचने वाले असली गुनहगारों को क्यों बचाया जा रहा है।

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सीओ पंकज लवानिया का कहना है
अतुल हत्याकांड के षड्यंत्र की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। इस मामले में जो भी व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
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