फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Inflammatory things used to happen in PFI meetings

पीएफआई की बैठकों में होती थीं भड़काऊ बातें

Fri, 30 Sep 2022 01:57 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 30 Sep 2022 01:57 AM IST
विज्ञापन
Inflammatory things used to happen in PFI meetings
पीएफआई की बैठकों में होती थीं भड़काऊ बातें
विज्ञापन

पांच साल तक प्रतिबंध लगने के बाद भी पुलिस की जांच जारी
लिसाड़ीगेट, सरूरपुर व खरखौदा में पीएफआई का बड़ा नेटवर्क
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ/सरूरपुर। पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआई) की लिसाड़ीगेट, सरूरपुर और खरखौदा में होने वाली बैठकों में युवाओं को भड़काऊ बातें सिखाई जाती हैं। पुलिस ने बैठक की पुरानी वीडियो जुटाकर कार्रवाई करने की बात कही है। पुलिस का कहना कि पीएफआई से जुड़े सभी लोगों पर कार्रवाई करेंगे।
सरूरपुर थानाक्षेत्र के गांव जसड़ सुल्तान नगर, देवली खेड़ा उर्फ जैनपुर, पांचली बुजुर्ग सहित कस्बा हर्रा व खिवाई में 2019 में पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआई) का बड़ा नेटवर्क बताया गया। स्थानीय लोगों की मानें तो पीएफआई से जुड़े दर्जनों बाहरी लोगों ने गरीब लोगों को राशन और उनके बच्चों को पढ़ने के लिए किताब, कॉपी सहित ड्रेस की व्यवस्था कराई थी। पीएफआई के सदस्यों ने हर्रा व देवली खेड़ा उर्फ जैनपुर, जसड़ सुल्तान नगर व पांचली बुजुर्ग में दर्जनों कार्यक्रम किये थे। लोगों से संगठन से जुड़ने की अपील की थी।
विज्ञापन

लिसाड़ीगेट में भी पीएफआई का बड़ा नेटवर्क है। 20 दिसंबर 2019 को पीएफआई के सदस्यों ने सीएए के विरोध में हिंसा कराई थी। पुलिस ने संगठन के कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। खरखौदा और शास्त्रीनगर में पीएफआई ने अपना कार्यालय खोलकर एक वर्ग के लोगों की मीटिंग कर युवाओं को भड़काने का काम किया। संगठन पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लग गया है। एटीएस और एनआईए के साथ अब लोकल पुलिस भी पीएफआई से पूर्व में जुड़े लोगों की तलाश कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed