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Meerut News: सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें, तत्काल अस्पताल पहुंचकर उपचार कराएं
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संवाद न्यूज एजेंसी
माछरा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सर्पदंश जागरूकता अभियान के अंतर्गत जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। अध्यक्षता डॉ. तरुण राजपूत चिकित्सा अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र द्वारा की गई। संचालन बीपीएम राजन भिवानिया द्वारा किया गया।
संगोष्ठी में आमजन एवं स्वास्थ्यकर्मियों को सर्पदंश से बचाव सर्पदंश होने पर तत्काल किए जाने वाले प्राथमिक उपाय तथा समय पर अस्पताल पहुंचकर उचित चिकित्सा उपचार प्राप्त करने के प्रति जागरुक करना रहा। फार्मासिस्ट गौरव वशिष्ठ द्वारा सर्पदंश के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराने के बजाय बिना समय गंवाए उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पताल लेकर जाना चाहिए। सर्पदंश की स्थिति में चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार एंटी स्नेक वेनम सहित आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाता है। सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक, तांत्रिक उपचार, घरेलू नुस्खों अथवा अन्य गैर-चिकित्सकीय उपायों के चक्कर में समय बर्बाद न करें।
सर्पदंश के बाद शुरुआती समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और उपचार में देरी मरीज के लिए गंभीर स्थिति उत्पन्न कर सकती है। इसलिए सांप के काटने के बाद मरीज को यथाशीघ्र अस्पताल पहुंचाना आवश्यक है। डॉ. तरुण राजपूत, चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि सर्पदंश एक गंभीर लेकिन समय पर उचित उपचार मिलने पर प्रबंधनीय स्वास्थ्य समस्या है। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया कि वह अपने-अपने कार्यक्षेत्र में आमजन को सर्पदंश से बचाव एवं तत्काल उपचार के प्रति जागरुक करें।
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इस अवसर पर डॉ. संदीप कुमार, डॉ. प्रीति शर्मा, धीरज सिंह, सुनीता सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।
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माछरा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सर्पदंश जागरूकता अभियान के अंतर्गत जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। अध्यक्षता डॉ. तरुण राजपूत चिकित्सा अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र द्वारा की गई। संचालन बीपीएम राजन भिवानिया द्वारा किया गया।
संगोष्ठी में आमजन एवं स्वास्थ्यकर्मियों को सर्पदंश से बचाव सर्पदंश होने पर तत्काल किए जाने वाले प्राथमिक उपाय तथा समय पर अस्पताल पहुंचकर उचित चिकित्सा उपचार प्राप्त करने के प्रति जागरुक करना रहा। फार्मासिस्ट गौरव वशिष्ठ द्वारा सर्पदंश के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराने के बजाय बिना समय गंवाए उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पताल लेकर जाना चाहिए। सर्पदंश की स्थिति में चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार एंटी स्नेक वेनम सहित आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाता है। सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक, तांत्रिक उपचार, घरेलू नुस्खों अथवा अन्य गैर-चिकित्सकीय उपायों के चक्कर में समय बर्बाद न करें।
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सर्पदंश के बाद शुरुआती समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और उपचार में देरी मरीज के लिए गंभीर स्थिति उत्पन्न कर सकती है। इसलिए सांप के काटने के बाद मरीज को यथाशीघ्र अस्पताल पहुंचाना आवश्यक है। डॉ. तरुण राजपूत, चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि सर्पदंश एक गंभीर लेकिन समय पर उचित उपचार मिलने पर प्रबंधनीय स्वास्थ्य समस्या है। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया कि वह अपने-अपने कार्यक्षेत्र में आमजन को सर्पदंश से बचाव एवं तत्काल उपचार के प्रति जागरुक करें।
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इस अवसर पर डॉ. संदीप कुमार, डॉ. प्रीति शर्मा, धीरज सिंह, सुनीता सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।