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इंटरनेट बंदी से कंपनी को 6 करोड़ का फायदा
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मेरठ। शहर में सुरक्षा की दृष्टि से दो दिन बंद रहीं इंटरनेट सेवाओं से उपभोक्ताओं को दोहरी मार झेलनी पड़ी। ऑनलाइन बैंकिंग और शॉपिंग न होने के कारण करोड़ों का व्यापार प्रभावित हुआ। हालांकि डेटा प्रयोग न होने के कारण टेलीकॉम कंपनियों को दो दिन में लगभग छह करोड़ की बचत हुई। हालांकि आधिकारिक तौर पर कंपनियों ने इस बात की पुष्टि नहीं की है।
इंटरनेट बैंकिंग, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, फंड ट्रांसफर, बिल पेमेंट आदि ज्यादातर कार्यों के लिए इंटरनेट का ही प्रयोग किया जाता है। सुरक्षा की दृष्टि से रविवार रात 12 बजे से 24 घंटे के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी बंद की गई थी। लेकिन जिला प्रशासन ने इस आदेश को मंगलवार शाम पांच बजे तक के लिए बढ़ा दिया था। इसका सीधा नुकसान उपभोक्ताओं को हुआ। ऑनलाइन बैंकिंग न होने के कारण शहर के सरकारी और प्राइवेट बैंकों में आम दिनों के मुकाबले भीड़ बहुत अधिक रही। बहुत से लोग ऑनलाइन शॉपिंग नहीं कर पाए। ऑनलाइन बिल पेमेंट जिसमें विद्युत बिल, डीटीएच कनेक्शन का बिल, मोबाइल बिल आदि भी दो दिन सेवाएं बाधित रहने के कारण प्रभावित हुआ। इसका सर्वाधिक प्रभाव फूड इंडस्ट्री पर पड़ा। दो दिन में रेस्टोरेंट व्यापार घटकर आधा रह गया। शेयर मार्केट पर भी असर पड़ा।
फायदे में रही इंटरनेट कंपनियां
शहर में बीएसएनएल, जीओ, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया के लगभग 37 लाख उपभोक्ता हैं। जो प्रतिदिन एक जीबी के अनुसार 3710 टीबी (टेराबाइट) डेटा का प्रयोग करते हैं। उपभोक्ता को डेटा और कॉलिंग के लिए प्रति माह लगभग 250 रुपये का रिचार्ज कराना होता है। इसमें उपभोक्ताओं को प्रतिदिन एक जीबी डेटा उपलब्ध होता है। ऐसे में उपभोक्ता की प्रतिदिन डेटा और कालिंग पर लगभग आठ रुपये खर्च करता है। डेटा उपयोग न होने के कारण विभिन्न कंपनियों को शहर से लगभग छह करोड़ की बचत हुई। वोडाफोन-आइडिया की जीएम कारपोरेट शिवानी के अनुसार यूपी वेस्ट में 2.6 करोड़ उपभोक्ता हैं। मेरठ में इंटरनेट बंदी के आदेश प्रशासन की तरफ से सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए दिए थे।
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इंटरनेट बैंकिंग, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, फंड ट्रांसफर, बिल पेमेंट आदि ज्यादातर कार्यों के लिए इंटरनेट का ही प्रयोग किया जाता है। सुरक्षा की दृष्टि से रविवार रात 12 बजे से 24 घंटे के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी बंद की गई थी। लेकिन जिला प्रशासन ने इस आदेश को मंगलवार शाम पांच बजे तक के लिए बढ़ा दिया था। इसका सीधा नुकसान उपभोक्ताओं को हुआ। ऑनलाइन बैंकिंग न होने के कारण शहर के सरकारी और प्राइवेट बैंकों में आम दिनों के मुकाबले भीड़ बहुत अधिक रही। बहुत से लोग ऑनलाइन शॉपिंग नहीं कर पाए। ऑनलाइन बिल पेमेंट जिसमें विद्युत बिल, डीटीएच कनेक्शन का बिल, मोबाइल बिल आदि भी दो दिन सेवाएं बाधित रहने के कारण प्रभावित हुआ। इसका सर्वाधिक प्रभाव फूड इंडस्ट्री पर पड़ा। दो दिन में रेस्टोरेंट व्यापार घटकर आधा रह गया। शेयर मार्केट पर भी असर पड़ा।
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फायदे में रही इंटरनेट कंपनियां
शहर में बीएसएनएल, जीओ, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया के लगभग 37 लाख उपभोक्ता हैं। जो प्रतिदिन एक जीबी के अनुसार 3710 टीबी (टेराबाइट) डेटा का प्रयोग करते हैं। उपभोक्ता को डेटा और कॉलिंग के लिए प्रति माह लगभग 250 रुपये का रिचार्ज कराना होता है। इसमें उपभोक्ताओं को प्रतिदिन एक जीबी डेटा उपलब्ध होता है। ऐसे में उपभोक्ता की प्रतिदिन डेटा और कालिंग पर लगभग आठ रुपये खर्च करता है। डेटा उपयोग न होने के कारण विभिन्न कंपनियों को शहर से लगभग छह करोड़ की बचत हुई। वोडाफोन-आइडिया की जीएम कारपोरेट शिवानी के अनुसार यूपी वेस्ट में 2.6 करोड़ उपभोक्ता हैं। मेरठ में इंटरनेट बंदी के आदेश प्रशासन की तरफ से सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए दिए थे।
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