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Meerut News: अब्दुल्ला रेजीडेंसी मामले में उलझी जांच, आवास विकास के पास नहीं रिकॉर्ड
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मेरठ। हापुड़ रोड पर विकसित की गई अब्दुल्ला रेजीडेंसी आवासीय कॉलोनी की जांच अब उलझ गई है। इस कॉलोनी में सिर्फ अल्पसंख्यकों को ही मकान देने का मामला बीते दिनों सुर्खियों में रहा था। ऊर्जा राज्यमंत्री डा. सोमेंद्र तोमर ने मामले में जिलाधिकारी को पत्र लिखकर जांच की मांग की थी। अब आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी में आवास एवं विकास परिषद ने साफ किया है कि विभाग के पास इस संबंध में कोई रिकॉर्ड ही नहीं है।
हापुड़ रोड पर अब्दुल्ला रेजीडेंसी के मामले में ऊर्जा राज्यमंत्री ने पत्र लिखकर विस्तार से जांच की मांग की थी। इसमें प्राधिकरण से स्वीकृति, कॉलोनी का बिल्डर कौन है, भूमि उसने किससे खरीदी, किसी हिंदू खरीदार ने अब तक प्लॉट खरीदा आदि बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने मामले में आवास एवं विकास परिषद से सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा कि इस रेजीडेंसी के तलपट मानचित्र का क्रमांक व स्वीकृति का वर्ष क्या है। जवाब में कहा गया कि भूखंड के संबंध में जो सूचना चाही गई है उसे स्पष्ट नहीं किया गया। रेजीडेंसी के प्रमोटर्स व कॉलोनाइजर के नामों की सूचना दें। मामले में विभाग ने प्रश्नगत सूचना संपत्ति प्रबंध कार्यालय से संबंधित बता दी गई।
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हापुड़ रोड पर अब्दुल्ला रेजीडेंसी के मामले में ऊर्जा राज्यमंत्री ने पत्र लिखकर विस्तार से जांच की मांग की थी। इसमें प्राधिकरण से स्वीकृति, कॉलोनी का बिल्डर कौन है, भूमि उसने किससे खरीदी, किसी हिंदू खरीदार ने अब तक प्लॉट खरीदा आदि बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने मामले में आवास एवं विकास परिषद से सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा कि इस रेजीडेंसी के तलपट मानचित्र का क्रमांक व स्वीकृति का वर्ष क्या है। जवाब में कहा गया कि भूखंड के संबंध में जो सूचना चाही गई है उसे स्पष्ट नहीं किया गया। रेजीडेंसी के प्रमोटर्स व कॉलोनाइजर के नामों की सूचना दें। मामले में विभाग ने प्रश्नगत सूचना संपत्ति प्रबंध कार्यालय से संबंधित बता दी गई।
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