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Meerut: नौकरी का झांसा देकर युवकों को चीन की कंपनी को बेचा, मानव तस्करी गिरोह के दो गिरफ्तार

Fri, 16 Jan 2026 04:21 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: डिंपल सिरोही Updated Fri, 16 Jan 2026 04:21 PM IST
सार

मुजफ्फरनगर में नौकरी का झांसा देकर युवकों को कंबोडिया भेजकर चीनी कंपनी को बेचने वाले मानव तस्करी गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आईबी टीम पूछताछ कर रही है।

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Human Trafficking Racket Busted: Youths Sold to Chinese Company on Job Pretext, Two Arrested
कंबोडिया में नौकरी दिलाने के नाम पर मानव तस्करी

विस्तार

सुनहरे भविष्य और अच्छी नौकरी का लालच देकर कंबोडिया में दो युवकों को एक चीनी कंपनी को बेचने वाले गिरोह के दो सदस्यों को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस गिरोह के एक अन्य सदस्य की तलाश जारी है। गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ में मानव तस्करी के इस भयावह धंधे का खुलासा हुआ। पुलिस और आईबी की टीम जांच कर रही है। अकेले मुजफ्फरनगर के करीब 15 युवक कंबोडिया में फंसे हुए हैं।

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पुलिस लाइन में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि साइबर क्राइम थाने को यह सूचना मिली थी कि कुछ गिरोह भारतीय युवाओं को अच्छी नौकरी का झांसा देकर विदेश भेज रहे हैं और वहां उन्हें साइबर ठगी व मानव तस्करी में लिप्त कर रहे हैं।
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इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ऐसे ही एक गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने कुछ युवकों को कंबोडिया भेजा था, जहां उन्हें एक चीनी कंपनी को बेच दिया गया। इन पीड़ितों को बंधक बनाकर उनसे साइबर ठगी का काम कराया जा रहा था।

पुलिस ने इस मामले में शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव तावली निवासी आस मोहम्मद और खतौला निवासी जावेद को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद हुआ है। पुलिस को अभी भी थाना खालापार के मोहल्ला रहमतनगर निवासी अनवर अहमद अंसारी उर्फ शाबरी की तलाश है, जो इस गिरोह का मुख्य सरगना बताया जा रहा है।

 आरोपियों ने बुना जाल और कंबोडिया पहुंच गए पीड़ित
आरोपी आस मोहम्मद ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह 2013 से 2023 तक कतर में फायरमैन, टोलमैन और इंजेक्टर मैन के रूप में काम कर चुका है। जुलाई 2025 में उसने ट्रेवल एजेंट का काम शुरू किया। एशिया पावर व एमजी वाला जैसी कंपनियों के माध्यम से विदेश में युवकों को भेजने का काम किया। उसने अब तक छह युवकों को सऊदी अरब, कुवैत और दुबई भेजा है।

अनवर अंसारी उर्फ शाबरी ने उसे बताया था कि उसे कंप्यूटर टाइपिंग और एक्सेल का काम जानने वाले व्यक्तियों की आवश्यकता है। उसके माध्यम से तावली निवासी वसीम और मंसूरपुर क्षेत्र निवासी मोहिन को 20 दिसंबर 2025 को कंबोडिया भेज दिया था।

दो दिन बाद ही आई उत्पीड़न की शिकायत, खुला मामला
कंबोडिया जाने के बाद पीड़ितों ने 22 दिसंबर को चीन की कंपनी में शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न की शिकायत की। जब आस मोहम्मद ने यह बात अनवर अंसारी को बताई, तो उसने इसके बदले 2500 अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त मांग की। युवकों के परिजनों ने भी जब व्हाट्सएप के माध्यम से अपने बच्चों की परेशानी के बारे में जाना, तो उन्होंने उन्हें वापस लाने का दबाव बनाया।

इसके बाद, दोनों युवकों के परिजनों ने अनवर अंसारी और खालापार थाने के मोहल्ला योगेंद्रपुरी निवासी हाजी इमरान को पैसे दिए। पैसे लेने के बाद, ये दोनों 26 दिसंबर को कंबोडिया चले गए और 10 जनवरी को दोनों युवकों को वापस लाया गया।
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