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भूमि कब्जा मुक्त नहीं कराई तो कर लूंगा आत्मदाह
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भूमि कब्जा मुक्त नहीं कराई तो कर लूंगा आत्मदाह
सरधना। सोमवार को कमिश्नर कार्यालय में अजीब स्थिति पैदा हो गई। कार्यालय पहुंचे दबथुवा निवासी वृद्ध ने मंडलायुक्त के हाथ में गीता थमाते हुए चरागाह की भूमि कब्जा मुक्त कराने की मांग की। उसने कहा कि यदि शिकायत पर सुनवाई नहीं हुई तो वह आत्मदाह कर लेगा। मंडलायुक्त ने वृद्ध की शिकायत पर एसडीएम को मौके पर जाकर जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
70 वर्षीय अशोक कुमार ने बताया कि वह लगातार पांच वर्षों से पशु चरागाह की भूमि कब्जा मुक्त कराने के लिए तहसील से लेकर जिले के आला अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। सोमवार को कमिश्नर सुरेंद्र सिंह से मिलने के बाद उसे न्याय की उम्मीद जगी है। उसने बताया कि गांव में चार हजार वर्ग गज से अधिक भूमि पशु चरागाह की है, जिसका सरकारी सर्किल रेट दो करोड़ रुपये से अधिक है, उसे कब्जा मुक्त कराने के लिए दर्जनभर शिकायत पत्र तहसील स्तर, संपूर्ण समाधान दिवस, दो बार डीएम और तत्कालीन कमिश्नर को भी दो बार शिकायत पत्र दिए, लेकिन आज तक उसकी शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया गया।
वह शिकायत सही कर रहा है या गलत उसके लिए वह अपने साथ गीता लेकर आया है, क्योंकि कोर्ट में जज भी गीता पर हाथ रखकर कसम खिलाते हैं। साहब पशु चरागाह की भूमि कब्जा मुक्त कराने के लिए उसे आत्मदाह कर जान देनी पडे़ तो भी पीछे नहीं हटेगा। लेकिन भूमि कब्जा मुक्त होने तक वह अपनी आवाज उठाता रहेगा।
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जांच कर भूमि कब्जा मुक्त कराएंगे
दबथुवा में पशु चरागाह की भूमि के मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। तहसील की टीम भेजकर व स्वयं भी मौके पर जाकर जांच कर भूमि को कब्जा मुक्त कराएंगे। -अमित कुमार भारतीय, एसडीएम, सरधना
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सरधना। सोमवार को कमिश्नर कार्यालय में अजीब स्थिति पैदा हो गई। कार्यालय पहुंचे दबथुवा निवासी वृद्ध ने मंडलायुक्त के हाथ में गीता थमाते हुए चरागाह की भूमि कब्जा मुक्त कराने की मांग की। उसने कहा कि यदि शिकायत पर सुनवाई नहीं हुई तो वह आत्मदाह कर लेगा। मंडलायुक्त ने वृद्ध की शिकायत पर एसडीएम को मौके पर जाकर जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
70 वर्षीय अशोक कुमार ने बताया कि वह लगातार पांच वर्षों से पशु चरागाह की भूमि कब्जा मुक्त कराने के लिए तहसील से लेकर जिले के आला अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। सोमवार को कमिश्नर सुरेंद्र सिंह से मिलने के बाद उसे न्याय की उम्मीद जगी है। उसने बताया कि गांव में चार हजार वर्ग गज से अधिक भूमि पशु चरागाह की है, जिसका सरकारी सर्किल रेट दो करोड़ रुपये से अधिक है, उसे कब्जा मुक्त कराने के लिए दर्जनभर शिकायत पत्र तहसील स्तर, संपूर्ण समाधान दिवस, दो बार डीएम और तत्कालीन कमिश्नर को भी दो बार शिकायत पत्र दिए, लेकिन आज तक उसकी शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया गया।
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वह शिकायत सही कर रहा है या गलत उसके लिए वह अपने साथ गीता लेकर आया है, क्योंकि कोर्ट में जज भी गीता पर हाथ रखकर कसम खिलाते हैं। साहब पशु चरागाह की भूमि कब्जा मुक्त कराने के लिए उसे आत्मदाह कर जान देनी पडे़ तो भी पीछे नहीं हटेगा। लेकिन भूमि कब्जा मुक्त होने तक वह अपनी आवाज उठाता रहेगा।
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जांच कर भूमि कब्जा मुक्त कराएंगे
दबथुवा में पशु चरागाह की भूमि के मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। तहसील की टीम भेजकर व स्वयं भी मौके पर जाकर जांच कर भूमि को कब्जा मुक्त कराएंगे। -अमित कुमार भारतीय, एसडीएम, सरधना