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चार दिन पहले हो गई थी इमरान की मौत, नहीं दी गई सूचना

Fri, 15 May 2020 02:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 15 May 2020 02:03 AM IST
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Imran died four days ago No information given
चार दिन पहले हो गई थी इमरान की मौत, नहीं दी गई सूचना
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मेरठ। दिल्ली रेफर किए गए कोरोना पॉजिटिव मरीज इमरान की चार दिन पहले दिल्ली में मौत हो गई, लेकिन परिजनों या मेरठ स्वास्थ्य विभाग को मौत की सूचना तक नही दी गई। उसके साथ भर्ती मरीज के फोन करने पर परिजन बृहस्पतिवार को दिल्ली पहुंचे तो उन्हें इमरान की मौत की जानकारी हुई। परिजनों का कहना है कि वह अगर दिल्ली नहीं जाते तो उन्हें पता ही नहीं चलता कि इमरान का इंतकाल हो गया है।
लिसाड़ीगेट क्षेत्र के अहमदनगर निवासी इमरान को दिमाग से जुड़ी बीमारी के चलते 26 अप्रैल को मेरठ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 29 अप्रैल को वह कोरोना पॉजिटिव आया। हालत गंभीर होने पर एक मई को उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। शहर विधायक रफीक अंसारी ने बताया कि 9 मई तक इमरान का इलाज दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में चला। इस दौरान परिजनों की उससे बात होती रही। 9 मई के बाद कोई फोन नही आया। 11 मई को साथी मरीज ने फोन पर बताया कि आपके मरीज की मौत हो चुकी है। अस्पताल आकर पता कर लो। इस पर परिजनों ने मेडिकल प्राचार्य और सीएमओ से बात की। उन्होंने कहा कि दिल्ली से ऐसी कोई सूचना नहीं आई है। परेशान परिजन दिल्ली के लोकनायक अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि 10 मई को ही इमरान की मौत हो गई।
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दिल्ली में 9 घंटे नहीं मिला इलाज
कोरोना एवं अन्य बीमारी से पीड़ित इमरान जिंदा रहने के दौरान भी स्वास्थ्य विभाग की लचर और लापरवाह व्यवस्था से जूझता रहा। मरने के बाद भी उसे सिस्टम में लगी दीमक ने नही छोड़ा। एक मई को जब उसे मेडिकल से दिल्ली रेफर किया गया, तब दिल्ली के किसी अस्पताल में उसे भर्ती नहीं किया। नौं घंटों तक वह एंबुलेंस से अलग अलग अस्पतालों के चक्कर लगाता रहा, दर्द से कराहता रहा। रात 11 बजे शहर विधायक रफीक अंसारी ने सीएमओ और मेडिकल कॉलेज प्राचार्य से बात की। उसके बाद रात एक बजे उसे भर्ती किया गया। अमर उजाला में यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित कर सिस्टम पर सवाल भी उठाए थे।
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ब्रेन ट्यूमर से भी पीड़ित था इमरान
परिजनों ने बताया कि इमरान को ब्रेन ट्यूमर था, जिसका इलाज शहर के एक निजी चिकित्सक से चल रहा था। डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए तीन लाख रुपये की मांग की थी। आर्थिक हालत कमजोर होने के कारण परिजनों ने उसे 26 अप्रैल को मेडिकल अस्पताल में भर्ती करा दिया था।
कोरोना से जीता, लेकिन ब्रेन ट्यूमर से हारा
ब्रेन ट्यूमर का इलाज कराने के लिए भर्ती कराए गए इमरान की मेडिकल कॉलेज में कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उपचार के दौरान उसने कोरोना से जंग जीत ली थी। यह खुलासा उसकी रिपोर्ट से हुआ। 10 मई को मौत होने के बाद दिल्ली में 11 मई को उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। इससे साफ है कि वह कोरोना से जीत गया, लेकिन ब्रेन ट्यूमर से नहीं जीत सका। इसके बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। वे उसे लेकर मेरठ आ गए हैं।

नोडल अधिकारी को किया मेल
सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि इमरान मौत मामले में स्टेट सर्विलांस ऑफिसर को मेल किया गया है। उनसे पूछा गया है कि लोकनायक अस्पताल ने मेरठ स्वास्थ्य विभाग को सूचना क्यों नहीं दी। अभी जवाब नहीं आया है। फिलहाल इमरान कोरोना मरीजों की सूची में ही है। कोरोना होने पर ही उसका इलाज शुरू हुआ था। हालांकि उसकी मौत का कारण ब्रेन ट्यूमर बताया जा रहा है। कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव बताई जा रही है। डेथ ऑडिट में उसका नाम कोरोना मरीजों की सूची से निकाल दिया जाएगा।
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