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बदमाशों की गोली से घायल सिपाही की मौत
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मेरठ। दिल्ली पुलिस के सिपाही मनीष की फाइल फोटो।
- फोटो : SARDANA
जानीखुर्द(मेरठ)। सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र में लूट का विरोध करने पर बदमाशों की गोली से घायल दिल्ली पुलिस के सिपाही की सोमवार देर रात उपचार के दौरान देर रात मेरठ में मौत हो गई। इसका पता चलते ही सिपाही के जानीखुर्द थाना क्षेत्र के डालूहेड़ा गांव में मातम पसर गया। मंगलवार दोपहर को हिंडन नदी पर सिपाही के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
डालूहेड़ा गांव निवासी मनीष(35) पुत्र कृष्णपाल दिल्ली पुलिस में सिपाही थे। रोशनगढ़ गेट के पास दो बाइक सवार चार बदमाशों ने मनीष को रोका और उससे पर्स लूट लिया। विरोध करने पर कहासुनी और मारपीट हुई। इस दौरान एक बदमाश ने सिपाही को गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर खेतों में काम कर रहे किसान दौड़े तो बदमाश फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल मनीष को मेरठ स्थित केएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मनीष के पेट के बाईं ओर गोली लगी थी, जो कि रीढ़ की हड्डी में जाकर फंस गई थी। सोमवार रात करीब दो बजे उपचार के दौरान मनीष की मौत हो गई। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव डालूहेड़ा लाया गया। शव पहुंचते ही मनीष के घर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। शव यात्रा में आसपास के गांवों के काफी लोग शामिल हुए। हिंडन नदी पर मनीष के शव को मुखाग्नि बडे़ भाई अमरदीप ने दी।
2010 में सीआईएसएफ में हुए थे भर्ती
मनीष के पिता कृष्णपाल ने बताया कि 2010 में मनीष सीआईएसएफ में भर्ती हुआ था। मनीष ने दिल्ली पुलिस के लिए भी आवेदन किया हुआ था। 2011 में परीक्षा पास करने के बाद वह दिल्ली पुलिस में सिपाही के पद तैनात हो गया। 2012 में मनीष की शादी बागपत क्षेत्र के फलहरा गांव की अंशु से हुई थी। दोनों के तीन बच्चे बेटी संभवी(5), वैष्णवी(3) और एक साल का बेटा अवनी है।
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पत्नी और मां हुईं बेहोश
मनीष की मौत की सूचना मिलते ही गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो रोकर बुराहाल था। मनीष की पत्नी अंशु और मां शांति रोते हुए कई बार बेहोश हुई। गांव की महिलाओं ने जैसे तैसे उन्हें संभला। मनीष के बच्चे घर पर भीड़ को देखकर घबराकर रोने लगे। यह देख पड़ोसी व्यक्ति उन्हें अपने घर ले गया।
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मुकदमा दर्ज, खुलासे के लिए चार टीमें गठित
अमीनगर सराय (बागपत)। मनीष की मौत के मामले में पुलिस ने चार अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। खुलासे के लिए चार टीमें गठित की गई हैं। सीओ सदर ओमपाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने मृतक के चाचा अभयराम यादव की तहरीर पर जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया था। अब इस मुकदमे को हत्या में तरमीम किया जाएगा। कई संदिग्ध हिरासत में लिए हैं। ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है।
पर्स लूट लिया है, गोली क्यों मार रहे हो?
बदमाशों के जाने के बाद पुलिस बाद में पहुंची, जबकि दूर होने के बावजूद परिजन पहले पहुंच गए थे। उन्होंने ही मनीष को अस्पताल में भर्ती कराया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि लहूलुहान होने के बावजूद सिपाही ने घटना के बारे में बताया था। सिपाही ने बदमाशों से कहा था कि पर्स लूट लिया है, अब गोली क्यों मार रहे हो। लेकिन बदमाशों ने उसकी नहीं सुनी और गोली मार दी।
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डालूहेड़ा गांव निवासी मनीष(35) पुत्र कृष्णपाल दिल्ली पुलिस में सिपाही थे। रोशनगढ़ गेट के पास दो बाइक सवार चार बदमाशों ने मनीष को रोका और उससे पर्स लूट लिया। विरोध करने पर कहासुनी और मारपीट हुई। इस दौरान एक बदमाश ने सिपाही को गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर खेतों में काम कर रहे किसान दौड़े तो बदमाश फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल मनीष को मेरठ स्थित केएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मनीष के पेट के बाईं ओर गोली लगी थी, जो कि रीढ़ की हड्डी में जाकर फंस गई थी। सोमवार रात करीब दो बजे उपचार के दौरान मनीष की मौत हो गई। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव डालूहेड़ा लाया गया। शव पहुंचते ही मनीष के घर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। शव यात्रा में आसपास के गांवों के काफी लोग शामिल हुए। हिंडन नदी पर मनीष के शव को मुखाग्नि बडे़ भाई अमरदीप ने दी।
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2010 में सीआईएसएफ में हुए थे भर्ती
मनीष के पिता कृष्णपाल ने बताया कि 2010 में मनीष सीआईएसएफ में भर्ती हुआ था। मनीष ने दिल्ली पुलिस के लिए भी आवेदन किया हुआ था। 2011 में परीक्षा पास करने के बाद वह दिल्ली पुलिस में सिपाही के पद तैनात हो गया। 2012 में मनीष की शादी बागपत क्षेत्र के फलहरा गांव की अंशु से हुई थी। दोनों के तीन बच्चे बेटी संभवी(5), वैष्णवी(3) और एक साल का बेटा अवनी है।
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पत्नी और मां हुईं बेहोश
मनीष की मौत की सूचना मिलते ही गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो रोकर बुराहाल था। मनीष की पत्नी अंशु और मां शांति रोते हुए कई बार बेहोश हुई। गांव की महिलाओं ने जैसे तैसे उन्हें संभला। मनीष के बच्चे घर पर भीड़ को देखकर घबराकर रोने लगे। यह देख पड़ोसी व्यक्ति उन्हें अपने घर ले गया।
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मुकदमा दर्ज, खुलासे के लिए चार टीमें गठित
अमीनगर सराय (बागपत)। मनीष की मौत के मामले में पुलिस ने चार अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। खुलासे के लिए चार टीमें गठित की गई हैं। सीओ सदर ओमपाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने मृतक के चाचा अभयराम यादव की तहरीर पर जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया था। अब इस मुकदमे को हत्या में तरमीम किया जाएगा। कई संदिग्ध हिरासत में लिए हैं। ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है।
पर्स लूट लिया है, गोली क्यों मार रहे हो?
बदमाशों के जाने के बाद पुलिस बाद में पहुंची, जबकि दूर होने के बावजूद परिजन पहले पहुंच गए थे। उन्होंने ही मनीष को अस्पताल में भर्ती कराया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि लहूलुहान होने के बावजूद सिपाही ने घटना के बारे में बताया था। सिपाही ने बदमाशों से कहा था कि पर्स लूट लिया है, अब गोली क्यों मार रहे हो। लेकिन बदमाशों ने उसकी नहीं सुनी और गोली मार दी।