हादसा : दो चचेरे भाइयों की हाईवे पर मौत, परिवार में मचा कोहराम
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मेरठ के मोदीनगर थाना क्षेत्र में गोविंदपुरी में सोमवार रात अज्ञात वाहन की टक्कर में दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई। दोनों भाई एक समारोह से बाइक से अपने घर शताब्दीनगर आ रहे थे।
परतापुर क्षेत्र के शताब्दी नगर -4बी निवासी विकास (19) पुत्र राजपाल ऑटो चलाता था। वहीं चचेरा भाई शिवम (24) पुत्र धर्मवीर का रिठानी में ट्रैवल्स का काम था। सोमवार रात में बाइक से अपने घर आ रहे थे। बाइक शिवम चल रहा था। जिसने हेलमेट भी पहना हुआ था। मोदीनगर क्षेत्र में गोविंदपुरी के सामने तेज रफ्तार वाहन ने बाइक सवार दोनों युवकों को कुचल दिया। विकास की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि शिवम को डॉक्टरों न मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मोदीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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शाम को घर पहुंचते ही कोहराम
मंगलवार शाम को दोनों भाईयों के शव घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। विकास दो भाइयों में छोटा था। परिजनों ने बताया था कि दोनों शाम को कार्यक्रम में जाने की बात कहकर गये थे। विकास ने कहा था कि रात तक आय जायेंगे।
घायल तड़पते रहे, पुलिस पूछताछ में लगी रही
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके पर पहुंची पुलिस घायलों को अस्पताल पहुंचाने के बजाय सूचना देने वाले से ही सवाल-जवाब करने में लगी रही। इसमें करीब एक घंटे का समय बर्बाद हो गया। यदि पुलिस तुरंत दोनों घायल भाइयों को अस्पताल पहुंचा देती तो उनकी जान बच सकती थी।
दुर्घटना में घायल युवक की मौत के बाद बखेड़ा
परतापुर थाना अंतर्गत घाट गांव में दो दिन पूर्व बुग्गी की टक्कर लगने से घायल युवक की मंगलवार को अस्पताल में मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने शव को गांव की दलित बस्ती में सड़क पर रखकर बखेड़ा कर दिया। करीब छह घंटे बाद ग्रामीण माने।
घाट गांव निवासी प्रेमराज का पुत्र संदीप (25) रविवार शाम को मेरठ से अपने गांव लौट रहा था। घाट रोड पर एक बुग्गी ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी थी। सोमवार को परिजनों ने बुग्गी चालक इंदराज के बेटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मंगलवार सुबह संदीप की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन शाम तीन बजे उसका शव लेकर गांव पहुंचे। परिजनों ने मुआवजा मिलने और आरोपी की गिरफ्तारी न होने तक शव का अंतिम संस्कार ना करने की घोषणा कर दी। उन्होंने शव को दलित बस्ती में सड़क पर रखकर बखेड़ा शुरू कर दिया। सूचना पर परतापुर और टीपी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। काफी प्रयासों के बाद उन्हें समझाने में सफल हुई। भरोसा दिया कि पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद की जाएगी। रात करीब नौ बजे परिजन शव का अंतिम संस्कार करने पर राजी हुए। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने दोनों पक्षों के कुछ लोगों के साथ समझौता कराया। एसओ परतापुर दीपक शर्मा ने दावा किया कि दोनों पक्षों ने आपस में सुलह समझौता कर लिया है। केस की दर्ज रिपोर्ट की विवेचना चल रही है।
हाईवे तक पुलिस तैनात
शव को दलित बस्ती में रखकर हंगामा करने वालों के तीखे तेवर थे। वह बार बार आरोपी पक्ष को बुलाने और मुआवजा दिलाने की जिद पर अडे़ थे। पुलिस को आशंका थी कि कहीं से लोग शव को उठाकर दिल्ली-देहरादून हाईवे पर ले जाकर जाम ना लगा दें । लिहाजा गांव से दिल्ली हाईवे पर पुलिस तैनात रही।
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