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तैयारी तेज: खेल विश्वविद्यालय के लिए जल्द होगा जल विज्ञान सर्वे, सलावा पहुंचे आईआईटी रुड़की के इंजीनियर
Tue, 26 Apr 2022 01:48 PM IST
Dimple Sirohi
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Tue, 26 Apr 2022 01:48 PM IST
सार
मेरठ में बनने वाले खेल विश्वविद्यालय के लिए प्रस्तावित जमीन गंगनहर से आठ फीट गहराई में है। ऐसे में इसके लिए पहले 36.9 हेक्टेयर जमीन में मिट्टी का भराव होगा। सर्वे के बाद डीपीआर तैयार होगी।
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सर्वे के लिए पहुंची टीम
- फोटो : amar ujala
विस्तार
मेरठ से सटे सरधना में गंगनहर किनारे 36.9 हेक्टेयर में 700 करोड़ की लागत से प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। सोमवार को आईआईटी रुड़की के इंजीनियरों की टीम ने खेल विवि की जमीन देखी। यह जमीन गंगनहर से आठ फीट गहरी है इसलिए पहले यहां मिट्टी का भराव होगा। जल्द ही जल विज्ञान सर्वे होगा। इसी के बाद विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होगी।
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प्रधानमंत्री मोदी ने दो जनवरी को सलावा में खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया था। खेल विश्वविद्यालय में प्रथम वर्ष में 1080 प्रवेश करने का लक्ष्य है। सोमवार को आईआईटी रुड़की की टीम का नेतृत्व कर रहे प्रोफेसर सतेन्द्र मित्तल और प्रोफेसर एसके घोष ने गंगनहर के पानी से भविष्य में खेल विवि के भवनों पर पड़ने वाले प्रभाव और भूमि की गहराई का निरीक्षण किया। विवि का डिजाइन तैयार करने वाले डीडीएफ कंसल्टेंट को भी उन्होंने कई सुझाव दिए। उन्होंने बताया कि जल विज्ञान सर्वे के बाद मिट्टी के नमूने, बारिश की मात्रा आदि की जानकारी एकत्र की जाएगी।
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डिजाइन देखा, प्रस्तावित भवनों की ली जानकारी
आईआईटी रुड़की के इंजीनियरों की टीम ने सबसे पहले प्रस्तावित खेल विवि की जमीन की गहराई को भरने की बात कही है। इसके बाद ही अन्य कार्य शुरू किए जा सकते हैं।
डीएफ कंसल्टेंट के प्रतिनिधियों ने इंजीनियरों की टीम को विश्वविद्यालय में खेल के मैदान, भवन स्थल, खिलाड़ियों के आवास, पुस्तकालय, बैंक की जानकारी दी। इस मौके पर लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता देवपाल सिंह, अवर अभियंता आसिफ, मैनेजर धनंजय सिंह व कीर्ति गुप्ता आदि मौजूद रहे।
प्रदेश का पहला खेल विवि एक नजर में:
कुल लागत प्रस्तावित - 700 करोड़
कुल जमीन प्रस्तावित - 36 हेक्टेयर
एक वर्ष में कुल प्रवेश - 1080