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जनवरी में इंद्रदेव मेहरबान, टूटा 42 साल का रिकॉर्ड
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जनवरी में इंद्रदेव मेहरबान, टूटा 42 साल का रिकॉर्ड
मोदीपुरम। इंद्रदेव मेहरबान हो गए हैं। झमाझम बारिश ने जनवरी में 42 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 1980 में पूरे जनवरी में 84.8 मिमी. बारिश हुई थी, जबकि 2022 के पांच दिनों में ही 88.6 मिमी. बारिश हो चुकी है। सर्दी का असर बढ़ गया है। सोमवार से मौसम साफ होने की उम्मीद है। सुबह कोहरा पड़ सकता है। रविवार को सुबह के समय बारिश हुई। दिन में कुछ देर के लिए सूर्य देव ने दर्शन दिए, लेकिन रात करीब नौ बजे फिर से बारिश शुरू हो गई।
मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 18.8 डिग्री व न्यूनतम तापमान 11.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बारिश 34.4 मिमी दर्ज की गई। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन सुभाष का कहना है कि दिन का तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम है, जबकि रात का तापमान सामान्य से पांच डिग्री ज्यादा है। सोमवार को सुबह के समय कोहरा छाएगा। उन्होंने बताया कि 1995 में भी 54 मिमी. बारिश दर्ज की गई थी।
तेज हवा से फसलों को नुकसान
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के निष्क्रिय होने से मौसम में बदलाव आएगा, बारिश का दौर रुकेगा और ठंड बढे़गी। बारिश और तेज हवा के चलने से सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। गेहूं की फसल के लिए बारिश लाभकारी होगी। गेहूं की पछेती फसल के लिए यह मौसम सबसे अच्छा है।
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प्रदूषण का असर हो गया कम
बारिश के चलते मेरठ और एनसीआर का प्रदूषण भी कम हो गया है। पांच दिन पहले मेरठ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 350 से ऊपर चल रहा था। रविवार को एक्यूआई 57 रिकॉर्ड किया गया। आने वाले दिनों में भी एक्यूआई अधिक होने के आसार नहीं हैं।
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मोदीपुरम। इंद्रदेव मेहरबान हो गए हैं। झमाझम बारिश ने जनवरी में 42 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 1980 में पूरे जनवरी में 84.8 मिमी. बारिश हुई थी, जबकि 2022 के पांच दिनों में ही 88.6 मिमी. बारिश हो चुकी है। सर्दी का असर बढ़ गया है। सोमवार से मौसम साफ होने की उम्मीद है। सुबह कोहरा पड़ सकता है। रविवार को सुबह के समय बारिश हुई। दिन में कुछ देर के लिए सूर्य देव ने दर्शन दिए, लेकिन रात करीब नौ बजे फिर से बारिश शुरू हो गई।
मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 18.8 डिग्री व न्यूनतम तापमान 11.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बारिश 34.4 मिमी दर्ज की गई। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन सुभाष का कहना है कि दिन का तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम है, जबकि रात का तापमान सामान्य से पांच डिग्री ज्यादा है। सोमवार को सुबह के समय कोहरा छाएगा। उन्होंने बताया कि 1995 में भी 54 मिमी. बारिश दर्ज की गई थी।
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तेज हवा से फसलों को नुकसान
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के निष्क्रिय होने से मौसम में बदलाव आएगा, बारिश का दौर रुकेगा और ठंड बढे़गी। बारिश और तेज हवा के चलने से सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। गेहूं की फसल के लिए बारिश लाभकारी होगी। गेहूं की पछेती फसल के लिए यह मौसम सबसे अच्छा है।
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प्रदूषण का असर हो गया कम
बारिश के चलते मेरठ और एनसीआर का प्रदूषण भी कम हो गया है। पांच दिन पहले मेरठ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 350 से ऊपर चल रहा था। रविवार को एक्यूआई 57 रिकॉर्ड किया गया। आने वाले दिनों में भी एक्यूआई अधिक होने के आसार नहीं हैं।