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बाइक बोट कंपनी का पूर्व कर्मचारी घायल, अस्पताल पहुंचा तो निवेशकों ने घेरा, ये है मामला

Thu, 06 Jun 2019 03:57 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 06 Jun 2019 03:57 PM IST
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Investor ruckus in the hospital in the case of bike bot scam in Meerut
घायल कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
बाइक बोट कंपनी द्वारा की गई करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में बुधवार को एक निजी अस्पताल में लोगों की भीड़ लग गई। कंपनी का एक पूर्व कर्मचारी घायल होने पर इस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लोगों को इसका पता चला तो वे पैसों का दबाव बनाने अस्पताल पहुंच गए। 
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बाइक बोट कंपनी में अप्पू एंकलेव मोदीपुरम निवासी विजयपाल हेड बाइक ऑपरेशन के पद पर कार्यरत था। यह कंपनी लोगों के करोड़ों रुपये ठगकर फरार हो गई थी। मंगलवार सुबह विजयपाल बाइक से गिरकर घायल हो गया था। उसे सर्वहित अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसकी सूचना बाइक बोट कंपनी में निवेश करने वालों को मिलनी शुरू हुई तो वे अस्पताल पहुंच गए। 
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घायल विजयपाल ने बताया कि धनकौर के चीती गांव में संजय भाटी, सचिन भाटी और पवन भाटी ने गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड़ नाम से बाइक बोट कंपनी शुरू की थी। यह कंपनी लोगों से लगभग 61000 रुपये लेकर उसके नाम पर बाइक शहरों में ट्रांसपोर्ट के लिए उपलब्ध कराती थी और निवेशक को एक साल तक लगभग 9500 रुपये प्रतिमाह देती थी। उसने भी दिसंबर 2017 में एक बाइक कंपनी में लगाई थी। 
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विजयपाल ने बताया कि उसे समय पर रुपये मिलने लगे तो उसने अपने परिवार और परिचितों के रुपये भी कंपनी में लगवा दिए थे। मई 2018 में मेरठ में कंपनी की फ्रेंचाइजी भी ले ली थी, हालांकि दो माह बाद फ्रेंचाइजी को किसी ओर ने ले लिया था। विजयपाल ने बताया कि निवेशक के साथ उसने कंपनी में हेड बाइक ऑपरेशन की नौकरी भी कर ली थी। 

जनवरी 2019 से कुछ निवेशकों के रुपये कंपनी ने भेजने बंद कर दिए थे। अप्रैल तक सभी के रुपये आने बंद हो गए। अप्रैल में ही उसने भी कंपनी छोड़ दी थी। उसने कंपनी के अधिकारियों से निवेशकों के रुपये वापस करने की बात कही तो निवेशकों को उनकी रकम की एवज में 25 मई के चेक दे दिए थे। लेकिन 25 मई के बाद पता चला कि कंपनी के अकाउंट फ्रीज है। जिसके बाद एक निवेशक ने वाराणसी के एक थाने में उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया है। 

विजयपाल ने कहा कि कंपनी में जॉब लगने के बाद जिस भी निवेशक ने उसके जरिए कंपनी में रुपये लगाए वे सीधे कंपनी के खाते में जमा हुए हैं। इस मामले में वह खुद पीड़ित निवेशकों के साथ मिलकर कंपनी पर दबाव बनाएगा।

नोएडा से पहुंचे दो सिपाही
बताया गया कि 50 से अधिक निवेशक विजयपाल से अस्पताल में मिलने पहुंचे और रुपये वापस दिलाने की बात कही। लोगों ने इसकी सूचना एसएसपी नोएडा को दी तो वहां से दो सिपाही बुधवार को अस्पताल भेजे गए। सिपाहियों ने पहुंचकर उससे किसी को नहीं मिलने दिया। सिपाहियों ने मीडियाकर्मियों को भी रोक दिया। लेकिन बाद में एसएसपी से बात करने के बाद विजयपाल से मिलने दिया।

2.50 लाख लोगों के 5000 करोड़ बकाया
पूर्व कर्मचारी विजयपाल से मिलने पहुंचे कंपनी के निवेशक विजेंद्र सिंह ने कंपनी पर दो करोड़ रुपये, धर्मेंद्र ने दो करोड़, रविंद्र ने एक करोड़, विश्वास सिरोही ने ढाई करोड़ और सुशील ने तीन करोड़ रुपये बकाया बताए। इन लोगों का यहां तक कहना था कि कंपनी पर लगभग ढाई लाख लोगों के पांच हजार करोड़ बकाया हैं।
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