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कैसे होगी कार्रवाई, कहीं हो न जाए टकराव
Tue, 12 Feb 2019 02:32 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Tue, 12 Feb 2019 02:32 AM IST
सार
- याकूब कुरैशी की अलीपुर स्थित मीट फैक्टरी में आज होनी है सील की कार्रवाई
- याकूब ने मंगलवार को ही फैक्टरी में आयोजित किया बसपा का सम्मलेन
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मेरठ
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विस्तार
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पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी की फैक्टरी को सील करने के लिए एक तरफ एमडीए और प्रशासन की पूरी तैयारी है। इससे बचने के लिए याकूब कुरैशी ने फैक्टरी में मंगलवार को ही बसपा का सम्मेलन रख दिया है। सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में पुलिस प्रशासन को फैक्टरी पर कार्रवाई करना आसान नहीं होगा।
अलफहीम मीटेक्स पर कार्रवाई के लिए एमडीए तथा प्रशासन ने 12 फरवरी की तारीख तय कर रखी है। मुख्य रूप से ग्रीन वर्ज में बने फैक्टरी के भाग पर सील लगानी है। उधर याकूब बसपा से लोकसभा क्षेत्र प्रभारी हैं। इसी को लेकर याकूब ने मंगलवार को फैक्ट्री पर कार्यकर्ता सम्मेलन बुला रखा है। यहां बसपा के वेस्ट यूपी प्रभारी शमुशुद्दीन राइन भी मौजूद रहेंगे।
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पहलेे भी हो चुका है ऐसा
करीब चार वर्ष पूर्व प्रदूषण, पशु पालन, एमडीए व पुलिस प्रशासन की टीम जब इस फैक्ट्री में जांच करने गई थी। यहां सैकड़ों लोग विरोध में आ गए थे। किसी भी विभाग की टीम को अंदर ही नहीं घुसने दिया गया था। टीम जबरन अंदर घुसी तो भीड़ ने अधिकारियों को घेरकर बंधक बना लिया था। अंतत: टीम को बिना कार्रवाई के ही लौटना पड़ा था।
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हो सकता है टकराव
यदि मंगलवार को तय समय पर फैक्ट्री सील करने की कार्रवाई की जाती है तो भारी पुलिस बल की जरूरत होगी। यदि सील की कार्रवाई नहीं टली तो टकराव की स्थिति बन सकती है। कार्रवाई में डीएम अनिल ढींगरा ने सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम, चार सीओ, एक थाना प्रभारी, 18 उपनिरीक्षक, 46 कांटेबल, 18 महिला कांस्टेबल सहित दंगा नियंत्रण, उपकरण, फायर ब्र्रिगेड की दो गाड़ियां और पीएसी की दो प्लाटून की मंजूरी दे दी है।
हाईकोर्ट में नहीं हो सकी सुनवाई
प्रकरण को लेकर याकूब पक्ष की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इसके लिए सोमवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन सुनवाई नहीं हो पाई। माना जा रहा है मंगलवार को इस पर सुनवाई होगी। याकूब पक्ष को यह उम्मीद थी कि शायद सोमवार को स्टे मिल जाएगा पर ऐसा नहीं हो सका।
बीच का रास्ता निकालने की मशक्कत
मामले में सोमवार रात को ही बीच का रास्ता निकालने की कवायद शुरू हो गई थी। माना जा रहा था कि याकूब पक्ष रात को ही यह लिखकर दे देगा कि वह खुद ही संचालन बंद कर लेंगे। ऐसे में इतने ज्यादा लाव लश्कर की जरूरत नहीं। एमडीए की टीम धीरे से सील लगाने की कार्रवाई कर देगी। यानी काम भी हो जाएगा और हंगामा भी नहीं होगा।
वर्जन
एमडीए ने जितना मांगा उतना फोर्स दे दिया है। पीएसी तक दी गई है। यह तो तय है कि कार्रवाई होगी। किसी तरह का विरोध भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एमडीए टीम को सील करके ही लौटना चाहिए। -अनिल ढींगरा, डीएम