Meerut: रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं, खुद को डेंगू के डंक से बचाएं, रखें इन बातों का ध्यान
मेरठ में डेंगू के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। डेंगू का बुखार तीन तरह का होता है। सामान्य डेंगू, हैमरेजिक डेंगू और डेंगू शॉक सिंड्रोम। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है उन पर डेंगू जल्दी हमला करता है।
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मेरठ डेंगू लगातार लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। डेंगू से शुगर, हृदय रोगियों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को ज्यादा खतरा है। दरअसल, इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है और डेंगू जल्दी हमला करता है। इनको इससे उबरने में भी ज्यादा समय लगता है।
फिजीशियन डॉ. तनुराज सिरोही का कहना है कि यह डेंगू का बदला हुआ स्ट्रेन हो सकता है, क्योंकि कई मरीज ऐसे हैं जिन्हें पिछले साल भी डेंगू हुआ था। डेंगू का बुखार तीन तरह का होता है। सामान्य डेंगू, हैमरेजिक डेंगू और डेंगू शॉक सिंड्रोम। हैमरेजिक डेंगू बुखार में शरीर की विभिन्न सतहों से प्लेटलेट्स की मात्रा कम होने से रक्तस्राव होने लगता है।
इन जटिलताओं से पेट पर तनाव रहना, उल्टियां आना, लिवर बढ़ना और गुर्दों का काम करना बंद करना आदि हैं। फिजीशियन डॉ. वीके बिंद्रा ने बताया कि इन जटिलताओं के काफी समय तक रहने के कारण मरीज डेंगू शॉक सिंड्रोम में चला जाता है, जिसमें फेफड़े पूरी तरह से काम करना बंद कर देते हैं। रोगी को सांस लेने में बहुत परेशानी होती है। शरीर के सभी अंगों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। इससे मरीज बेहोशी की हालत में चला जाता है।
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प्लेटलेट्स घटें तो घबराएं नहीं
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि डेंगू एलाइजा और प्लेटलेट्स की रिपोर्ट के अनुसार तुरंत इलाज कराना चाहिए। डेंगू के मरीज के प्लेटलेट्स घटें तो घबराना नहीं चाहिए। यह जल्दी से बढ़ भी जाते हैं। कई बार मरीज के तीमारदार थोड़ी-थोड़ी देर पर अलग-अलग लैब से जांच कराते हैं और प्लेटलेट्स को लेकर हंगामा करते हैं, जबकि प्लेटलेट्स जल्दी बढ़ जाते हैं। इस कारण ऐसा होता है।
डेंगू में ब्लड प्रेशर का घटना ज्यादा खतरनाक है। डेंगू के 90 प्रतिशत मरीज आसानी से ठीक हो जाते हैं। कई बार तो उन्हें ये भी पता नहीं चलता है कि डेंगू हुआ भी है या नहीं। लिहाजा घबराने के बजाय जांच कराएं और चिकित्सक पर विश्वास कर इलाज कराएं।
ग्रीन टी, फलों का रस, काढ़ा और सूप का सेवन करें
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए। सेब, नींबू, अनार और आलूबुखारा खाएं। इम्यून सिस्टम को सुधारने वाले पेय पदार्थों में ग्रीन टी, छाछ, लस्सी, फलों का रस, नारियल पानी, हल्दी वाला दूध, पर्याप्त मात्रा में पानी और आवश्यकतानुसार हल्के गर्म पानी में शहद ले सकते हैं।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लौंग, अलसी, लहसुन, अदरक, इलायची, दालचीनी, मेथी दाना और काली मिर्च आदि का काढ़ा या सूप ले सकते हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. भगत सिंह के अनुसार अगर आपको पहले से सर्दी, जुकाम या बुखार है तो खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श लें।
डेंगू के चार मरीज और मिले, सक्रिय केस 20
डेंगू के सोमवार को चार नए मरीज मिले। जिले में सक्रिय केस 20 हैं। इनमें नौ अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि 11 घर पर इलाज करा रहे हैं। इस सीजन में डेंगू के 119 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 99 ठीक हो गए हैं। लोगों की प्लेटलेट्स कम हो रही हैं। वायरल फीवर से भी लोग तप रहे हैं। अस्पतालों में काफी संख्या में बुखार के मरीज भर्ती हैं। वहीं, 1073 लोगों की जांच में कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला है। एक मरीज ठीक हुआ है। जिले में अब कोरोना के सक्रिय केस पांच हैं, जो होम आइसोलेशन में हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने किया जिला अस्पताल और मेडिकल का निरीक्षण
पीएल शर्मा जिला चिकित्सालय और एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज का सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण किया। डेंगू वार्ड और ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट देखा। व्यवस्था दुरुस्त मिली।
जिला अस्पताल में मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ. अशोक तालियान, जिला अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. हीरा सिंह और डॉ. कौशलेंद्र सिंह आदि ने डेंगू वार्ड देखा। यहां तीन मरीज भर्ती थे। 20 बेड का वार्ड है। हर बेड पर मच्छरदानी लगी है। इसके बाद उन्होंने ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट चलवा कर देखा। उन्होंने बुखार और डेंगू के मरीजों को बेहतर इलाज देने के निर्देश दिए। मेडिकल कॉलेज में डब्ल्यूएचओ अधिकारी डॉ. महिमा ने दोनों ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट का निरीक्षण किया, जो सुचारु पाए गए।