{"_id":"57a6352a4f1c1b2f1a2b8aad","slug":"htatyaropi-sipahi","type":"story","status":"publish","title_hn":" हत्यारोपी सिपाही की फाइल गायब, हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्यारोपी सिपाही की फाइल गायब, हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Sun, 07 Aug 2016 02:05 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
उप्र पुलिस विभाग के तीन जिलों के अधिकारियों में इन दिनों हड़कंप मचा हुआ है। दरअसल 2005 मेें विभाग में कांस्टेबल के रूप में तैनाती पाने वाले युवक की भर्ती से संबंधित फाइल गायब है। मामले की जांच कर रहे नोएडा के सीओ फाइल की तफ्तीश के लिए शनिवार को मेरठ पहुंचे। कांस्टेबल पर भर्ती होने से पहले हत्या करने का आरोप है। आरोप है कि कांस्टेबल ने शिकायत होने पर विभाग से फाइल ही गायब करा दी।
सीओ ने पूरे प्रकरण की जानकारी एसएसपी जे. रविन्दर गौड़ को दी है। इससे विभाग के बाबूओं में अफरातफरी मची हुई है।बागपत के दोघट क्षेत्र का एक सिपाही 2005 में यूपी पुलिस में कांस्टेबल पद पर भर्ती हुआ था। उस समय कई सिपाहियों के लिए एक जांच कमेटी बनाई गई थी।
जांच कमेटी ने रिपोर्ट के साथ ही भर्ती की मूल फाइल संबंधी दस्तावेज मेरठ भेजे थे। कुछ समय बाद पुलिस विभाग को शिकायत मिली कि दोघट क्षेत्र के इस सिपाही पर भर्ती होने से पहले हत्या करने का आरोप है। आरोपी नाम और अन्य जानकारियां बदलकर भर्ती हुआ है। शपथपत्र में दी गईं जानकारी भी गलत हैं। इस पर उच्च अधिकारियों ने विभागीय जांच शुरू कराई तो फाइल ही गायब मिली। एक साल पहले भी जांच कर रहे सीओ मेरठ पुलिस ऑफिस और पुलिस लाइन पहुंचे थे, लेकिन फाइल नहीं मिली। शनिवार को दोबारा से नोएडा के सीओ पुलिस लाइन पहुंचे।
विज्ञापन
आरआई सत्यप्रकाश शर्मा ने पूरे मामले की जांच कराई। आरआई ने बताया कि यह रिकार्ड उनके समय से पूर्व का है। उधर, सीओ ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि यह फाइल बक्से में है। आरआई ने बक्सा एसएसपी के आदेश पर ही खोलने का नियम बताया। इस पर सीओ ने एसएसपी को उनके ऑफिस पहुंचकर जानकारी दी। एसएसपी ने वरिष्ठ लिपिक से इस बारे में जवाब मांगा है। उधर, देर रात आरआई ने जानकारी दी कि कुछ कागजात मिल गए हैं।
विज्ञापन
सीओ ने पूरे प्रकरण की जानकारी एसएसपी जे. रविन्दर गौड़ को दी है। इससे विभाग के बाबूओं में अफरातफरी मची हुई है।बागपत के दोघट क्षेत्र का एक सिपाही 2005 में यूपी पुलिस में कांस्टेबल पद पर भर्ती हुआ था। उस समय कई सिपाहियों के लिए एक जांच कमेटी बनाई गई थी।
विज्ञापन
जांच कमेटी ने रिपोर्ट के साथ ही भर्ती की मूल फाइल संबंधी दस्तावेज मेरठ भेजे थे। कुछ समय बाद पुलिस विभाग को शिकायत मिली कि दोघट क्षेत्र के इस सिपाही पर भर्ती होने से पहले हत्या करने का आरोप है। आरोपी नाम और अन्य जानकारियां बदलकर भर्ती हुआ है। शपथपत्र में दी गईं जानकारी भी गलत हैं। इस पर उच्च अधिकारियों ने विभागीय जांच शुरू कराई तो फाइल ही गायब मिली। एक साल पहले भी जांच कर रहे सीओ मेरठ पुलिस ऑफिस और पुलिस लाइन पहुंचे थे, लेकिन फाइल नहीं मिली। शनिवार को दोबारा से नोएडा के सीओ पुलिस लाइन पहुंचे।
विज्ञापन
आरआई सत्यप्रकाश शर्मा ने पूरे मामले की जांच कराई। आरआई ने बताया कि यह रिकार्ड उनके समय से पूर्व का है। उधर, सीओ ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि यह फाइल बक्से में है। आरआई ने बक्सा एसएसपी के आदेश पर ही खोलने का नियम बताया। इस पर सीओ ने एसएसपी को उनके ऑफिस पहुंचकर जानकारी दी। एसएसपी ने वरिष्ठ लिपिक से इस बारे में जवाब मांगा है। उधर, देर रात आरआई ने जानकारी दी कि कुछ कागजात मिल गए हैं।