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गंगा का बढ़ा जलस्तार, कटान जारी
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गंगा का बढ़ा जलस्तार, कटान जारी
हस्तिनापुर। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बृहस्पतिवार को बिजनौर बैराज से छोड़े गए एक लाख दो हजार क्यूसेक पानी से खतरा और बढ़ गया है। कच्चे तटबंध को सुधारने में कारसेवक संस्था के सदस्य और स्थानीय ग्रामीण दिन-भर लगे रहे। बृहस्पतिवार को भी कच्चे तटबंध की स्थिति को देखने कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।
बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को बिजनौर बैराज से एक लाख दो हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा में लगातार बढ़ रहे जलस्तर से गंगा ने कई स्थानों पर भीषण कटान शुरू कर दिया है। फतेहपुर प्रेम गांव के आसपास कई स्थानों पर कच्चे तटबंध की ओर गंगा का कटान शुरू हो गया है वहीं इस कटान को रोकने के लिए क्षेत्र के कारसेवक के साथ ही स्थानीय लोग भी लगे हुए हैं। बारिश में गंगा के बीच नाव में बैठकर लोग कई-कई घंटों तक गंगा में बल्लियों को गाढ़कर कटान को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। अभियान में बाबा कश्मीर सिंह भूरी वालों के निर्देशन में क्षेत्र के साथ संगत के लोग जुटे हुए हैं। गंगा में हुई जल वृद्धि के कारण कच्चे तटबंध के टूटने की संभावना बनी हुई है कई स्थानों से वह क्षतिग्रस्त हो चुका है।
बता दें कि पिछले माह तटबंध टूटने से कई गांव में बाढ़ का पानी भर गया था साथ ही सैकड़ों हेक्टेयर धान और गन्ने की फसल नष्ट हो गई थी, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था।
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18 करोड़ की दो परियोजनाओं का भी नहीं मिला लाभ
सरकार द्वारा क्षेत्र के फतेहपुर प्रेम गांव के समीप दस करोड़ रुपये की परियोजना से लगभग एक किलोमीटर तटबंध का निर्माण कराया गया। वहीं हंसापुर शेरपुर नई बस्ती के समीप भी लगभग आठ करोड़ रुपये की कीमत से लगभग नौ सौ मीटर तटबंध का निर्माण कार्य चल रहा है। इन दो बड़ी परियोजनाओं से अभी तक खादर क्षेत्र के लोगों को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। फतेहपुर प्रेम गांव के पास पिछले माह 19 जून को आए गंगा में पानी के कारण दस करोड़ का तटबंध लगभग 50 मीटर तक बह गया था।
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हस्तिनापुर। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बृहस्पतिवार को बिजनौर बैराज से छोड़े गए एक लाख दो हजार क्यूसेक पानी से खतरा और बढ़ गया है। कच्चे तटबंध को सुधारने में कारसेवक संस्था के सदस्य और स्थानीय ग्रामीण दिन-भर लगे रहे। बृहस्पतिवार को भी कच्चे तटबंध की स्थिति को देखने कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।
बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को बिजनौर बैराज से एक लाख दो हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा में लगातार बढ़ रहे जलस्तर से गंगा ने कई स्थानों पर भीषण कटान शुरू कर दिया है। फतेहपुर प्रेम गांव के आसपास कई स्थानों पर कच्चे तटबंध की ओर गंगा का कटान शुरू हो गया है वहीं इस कटान को रोकने के लिए क्षेत्र के कारसेवक के साथ ही स्थानीय लोग भी लगे हुए हैं। बारिश में गंगा के बीच नाव में बैठकर लोग कई-कई घंटों तक गंगा में बल्लियों को गाढ़कर कटान को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। अभियान में बाबा कश्मीर सिंह भूरी वालों के निर्देशन में क्षेत्र के साथ संगत के लोग जुटे हुए हैं। गंगा में हुई जल वृद्धि के कारण कच्चे तटबंध के टूटने की संभावना बनी हुई है कई स्थानों से वह क्षतिग्रस्त हो चुका है।
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बता दें कि पिछले माह तटबंध टूटने से कई गांव में बाढ़ का पानी भर गया था साथ ही सैकड़ों हेक्टेयर धान और गन्ने की फसल नष्ट हो गई थी, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था।
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18 करोड़ की दो परियोजनाओं का भी नहीं मिला लाभ
सरकार द्वारा क्षेत्र के फतेहपुर प्रेम गांव के समीप दस करोड़ रुपये की परियोजना से लगभग एक किलोमीटर तटबंध का निर्माण कराया गया। वहीं हंसापुर शेरपुर नई बस्ती के समीप भी लगभग आठ करोड़ रुपये की कीमत से लगभग नौ सौ मीटर तटबंध का निर्माण कार्य चल रहा है। इन दो बड़ी परियोजनाओं से अभी तक खादर क्षेत्र के लोगों को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। फतेहपुर प्रेम गांव के पास पिछले माह 19 जून को आए गंगा में पानी के कारण दस करोड़ का तटबंध लगभग 50 मीटर तक बह गया था।