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पीएफआई की बैठकों में होती थीं भड़काऊ बातें
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पीएफआई की बैठकों में होती थीं भड़काऊ बातें
पांच साल तक प्रतिबंध लगने के बाद भी पुलिस की जांच जारी
लिसाड़ीगेट, सरूरपुर व खरखौदा में पीएफआई का बड़ा नेटवर्क
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ/सरूरपुर। पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआई) की लिसाड़ीगेट, सरूरपुर और खरखौदा में होने वाली बैठकों में युवाओं को भड़काऊ बातें सिखाई जाती हैं। पुलिस ने बैठक की पुरानी वीडियो जुटाकर कार्रवाई करने की बात कही है। पुलिस का कहना कि पीएफआई से जुड़े सभी लोगों पर कार्रवाई करेंगे।
सरूरपुर थानाक्षेत्र के गांव जसड़ सुल्तान नगर, देवली खेड़ा उर्फ जैनपुर, पांचली बुजुर्ग सहित कस्बा हर्रा व खिवाई में 2019 में पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआई) का बड़ा नेटवर्क बताया गया। स्थानीय लोगों की मानें तो पीएफआई से जुड़े दर्जनों बाहरी लोगों ने गरीब लोगों को राशन और उनके बच्चों को पढ़ने के लिए किताब, कॉपी सहित ड्रेस की व्यवस्था कराई थी। पीएफआई के सदस्यों ने हर्रा व देवली खेड़ा उर्फ जैनपुर, जसड़ सुल्तान नगर व पांचली बुजुर्ग में दर्जनों कार्यक्रम किये थे। लोगों से संगठन से जुड़ने की अपील की थी।
लिसाड़ीगेट में भी पीएफआई का बड़ा नेटवर्क है। 20 दिसंबर 2019 को पीएफआई के सदस्यों ने सीएए के विरोध में हिंसा कराई थी। पुलिस ने संगठन के कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। खरखौदा और शास्त्रीनगर में पीएफआई ने अपना कार्यालय खोलकर एक वर्ग के लोगों की मीटिंग कर युवाओं को भड़काने का काम किया। संगठन पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लग गया है। एटीएस और एनआईए के साथ अब लोकल पुलिस भी पीएफआई से पूर्व में जुड़े लोगों की तलाश कर रही है।
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पांच साल तक प्रतिबंध लगने के बाद भी पुलिस की जांच जारी
लिसाड़ीगेट, सरूरपुर व खरखौदा में पीएफआई का बड़ा नेटवर्क
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ/सरूरपुर। पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआई) की लिसाड़ीगेट, सरूरपुर और खरखौदा में होने वाली बैठकों में युवाओं को भड़काऊ बातें सिखाई जाती हैं। पुलिस ने बैठक की पुरानी वीडियो जुटाकर कार्रवाई करने की बात कही है। पुलिस का कहना कि पीएफआई से जुड़े सभी लोगों पर कार्रवाई करेंगे।
सरूरपुर थानाक्षेत्र के गांव जसड़ सुल्तान नगर, देवली खेड़ा उर्फ जैनपुर, पांचली बुजुर्ग सहित कस्बा हर्रा व खिवाई में 2019 में पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआई) का बड़ा नेटवर्क बताया गया। स्थानीय लोगों की मानें तो पीएफआई से जुड़े दर्जनों बाहरी लोगों ने गरीब लोगों को राशन और उनके बच्चों को पढ़ने के लिए किताब, कॉपी सहित ड्रेस की व्यवस्था कराई थी। पीएफआई के सदस्यों ने हर्रा व देवली खेड़ा उर्फ जैनपुर, जसड़ सुल्तान नगर व पांचली बुजुर्ग में दर्जनों कार्यक्रम किये थे। लोगों से संगठन से जुड़ने की अपील की थी।
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लिसाड़ीगेट में भी पीएफआई का बड़ा नेटवर्क है। 20 दिसंबर 2019 को पीएफआई के सदस्यों ने सीएए के विरोध में हिंसा कराई थी। पुलिस ने संगठन के कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। खरखौदा और शास्त्रीनगर में पीएफआई ने अपना कार्यालय खोलकर एक वर्ग के लोगों की मीटिंग कर युवाओं को भड़काने का काम किया। संगठन पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लग गया है। एटीएस और एनआईए के साथ अब लोकल पुलिस भी पीएफआई से पूर्व में जुड़े लोगों की तलाश कर रही है।
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