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Meerut News: बचपन में नहीं रखा ख्याल तो जवानी में बूढ़े हो जाएंगे दांत

Thu, 26 Dec 2024 12:58 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 26 Dec 2024 12:58 PM IST
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If you don't take care in childhood, your teeth will become old in youth.
मेरठ। अगर आपके बच्चों के दूध के दांत खराब हो रहे हैं तो उन्हें नजरअंदाज कतई न करें। यह न सोचें कि बाद में अच्छे दांत आएंगे और वह सही रहेंगे। अगर इनका ख्याल नहीं रखा गया तो अच्छे दांत आने पर जल्दी ही यह खराब होने शुरू हो जाएंगे। इनमें कैविटी (कीड़ा लगना), मसूड़ों का कमजोर होना, मसूड़ों में सूजन आम हो जाएगा। ऐसा हम नहीं बल्कि एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के दंत रोग विभाग द्वारा दो साल में 10 साल तक के 1000 हजार बच्चों पर की गई स्टडी में पता चला है।
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दंत रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रियाज अहमद ने बताया कि बच्चों के दांतों के अवलोकन में पता चला कि जिन बच्चों के दूध के दांत खराब हुए और बाद में उनके जो अच्छे दांत आ रहे हैं, उनमें किसी की बनावट खराब है तो किसी के मसूड़ों में सूजन निकली। एक हजार में से 517 बच्चों के साथ ऐसा निकला। आने वाले समय में जैसे-जैसे उम्र बढ़ेगी उनके सही दांत निकल आएंंगे, लेकिन यह उन बच्चों के दांतों जितने मजबूत और स्वस्थ नहीं होंगे, जिन बच्चों के दूध के दांत खराब नहीं हुए। या खराब हुए तो उनका सही समय पर इलाज करा लिया गया। उन्होंने बताया कि आमतौर पर बच्चों के दांत में सड़न होने के 18 से 24 महीने के बाद दर्द शुरू होता है। दूध के दांत सात से आठ साल के बीच टूटते हैं। जरूरी है कि दांतों की सड़न का समय रहते इलाज कराया जाए। सड़न की स्थिति में बच्चों के दांतों में भी फिलिंग कर उसे बचने का प्रयास किया जाता है।
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बच्चों के दांत खराब होने की वजह
- सफाई न करना
- फास्ट फूड खाना
- टॉफी-चॉकलेट, चिप्स खाना
- खाने में न्यूट्रिशन न मिलना
- कैल्शियम, मैग्नीशियम, विटामिन की कमी
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...इसलिए लगता है कीड़ा
मेडिकल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नवरत्न ने बताया कि बोतल से दूध पीते-पीते सो जाने पर बच्चे के मुंह में मीठा चिपका रह जाता है। कई घंटों तक इसके दांतों पर रहने से बैक्टीरिया पनपता है, जिससे दांतों में कीड़ा लग जाता है।
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ये सावधानी बरतें
शिशु के तीन महीने का होने के बाद एक सूती गीले कपड़े से उसके मसूड़ों को हल्के हाथ से पोंछें।
जब भी बोतल से दूध पिलाएं, ऐसा जरूर करें, ताकि मुंह से मीठापन हट जाए।
पहला दांत आने पर उसे मुलायम ट्रूथब्रश से साफ करना चाहिए।
शिशु के 18 महीने के होने के तक ट्रूथब्रश पर सिर्फ पानी डालकर दांत साफ करें।
बच्चों को बोतल के बजाय चम्मच, कटोरी या गिलास से दूध पिलाना चाहिए।

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