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Meerut News: पशुपालकों को संतुलित आहार व बांझपन के निदान की दी जानकारी
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लावड़ - अंदावली गांव में किसानों और पशुपालकों को जानकारी देते विशेषज्ञ। स्रोत: स्वयं
लावड़। अंदावली केंद्र में बृहस्पतिवार को कृषि विज्ञान केंद्र हस्तिनापुर ने पशुपालकों के लिए जागरुकता गोष्ठी आयोजित की। इसमें पशुधन और कृषि संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
पशुधन उत्पादन वैज्ञानिक डॉ. सोनिका ग्रेवाल ने संतुलित पशु आहार पर बताया। उन्होंने स्वच्छ दुग्ध उत्पादन और पशुओं में बांझपन की समस्या पर विस्तार से जानकारी दी। डॉ. ग्रेवाल ने बांझपन को एक गंभीर आर्थिक चुनौती बताया। उन्होंने खनिज तत्वों की कमी, हीट में न आना और गर्भाशय संक्रमण को मुख्य कारण बताया। उन्होंने पशुओं को नियमित खनिज मिश्रण देने की सलाह दी। गोष्ठी में पशुधन वैज्ञानिकों ने खनिज लवण की जांच कर खनिज मिश्रण भी वितरित किया।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. नवीन चंद्र ने किसानों को सलाह दी। उन्होंने संतुलित उर्वरक उपयोग पर जोर देते हुए मिट्टी की जांच कराने को कहा। जांच के आधार पर डीएपी, एनपीके और यूरिया का प्रयोग लागत कम करता है। इससे उत्पादन भी बेहतर होता है। उन्होंने खाली खेतों में ढेंचा व सनई की बुवाई की भी सलाह दी, जिससे मिट्टी की उर्वरता सुधरती है।
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पशुधन उत्पादन वैज्ञानिक डॉ. सोनिका ग्रेवाल ने संतुलित पशु आहार पर बताया। उन्होंने स्वच्छ दुग्ध उत्पादन और पशुओं में बांझपन की समस्या पर विस्तार से जानकारी दी। डॉ. ग्रेवाल ने बांझपन को एक गंभीर आर्थिक चुनौती बताया। उन्होंने खनिज तत्वों की कमी, हीट में न आना और गर्भाशय संक्रमण को मुख्य कारण बताया। उन्होंने पशुओं को नियमित खनिज मिश्रण देने की सलाह दी। गोष्ठी में पशुधन वैज्ञानिकों ने खनिज लवण की जांच कर खनिज मिश्रण भी वितरित किया।
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कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. नवीन चंद्र ने किसानों को सलाह दी। उन्होंने संतुलित उर्वरक उपयोग पर जोर देते हुए मिट्टी की जांच कराने को कहा। जांच के आधार पर डीएपी, एनपीके और यूरिया का प्रयोग लागत कम करता है। इससे उत्पादन भी बेहतर होता है। उन्होंने खाली खेतों में ढेंचा व सनई की बुवाई की भी सलाह दी, जिससे मिट्टी की उर्वरता सुधरती है।

लावड़ - अंदावली गांव में किसानों और पशुपालकों को जानकारी देते विशेषज्ञ। स्रोत: स्वयं
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