फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   How to get rid of city jam, plan is imprisoned in files

मेट्रो का वादा है...जाम बहुत ज्यादा है, फाइलों से बाहर नहीं निकल सके एमडीए के प्लान

Wed, 21 Aug 2019 04:35 AM IST
Gaurav sharma दीपक भारद्वाज, अमर उजाला, मेरठ
दीपक भारद्वाज, अमर उजाला, मेरठ Published by: Gaurav sharma Updated Wed, 21 Aug 2019 04:35 AM IST
विज्ञापन
How to get rid of city jam, plan is imprisoned in files
मेरठ विकास प्राधिकरण कार्यालय - फोटो : अमर उजाला
शहर में लगने वाला जाम शहरवासियों के लिए नासूर बनता जा रहा है। शहर को जाम मुक्त कराने के लिए एमडीए ने ओवरब्रिज और फुट ओवर ब्रिज के लिए प्लान तैयार किए। लेकिन एक भी प्लान फाइलों से बाहर नहीं निकल सका।
विज्ञापन


शहर के चौराहों पर ई-रिक्शा, ऑटो, डग्गामार बसों का कब्जा है। वहीं, पुलिस-प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। शासन की सख्ती के बाद चौराहों को जाम मुक्त कराने के लिए दिखावे के लिए अतिक्रमण अभियान चलाए जाते हैं। लेकिन इसके बाद फिर यह जाम की गिरफ्त में आ जाता है। शहर के हापुड़ अड्डा, बेगमपुल, तेजगढ़ी चौराहों पर प्लान तैयार किए गए थे। लेकिन शहर में मेट्रो रूट के प्रस्तावित होने की वजह से सभी प्लान धड़ाम हो गए।
विज्ञापन

मेट्रो का वादा है...जाम बहुत ज्यादा है
एक तरफ प्रदेश सरकार की तरफ से शहर में मेट्रो चलाने का वादा कई बार हो चुका है। लेकिन अभी तक ऐसा कोई भी प्लान एमडीए की तरफ से तैयार नहीं किया गया है। जिससे न तो अभी मेट्रो का शहर में चलाए जाने का कोई प्लान है और न ही जाम कम करने के लिए कोई चर्चा है।

जाम के झाम से छुटकारा दिलाने के लिए चौराहों पर फुटओवर ब्रिज, ओवरब्रिज पर तत्कालीन कमिश्नर डा. प्रभात कुमार के समय तेजी से कार्य किया गया। लेकिन यह सब फाइलों में कैद होकर रह गया। सरकार ने पिछले दिनों उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल निगम बनाकर कई शहरों में मेट्रो दौड़ाने का प्लान तैयार किया है। लेकिन इस प्लान मेें भी अभी तक मेरठ का नाम कोसो दूर है।

डीपीआर कब तक बनेगी भगवान भरोसे हैं
कमिश्नर के निर्देश पर अर्बन मास ट्रांजिट कंपनी नौ चौराहों को जाम मुक्त करने के लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर रही है। जुलाई से चौराहों का सर्वे शुरू किया गया था। लेकिन एक बार यह कार्य सुस्त पड़ गया है। हालांकि, कंपनी को दो महीने में सर्वे कर रिपोर्ट सौंपनी है। इसके बाद चौराहों पर स्मार्ट सिग्नल सहित अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। जिससे शहरवासियों को जाम से मुक्त किया जा सके। लेकिन यह सुविधाएं कब तक अमलीजामा पहनेंगी, इसका जवाब किसी भी अधिकारी के पास नहीं है। इसके लिए हापुड़ अड्डा, बेगमपुल, तेजगढ़ी, जेलचुंगी, बागपत रोड, बच्चा पार्क चौराहे को लिया गया है।  

सोमवार को गाजियाबाद में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में शहर के विकास के लिए चल रही योजनाओं के बारे में जानकारी ली गई। जिसमें शहर को गति देने के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बारे में एमडीए अधिकारियों ने विस्तार से बताया। लेकिन यहां भी शहर को जाम मुक्त करने के लिए एक भी प्लान पर चर्चा नहीं की गई। इसके अलावा 14 अगस्त को एमडीए बोर्ड बैठक में 20 बिंदुओं पर कमिश्नर की अध्यक्षता में चर्चा की गई। लेकिन इसमें भी शहर के चौराहों को जाम मुक्त करने के लिए कोई भी सुझाव या प्लान नहीं रखा गया।  
विज्ञापन

चौराहों पर लगने वाले जाम का कारण
1. ऑटो और ई-रिक्शा के लिए पार्किंग न होना।
2. बस के लिए बनाए गए स्टॉपेज पर बसों का न रुकना।
3. चौराहों के चारों तरफ रेहड़ी-ठेले वालों का खड़े होना।
4. चौराहों पर नियमानुसार बेरिकेडिंग का न लगाना।

हमने जानकारी दे दी
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में शहर के विकास को लेकर चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी ली गई थी। जिसमें हमने पूरी जानकारी दे दी है। -इश्तियाक अहमद, मुख्य नगर नियोजक एमडीए

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed