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प्रकृति सुरक्षित तो हम भी सुरक्षित : गजेंद्र समर्थी
Sat, 06 Dec 2025 07:07 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Sat, 06 Dec 2025 07:07 PM IST
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शुकतीर्थ के हनुमान धाम में भागवत कथा व्यास का पुजन करते श्रद्धालु। स्रोत आश्रम।
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना। कथा व्यास पंडित गजेंद्र सामर्थी ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने चोरी नहीं की लेकिन सभी के चित्त का आकर्षण किया। भगवान श्री कृष्ण ने सबके मन को मोहने के लिए सबके मनोरथों को सिद्ध करने के लिए यह बाल लीलाएं करते रहे।
शुक्रतीर्थ स्थित हनुमत धाम में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में उन्होंने कहा कि गो पालन के लिए गाय की रक्षा के लिए और हम सभी भक्तों की रक्षा के लिए सभी भक्तों के मनोरथ को सिद्ध करने के लिए धरा धाम पर अवतार लेकर के आए ।
गोवर्धन लीला के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण ने अहंकारियों का मान मर्दन किया । भगवान ने प्रकृति की पूजा करना सिखाया। प्रकृति सुरक्षित है तो हम सुरक्षित हैं । आयोजक पंडित सुरेश मुदगल कथा के मुख्य भूमिका निभा रहे है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना। कथा व्यास पंडित गजेंद्र सामर्थी ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने चोरी नहीं की लेकिन सभी के चित्त का आकर्षण किया। भगवान श्री कृष्ण ने सबके मन को मोहने के लिए सबके मनोरथों को सिद्ध करने के लिए यह बाल लीलाएं करते रहे।
शुक्रतीर्थ स्थित हनुमत धाम में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में उन्होंने कहा कि गो पालन के लिए गाय की रक्षा के लिए और हम सभी भक्तों की रक्षा के लिए सभी भक्तों के मनोरथ को सिद्ध करने के लिए धरा धाम पर अवतार लेकर के आए ।
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गोवर्धन लीला के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण ने अहंकारियों का मान मर्दन किया । भगवान ने प्रकृति की पूजा करना सिखाया। प्रकृति सुरक्षित है तो हम सुरक्षित हैं । आयोजक पंडित सुरेश मुदगल कथा के मुख्य भूमिका निभा रहे है।
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