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शास्त्रीनगर पर दरोगा पर हमला, गाल पर काट किया लहूलुहान
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शास्त्रीनगर पर दरोगा पर हमला, गाल पर काट किया लहूलुहान
मेरठ। रोडवेज बस के चालक-परिचालक ने ओवरटेक को लेकर हुए विवाद में दरोगा पर हमला कर दिया। परिवार के साथ मौजूद दरोगा की वर्दी फाड़ दी और गाल पर काटकर लहूलुहान कर दिया। पत्नी और बच्चे चिल्लाए तो भीड़ जुट गई और पुलिस आ गई। दरोगा ने चालक-परिचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। रोडवेज यूनियन ने रविवार शाम मामले में समझौता करा दिया। इसके बाद दोनों आरोपियों को मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
मूलरूप से अलीगढ़ निवासी राजकुमार गौतम यूपी पुलिस में दरोगा हैं और वर्तमान में भावनपुर थाने में तैनात हैं। वह शास्त्रीनगर में पीवीएस मॉल के निकट किराए पर रह रहे हैं। शनिवार को राजकुमार गौतम अलीगढ़ से लौट रहे थे। कार में पत्नी व बच्चे भी मौजूद थे। रास्ते में रोडवेज की एक बस के चालक से ओवरटेक को लेकर बहस हो गई। मामला बढ़ता चला गया और के ब्लॉक चौराहे के निकट राजकुमार गौतम ने बस रुकवा ली। आरोप है कि नोकझोंक के बाद चालक-परिचालक ने आपा खो दिया और दरोगा पर हमला कर दिया। सड़क पर गुत्थमगुत्था शुरू हो गई। इसी दौरान परिचालक ने दरोगा के गाल पर काट लिया। पत्नी व बच्चे लहूलुहान दरोगा को देखकर चिल्लाने लगे। दरोगा की वर्दी भी खून में सन गई। देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई। तभी वहां से गुजर रही नौचंदी थाने की फैंटम रुक गई। फैंटम पुलिसकर्मियों ने चालक-परिचालक को पकड़ लिया।
पुलिस चालक-परिचालक को लेकर थाने आ गई। घायल दरोगा की डॉक्टरी कराई गई। कुछ ही देर में रोडवेज यूनियन के लोग भी पहुंच गए। दरोगा की ओर से तहरीर दी गई, जिस पर चालक नरेश निवासी चंदौसी और परिचालक राजेंद्र निवासी बदायूं के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया। सुबह होते ही समझौते का दौर शुरू हो गया। रोडवेज यूनियन के काफी लोग थाने आ गए, लेकिन मुकदमा दर्ज हो चुका था। शाम को मुचलका पाबंद करते हुए दोनों आरोपियों को छोड़ दिया गया।
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एक दरोगा ने भी समझौता कराने में दिया साथ
परिवार के सामने ही जमीन पर गिराकर दरोगा को पीटा गया। इसके बाद भी कुछ लोगों ने समझौता कराने की कोशिश की, उनका साथ थाने के एक दरोगा ने भी दिया।
वर्जन
दरोगा के साथ जिस वक्त मारपीट की गई, वह वर्दी में थे। मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद दोनों आरोपियों को मुचलका पाबंद करते हुए छोड़ दिया गया।
- देवेश सिंह, सीओ सिविल लाइन
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मेरठ। रोडवेज बस के चालक-परिचालक ने ओवरटेक को लेकर हुए विवाद में दरोगा पर हमला कर दिया। परिवार के साथ मौजूद दरोगा की वर्दी फाड़ दी और गाल पर काटकर लहूलुहान कर दिया। पत्नी और बच्चे चिल्लाए तो भीड़ जुट गई और पुलिस आ गई। दरोगा ने चालक-परिचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। रोडवेज यूनियन ने रविवार शाम मामले में समझौता करा दिया। इसके बाद दोनों आरोपियों को मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
मूलरूप से अलीगढ़ निवासी राजकुमार गौतम यूपी पुलिस में दरोगा हैं और वर्तमान में भावनपुर थाने में तैनात हैं। वह शास्त्रीनगर में पीवीएस मॉल के निकट किराए पर रह रहे हैं। शनिवार को राजकुमार गौतम अलीगढ़ से लौट रहे थे। कार में पत्नी व बच्चे भी मौजूद थे। रास्ते में रोडवेज की एक बस के चालक से ओवरटेक को लेकर बहस हो गई। मामला बढ़ता चला गया और के ब्लॉक चौराहे के निकट राजकुमार गौतम ने बस रुकवा ली। आरोप है कि नोकझोंक के बाद चालक-परिचालक ने आपा खो दिया और दरोगा पर हमला कर दिया। सड़क पर गुत्थमगुत्था शुरू हो गई। इसी दौरान परिचालक ने दरोगा के गाल पर काट लिया। पत्नी व बच्चे लहूलुहान दरोगा को देखकर चिल्लाने लगे। दरोगा की वर्दी भी खून में सन गई। देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई। तभी वहां से गुजर रही नौचंदी थाने की फैंटम रुक गई। फैंटम पुलिसकर्मियों ने चालक-परिचालक को पकड़ लिया।
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पुलिस चालक-परिचालक को लेकर थाने आ गई। घायल दरोगा की डॉक्टरी कराई गई। कुछ ही देर में रोडवेज यूनियन के लोग भी पहुंच गए। दरोगा की ओर से तहरीर दी गई, जिस पर चालक नरेश निवासी चंदौसी और परिचालक राजेंद्र निवासी बदायूं के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया। सुबह होते ही समझौते का दौर शुरू हो गया। रोडवेज यूनियन के काफी लोग थाने आ गए, लेकिन मुकदमा दर्ज हो चुका था। शाम को मुचलका पाबंद करते हुए दोनों आरोपियों को छोड़ दिया गया।
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एक दरोगा ने भी समझौता कराने में दिया साथ
परिवार के सामने ही जमीन पर गिराकर दरोगा को पीटा गया। इसके बाद भी कुछ लोगों ने समझौता कराने की कोशिश की, उनका साथ थाने के एक दरोगा ने भी दिया।
वर्जन
दरोगा के साथ जिस वक्त मारपीट की गई, वह वर्दी में थे। मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद दोनों आरोपियों को मुचलका पाबंद करते हुए छोड़ दिया गया।
- देवेश सिंह, सीओ सिविल लाइन