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मेरठ: जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सीनियर ईएनटी सर्जन से अभद्रता, चीफ फार्मासिस्ट के खिलाफ दी तहरीर
Thu, 09 Jul 2020 06:32 PM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jul 2020 06:32 PM IST
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मेरठ पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में जिला अस्पताल की इमरजेंसी में एक सीनियर ईएनटी सर्जन से अभद्रता का मामला सामने आया है। सर्जन ने चीफ फार्मासिस्ट के खिलाफ देहली गेट थाने में तहरीर दी है। वहीं, विभागीय जांच शुरू हो गई है। प्रमुख अधीक्षक ने आठ लोगों के बयान दर्ज किए हैं।
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ईएनटी सर्जन डॉ. बीपी कौशिक का कहना है कि बीती 18 जून की दोपहर करीब 12:30 बजे इमरजेंसी में माछरा सीएचसी से एक महिला ईएनटी एक्सपर्ट ओपिनियन (विशेषज्ञ राय) के लिए जिला अस्पताल आई थी। उसके साथ महिला पुलिसकर्मी भी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षण के दौरान इमरजेंसी में चीफ फार्मासिस्ट एके रस्तोगी ने उनसे अभद्रता की और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई। इतना ही नहीं महिला मरीज और महिला पुलिसकर्मी से दुर्व्यवहार किया। चीफ फार्मासिस्ट एके रस्तोगी पहले भी कई मरीजों, उनके तीमारदारों और ऑनकॉल इमरजेंसी में आने वाले चिकित्सकों से दुर्व्यवहार कर चुका है। वह अभद्रता के चलते मानसिक वेदना से गुजर रहे हैं। इस मामले में चीफ फार्मेसिस्ट पर कार्रवाई होना तो दूर, उल्टे उनके खिलाफ शिकायत की गई।
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एसआईसी की तरफ से बिना किसी जांच के दोषी मानते हुए चेतावनी पत्र जारी कर दिया। इससे मेरे आत्मसम्मान को ठेस पहुंची है। चीफ फार्मासिस्ट के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल की ईएनटी ओपीडी में चिकित्सकों के 10-15 सालों से भी ज्यादा पुराने मेडिकोलीगल अभिलेख बिना उचित रखरखाव के नष्ट हो रहे हैं। इसकी जांच भी जरूरी है।
इस संबंध में प्रमुख अधीक्षक को एक पत्र 19 जून को दिया था, जिसकी जांच हुई है। इस पर एसआईसी ने सर्जन को निर्देशित किया की एक्सपर्ट ओपिनियन अपनी ओपीडी में ही किया जाए। मेरे खिलाफ थाने में दर्ज शिकायत निराधार है। -एके रस्तोगी, चीफ फार्मासिस्ट, जिला अस्पताल
इस मामले की विभागीय जांच चल रही है। इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (ईएमओ), फार्मासिस्ट और ईएनटी सर्जन के बयान हो चुके हैं। एक्सपर्ट ओपिनियन के लिए लाई गई महिला और महिला पुलिसकर्मी के बयान होने बाकी हैं। इसके बाद ही विभागीय जांच पूरी कर रिपोर्ट दी जाएगी। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. हीरा सिंह, प्रमुख अधीक्षक जिला अस्पताल
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